Flood in Maner : मनेर के दियारा और निचले इलाकों में पिछले कई दिनों से बाढ़ का पानी जमा है. लगातार बढ़ रही परेशानियों से भयभीत दियारा क्षेत्र की छह पंचायतों के लोग अब धीरे-धीरे अपने घरों को छोड़कर सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन करने लगे हैं. कई परिवार घर में ताला लगाकर मनेर और आसपास के ऊंचे इलाकों में शरण ले रहे हैं.
घर से खेत तक पानी ही पानी
बाढ़ के पानी ने दियारा क्षेत्र में लोगों के घरों से लेकर खेतों तक को डुबो दिया है. लोगों के सामने खाने और शुद्ध पेयजल की बड़ी समस्या खड़ी हो गयी है. महिलाओं को सबसे अधिक परेशानी शौच को लेकर हो रही है. बाढ़ के कारण रोजमर्रा की जिंदगी पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गयी है.
बिजली गुल, रात में घर से निकलना मुश्किल
बाढ़ के कारण दियारा क्षेत्र की बिजली आपूर्ति भी बाधित है. शाम होते ही इलाके में अंधेरा छा जा रहा है. रात में घर से बाहर निकलना लोगों के लिए बेहद जोखिम भरा हो गया है. ग्रामीणों का कहना है कि रात में किसी की तबीयत बिगड़ने, महिला को प्रसव पीड़ा होने या अन्य स्वास्थ्य संबंधी आपात स्थिति आने पर अंधेरे और बाढ़ के पानी के बीच किसी तरह मनेर पहुंचना पड़ सकता है.
घर छोड़ने को मजबूर परिवार
छिहत्तर गांव की लीलावती देवी ने बताया कि बाढ़ के कारण महिलाओं को सबसे ज्यादा परेशानी हो रही है. गांव के कई लोग पलायन कर मनेर में रह रहे हैं. वहीं नगर परिषद क्षेत्र के बाढ़ प्रभावित जंगलिया टोला निवासी बादल गोस्वामी ने बताया कि घर में अब कोई सामान सुरक्षित नहीं बचा है. वह अपने बेटे की बची हुई साइकिल को सिर पर लेकर मनेर की ओर जा रहे हैं. फिलहाल मनेर में ही ठिकाना बनाया है.
राहत नहीं मिलने का आरोप
हल्दी छपरा निवासी राजेश ने आरोप लगाया कि गांव में रह रहे लोगों के लिए प्रशासन की ओर से खाने की कोई समुचित व्यवस्था नहीं की गयी है. उनका कहना है कि बाढ़ प्रभावित दियारा के लोगों को प्रशासन की ओर से अब तक पर्याप्त सुविधा नहीं मिल रही है.
कई घर डूबे, छतों पर कट रही जिंदगी
फौजिया गांव के रत्न टोला में दर्जनों घर बाढ़ के पानी में डूब चुके हैं. ग्रामीणों के अनुसार, कुछ परिवार अभी भी गांव में रुके हुए हैं, लेकिन उनके घरों में पानी भर जाने के कारण कई लोग छतों पर रहने को मजबूर हैं. बाढ़ के बीच सुरक्षित स्थान की तलाश में लगातार हो रहे पलायन से दियारा क्षेत्र की भयावह स्थिति का अंदाजा लगाया जा सकता है.
