NEET Student Death Case: पटना के शंभू गर्ल्स हॉस्टल में रहकर नीट की तैयारी कर रही छात्रा की मौत मामले में अब POCSO एक्ट की धाराएं लगेंगी. पटना पुलिस की तरफ से इसकी तैयारी शुरू कर दी गई है. पुलिस सूत्रों की माने तो, FSL रिपोर्ट में छात्रा के कपड़े पर मेल स्पर्म की पुष्टि हुई थी, जिसके बाद दुष्कर्म की पुष्टी हुई. ऐसे में अब छात्रा को नाबालिग मानते हुए POCSO एक्ट लगाने की तैयारी शुरू कर दी गई है.
पुलिस आगे की कार्रवाई में जुटी
मामले में POCSO एक्ट लगाने के बाद आगे की कार्रवाई भी तेज कर दी गई है. जल्द ही एसआईटी कोर्ट में छात्रा को नाबालिग बताकर अन्य धाराओं को जोड़ेगी. इस पूरे घटना की जांच में सीआईडी भी जुट गई है. छात्रा के कपड़े पर मिले स्पर्म की डीएनए प्रोफाइल तैयार की जा रही है. इस प्रोफाइल में हॉस्टल मकान मालिक मनीष रंजन सहित 15 लोग शामिल हैं.
इन सभी का एक के बाद एक करके डीएनए टेस्ट कराया जायेगा और उसका छात्रा के कपड़ा पर मिले स्पर्म से मिलान किया जायेगा. इन 15 लोगों में वे लोग भी शामिल हैं, जिनसे छात्रा की काफी-काफी देर बात होती थी. पुलिस ने छात्रा के मोबाइल नंबर का सीडीआर निकाल कर उन लोगों के नाम को शॉर्ट लिस्ट कर लिया है.
पिता ने डीजीपी को लेटर लिख उठाए थे सवाल
इससे पहले छात्रा के पिता ने बिहार के डीजीपी विनय कुमार को लेटर लिखकर कई सवाल उठाए थे. लेटर में चित्रगुप्त नगर की थाना प्रभारी रोशनी कुमारी की भूमिका पर सवाल उठाए गए हैं. परिजनों ने जांच को शुरू से भटकाने का आरोप लगाया. परिजनों का कहना है कि हॉस्टल मालिक मनीष रंजन और संचालिका नीलम अग्रवाल के मोबाइल CDR की जांच न होना, शक को पुख्ता करता है. परिजनों को शक है कि पर्दे के पीछे से कोई ‘पावरफुल हाथ’ हैं. जो इस केस को रफा-दफा करने में लगे हैं.
दो पुलिसकर्मियों को किया था सस्पेंड
मामले में पुलिस ने चित्रगुप्त नगर की थानेदार रोशनी कुमारी और कदमकुआं के दारोगा हेमंत झा को सस्पेंड कर दिया था. अधिकारियों ने यह माना कि थानेदार रौशनी कुमारी और दारोगा हेमंत झा ने सूचना मिलने के बावजूद समय पर कोई कार्रवाई नहीं की. इस पूरे मामले को इग्नोर किया गया. जिस दिन घटना हुई, उसके तीन दिन बाद तक न हॉस्टल सील हुआ, न कमरा, न बिस्तर और न ही कपड़े. तीन दिन के बाद मामले में कार्रवाई शुरू की गई और फिर वरीय अधिकारियों को मिस लीड किया गया.
5 से 27 जनवरी तक क्या-क्या हुआ
5 जनवरी-छात्रा जहानाबाद स्थित घर से वापस हॉस्टल लौटी
6 जनवरी- दोपहर में तबीयत खराब हो गयी और हॉस्टल के बगल में सहज सर्जरी में भर्ती कराया गया. उसी दिन शाम को प्रभात मेमोरियल हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया.
9 जनवरी-मेदांत हॉस्पिटल में भर्ती किया गया.
11 जनवरी- इलाज के दौरान मौत हो गयी.
12 जनवरी- पुलिस ने पोस्टमार्टम करा कर परिजनों को शव सौंपा
13 जनवरी- परिजन चिता से शव लेकर कारगिल चौक आये और घिनौनी हरकत होने का आरोप लगाते हुए हंगामा किया. पुलिस ने सात नामजद व 150 अज्ञात पर किया केस दर्ज
16 जनवरी-पोस्टमार्टम रिपोर्ट यौन हिंसा की संभावना जतायी गयी.
17 जनवरी- डीजीपी के बयान पर एसआईटी का गठन, एडीजी अमित कुमार जैन, रेंज आइजी व एसएसपी ने हॉस्टल का निरीक्षण किया और हॉस्टल को सील कर दिया गया.
18 जनवरी- एसआइटी ने जांच शुरू की और जहानाबाद में परिजनों से पूछताछ की.
19 जनवरी- छात्रा के तमाम परिजनों से पूछताछ की और जगह-जगह पर लगे सीसीटीवी कैमरे के फुटेज को निकाल कर जांच की.
24 जनवरी-एफएसएल ने एसआइटी को जांच रिपोर्ट सौंपी, यौन उत्पीड़न की हुई पुष्टि, साथ ही चित्रगुप्त नगर थानाध्यक्ष रौशनी कुमारी व कदमकुआं थाने के अपर थानाध्यक्ष हेमंत कुमार झा को लापरवाही के आरोप में किया गया निलंबित
25 जनवरी-सीआइटी ने जांच की कमान संभाली.
27 जनवरी- POCSO एक्ट की धाराएं लगेंगी.
