Patna News: पटना जिले के मसौढ़ी प्रखंड क्षेत्र में पर्यावरण संरक्षण और हरित आवरण (ग्रीन कवर) को बढ़ावा देने के उद्देश्य से व्यापक स्तर पर मेगा पौधारोपण अभियान चलाया जा रहा है. 'विकसित भारत–जी रामजी योजना' के तहत जुलाई माह से शुरू हुए इस अभियान के अंतर्गत प्रखंड की सभी 17 पंचायतों में कुल 40,800 पौधे लगाने का लक्ष्य तय किया गया है. अभियान के तहत अब तक 28,800 पौधे सफलतापूर्वक लगाए जा चुके हैं. प्रशासन ने आगामी 10 अगस्त तक इस निर्धारित लक्ष्य को शत-प्रतिशत पूरा करने की समय-सीमा तय की है.
प्रत्येक पंचायत में 2,400 पौधे लगाने का लक्ष्य
मनरेगा कार्यक्रम पदाधिकारी राकेश नंदन ने योजना के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि प्रखंड की प्रत्येक पंचायत में 12 यूनिट गठित की गई हैं. प्रत्येक यूनिट के तहत 2,400 पौधे लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है. इस गणना के अनुसार, मसौढ़ी प्रखंड की 17 पंचायतों में कुल मिलाकर 40,800 पौधे रोपे जाने हैं. इस अभियान की खास बात यह है कि पौधे केवल सरकारी भूमि, सड़कों के किनारे या सार्वजनिक स्थलों पर ही नहीं, बल्कि इच्छुक ग्रामीणों और भू-स्वामियों की निजी जमीन पर भी लगाए जा रहे हैं.
छायादार, फलदार और बहुउपयोगी पौधों का किया जा रहा रोपण
इलाके की स्थानीय भौगोलिक परिस्थितियों और मिट्टी की गुणवत्ता को ध्यान में रखते हुए विभिन्न किस्मों के छायादार, फलदार और इमारती लकड़ी वाले पौधे चुने गए हैं. अभियान के तहत बरगद, पीपल, नीम, शीशम, महोगनी, सागवान, कटहल, आम, अमरूद, नींबू और जामुन जैसी प्रजातियों के पौधे लगाए जा रहे हैं. इस पहल का मुख्य उद्देश्य हरित क्षेत्र का विस्तार करना, जैव विविधता (बायोडायवर्सिटी) को सहेजना और भविष्य में फल व लकड़ी के माध्यम से स्थानीय लोगों को आर्थिक रूप से समृद्ध बनाना है.
सुरक्षा और देखभाल के लिए घेराबंदी की व्यवस्था
कार्यक्रम पदाधिकारी राकेश नंदन ने स्पष्ट किया कि केवल पौधारोपण ही नहीं, बल्कि पौधों के संरक्षण पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है. पौधों को मवेशियों और अन्य खतरों से बचाने के लिए ट्री-गार्ड या उपयुक्त घेराबंदी (ट्री-फेंसिंग) कराई जा रही है. साथ ही पौधों में नियमित सिंचाई और देखभाल की जिम्मेदारी भी तय की गई है. इस पौधारोपण अभियान से स्थानीय मजदूरों को मनरेगा के तहत रोजगार के अवसर भी मिल रहे हैं. प्रखंड प्रशासन ने आम नागरिकों से इस अभियान में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने और लगाए गए पौधों की रक्षा करने में सहयोग देने की अपील की है.
