Samrat Choudhary: 'मेरा नाम सम्राट चौधरी है, बुलडोजर बाबा नहीं', जानिए बिहार के डिप्टी सीएम ने क्यों कही ये बात

Samrat Choudhary: बिहार के डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी ने कहा कि उन्हें कोई और नाम नहीं दिया जाये. बुलडोजर से उनका कोई नाता नहीं है. आइये जानते हैं उन्होंने विपक्ष के नेता को कैसे जवाब दिया.

Samrat Choudhary: बिहार के डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी ने कहा कि उनका नाम न तो बुलडोजर बाबा है और न ही बुलडोजर से उनका कोई संबंध है. उन्होंने कहा कि मैं केवल सम्राट चौधरी के नाम से ही जाना जाता हूं. चौधरी ने विपक्ष के इस आरोप को खारिज कर दिया कि वह उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार की तर्ज पर बिहार में बुलडोजर राज कायम करना चाहते हैं.

नीतीश कुमार विकास के पर्याय

सम्राट चौधरी ने कहा कि बिहार सुशासन के लिए जाना जाता है, जिसके नीतीश कुमार पर्याय बन चुके हैं. उन्होंने साफ किया है कि बिहार में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सुशासन स्थापित किया है. यहां बुलडोजर कोई मुद्दा नहीं है. गुरुवार को विधानसभा में राज्यपाल के अभिभाषण पर सरकार की ओर से उत्तर देते हुए उप मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में अतिक्रमण हटाने का निर्णय न्यायालय ने लिया है और जिलों को इसका निर्देश दिया है.

माफियाओं को दी खुली चेतावनी

सम्राट चौधरी ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि राज्य के माफियाओं पर कार्रवाई होगी. चाहे वे जमीन माफिया, बालू माफिया या शराब माफिया हों, नीतीश कुमार के नेतृत्व में कोई नहीं बचेगा, इसकी वे गारंटी दे रहे हैं. सम्राट चौधरी ने कहा कि अब सार्वजनिक रूप से गाली देने वाली व्यक्ति को जेल जाना होगा.

इसके पहले अभिभाषण पर राजद के कुमार सर्वजीत ने सदन को बताया कि मीडिया में सम्राट चौधरी के कारण गरीबों की झोपड़ियां उजर रही है, इसलिए इनका नाम बुलडोजर बाबा रख दिया गया है. उन्होंने कहा कि गरीबों की झोपड़ी उजाड़ कर सम्राट अपना दूसरा नामकरण नहीं होने दें.

कुमार सर्वजीत को क्या जवाब दिया

उपमुख्यमंत्री ने विधानसभा में सरकार के जवाब में नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार की उपलब्धियां गिनाते हुए विपक्ष पर तीखा प्रहार किया. चौधरी ने कहा कि 2025 का चुनाव बिहार की जनता का आशीर्वाद है और जनता ने जिस विश्वास के साथ एनडीए को प्रचंड बहुमत दिया है उसी के अनुरूप सरकार काम कर रही है. उन्होंने कहा कि गरीबों को जमीन और पक्का मकान दिया जा रहा है. राशन दिया जा रहा है. यह सब किसी जाति, धर्म के भेदभाव के बिना किया जा रहा है.

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Author: Paritosh Shahi

परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.

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