पटना महावीर मंदिर में चढ़ावे की सुरक्षा कितनी पुख्ता

VIDEO: पटना महावीर मंदिर में चढ़ावे की सुरक्षा कितनी पुख्ता? हर मंगलवार होती है गिनती, CCTV से रखी जाती है नजर

राम मंदिर में चढ़ावे की चोरी के बाद भक्तों की चिंता बढ़ी है. इस बीच, पटना के महावीर मंदिर की चढ़ावा सुरक्षा व्यवस्था की पड़ताल की गई है. जानें कैसे पारदर्शिता और सुरक्षा सुनिश्चित की जाती है.

Ram Mandir Donation Scam : भक्त भगवान के दरबार में अपनी श्रद्धा के अनुसार रुपये, आभूषण और दूसरी चीजें अर्पित करते हैं. लेकिन जब मंदिर में चढ़ावे की चोरी का मामला सामने आता है, तो सबसे बड़ा सवाल यही उठता है कि भक्तों की ओर से चढ़ाया गया पैसा कितना सुरक्षित है और उसका हिसाब-किताब किस तरह रखा जाता है. राम मंदिर में चढ़ावे की चोरी के मामले के बाद देशभर में इस मुद्दे पर चर्चा तेज हुई है. इसी सवाल का जवाब तलाशने के लिए पटना के प्रसिद्ध महावीर मंदिर की व्यवस्था की पड़ताल की गयी.

हर मंगलवार के बाद होती है चढ़ावे की गिनती

महावीर मंदिर प्रशासन के अनुसार मंदिर के भेंट पात्रों में जमा होने वाले चढ़ावे की गिनती प्रत्येक मंगलवार के बाद की जाती है. इस प्रक्रिया में सिर्फ मंदिर के कर्मचारी ही शामिल नहीं होते, बल्कि पटना पुलिस प्रशासन के लोग भी मौजूद रहते हैं. मंदिर प्रशासन का कहना है कि इससे गिनती की प्रक्रिया में पारदर्शिता और निगरानी दोनों बनी रहती है.

गिनती करने वालों की ड्रेस में नहीं होती जेब

मंदिर प्रशासन ने चढ़ावे की गिनती करने वाले कर्मचारियों और अन्य लोगों के लिए विशेष व्यवस्था की है. मंदिर के ट्रस्ट से जुड़े सायन कुणाल के अनुसार गिनती के दौरान इस्तेमाल होने वाली ड्रेस में कोई पॉकेट नहीं होती. गिनती पूरी होने के बाद संबंधित लोगों की चेकिंग भी की जाती है. मंदिर प्रशासन का दावा है कि इस व्यवस्था का उद्देश्य चढ़ावे की रकम की सुरक्षा सुनिश्चित करना है.

CCTV से 24 घंटे निगरानी का दावा

महावीर मंदिर परिसर में बड़ी संख्या में CCTV कैमरे लगाये गये हैं. मंदिर प्रशासन के अनुसार इन कैमरों की रिकॉर्डिंग का तीन महीने का बैकअप सुरक्षित रहता है. किसी भी तरह की आशंका या घटना की स्थिति में फुटेज की जांच की जा सकती है. इसके अलावा चढ़ावे की रकम में किसी तरह के असामान्य बदलाव पर भी नजर रखी जाती है.

हर महीने के चढ़ावे का पिछले साल से होता है मिलान

मंदिर प्रशासन के अनुसार चढ़ावे की निगरानी का एक तरीका यह भी है कि हर महीने प्राप्त होने वाली राशि की तुलना पिछले वर्ष के उसी महीने से की जाती है. उदाहरण के तौर पर जून 2026 के चढ़ावे की तुलना जून 2025 से की जाती है. इस तरह रकम में होने वाली वृद्धि या कमी का भी रिकॉर्ड रखा जाता है. प्रशासन का कहना है कि कई स्तरों पर निगरानी रखने का उद्देश्य किसी भी संभावित गड़बड़ी की आशंका को कम करना है.

सोने-चांदी के आभूषण भी रहते हैं सुरक्षित

महावीर मंदिर में भक्त रुपये के अलावा सोने और चांदी के आभूषण भी अर्पित करते हैं. मंदिर प्रशासन का कहना है कि ऐसे चढ़ावे की भी सुरक्षा और हिसाब-किताब की व्यवस्था है. मंदिर ट्रस्ट का दावा है कि भक्तों की ओर से श्रद्धापूर्वक अर्पित की गयी वस्तुओं का इस्तेमाल मंदिर और उससे जुड़े जनसेवा के कार्यों में किया जाता है.

चढ़ावे से चलती है राम रसोई, रोज हजारों लोगों को भोजन

महावीर मंदिर ट्रस्ट के अनुसार चढ़ावे की राशि का इस्तेमाल परोपकार और जनसेवा के कार्यों में किया जाता है. मंदिर परिसर से जुड़ी राम रसोई में प्रतिदिन करीब 6,000 से 8,000 लोगों को नि:शुल्क भोजन उपलब्ध कराने का दावा किया गया. इसके अलावा मंदिर की अन्य आय और नैवेद्यम की बिक्री से होने वाली आमदनी का भी उपयोग जनहित के कार्यों में किया जाता है.

कैंसर अस्पताल से लेकर हृदय अस्पताल तक चल रहे संस्थान

ट्रस्ट से जुड़े सायन कुणाल के अनुसार महावीर कैंसर संस्थान, महावीर वात्सल्य अस्पताल, महावीर हार्ट हॉस्पिटल, महावीर आरोग्य संस्थान और महावीर नेत्रालय जैसे संस्थान जनसेवा के उद्देश्य से संचालित किये जा रहे हैं. इनके अलावा वरिष्ठ नागरिकों के लिए भी अस्पताल की सुविधा उपलब्ध होने की बात कही गयी.

मंदिर प्रशासन के अनुसार इन संस्थानों में लोगों को अपेक्षाकृत कम दर पर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाता है. ट्रस्ट की ओर से बच्चों के लिए नि:शुल्क कैंसर अस्पताल के निर्माण और एक सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल की दिशा में भी काम किये जाने की जानकारी दी गयी.

पत्रकारों के लिए मंदिर संस्थानों की पड़ताल का न्योता

महावीर मंदिर ट्रस्ट की ओर से यह भी कहा गया कि उसके जनहित से जुड़े संस्थानों की व्यवस्थाओं को कोई भी पत्रकार आकर देख सकता है और पड़ताल कर सकता है. ट्रस्ट का दावा है कि वर्ष 1987 में स्थापना के बाद से जनसेवा से जुड़े कार्य लगातार किये जा रहे हैं.

राम मंदिर मामले के बाद भी व्यवस्था में बदलाव नहीं

राम मंदिर में चढ़ावे की चोरी के मामले के बाद क्या महावीर मंदिर में सुरक्षा व्यवस्था बदली गयी है, इस सवाल पर मंदिर प्रशासन का कहना है कि मौजूदा व्यवस्था पहले से ही मजबूत है और तत्काल किसी बड़े बदलाव की जरूरत महसूस नहीं हुई है.

हालांकि, मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने की दिशा में बिहार पुलिस की ओर से भी पहल की जा रही है. मंदिर प्रशासन के अनुसार डीजीपी की ओर से महावीर मंदिर की सुरक्षा के लिए बीएमपी के जवानों की तैनाती को लेकर जानकारी दी गयी है. सुरक्षा व्यवस्था के तहत CCTV निगरानी में भी पुलिसकर्मियों की भूमिका बढ़ने की बात कही गयी है. मंदिर प्रशासन का मानना है कि इससे सुरक्षा की दोहरी निगरानी व्यवस्था और मजबूत होगी.

गड़बड़ी का आरोप लगा तो FIR और प्रशासनिक कार्रवाई

चढ़ावे की गिनती में शामिल किसी व्यक्ति पर चोरी या गड़बड़ी का आरोप लगने की स्थिति में मंदिर प्रशासन की ओर से कार्रवाई की व्यवस्था के बारे में भी सवाल किया गया. ट्रस्ट से जुड़े प्रतिनिधि ने कहा कि ऐसी स्थिति में प्रशासन को सूचना देकर प्राथमिकी दर्ज करायी जायेगी और मामले में कानूनी कार्रवाई की जायेगी.

महावीर मंदिर प्रशासन का दावा है कि चढ़ावे की गिनती में पुलिस की मौजूदगी, बिना जेब वाली ड्रेस, गिनती के बाद चेकिंग, CCTV निगरानी और रिकॉर्ड के मिलान जैसी व्यवस्थाओं के जरिए भक्तों के चढ़ावे की सुरक्षा सुनिश्चित की जा रही है. अब सवाल यह है कि इन व्यवस्थाओं की नियमित स्वतंत्र निगरानी कितनी प्रभावी है और क्या इन्हें आम भक्तों के सामने पूरी तरह पारदर्शी बनाया जा सकता है. यही पड़ताल इस पूरी कहानी का सबसे अहम हिस्सा है.

Also Read : प्रशांत किशोर के विधायक आवास का गायब नेमप्लेट कुछ घंटे बाद मिला, जनसेवा केंद्र की टीम ने जतायी साजिश की आशंका

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By विवेक सिंह

विवेक सिंह की डिजिटल मीडिया और जनसरोकारों से जुड़े विषयों में विशेष रुचि रही है. वे बिहार के मिथिला क्षेत्र के निवासी हैं और पत्रकारिता के क्षेत्र में 2 वर्षों से सक्रिय रूप से योगदान दे रहे हैं.

उन्होंने मास्टर ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन (MJMC) की पढ़ाई की है. शिक्षा के दौरान उन्होंने रिपोर्टिंग, समाचार लेखन, डिजिटल मीडिया, जनसंचार, फोटो जर्नलिज्म, मोबाइल जर्नलिज्म (MOJO) और मीडिया रिसर्च की गहन समझ विकसित की है. अध्ययन के दौरान उन्होंने इंटर्नशिप भी की, जहां उन्हें न्यूजरूम की कार्यप्रणाली, टीवी समाचार निर्माण, स्क्रिप्ट लेखन, विजुअल चयन, फील्ड रिपोर्टिग और प्रसारण प्रक्रिया को नजदीक से समझने का व्यावहारिक अनुभव प्राप्त हुआ.

पत्रकारिता के क्षेत्र में उन्होंने मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से ग्राउंड रिपोर्टिंग, जनमत संग्रह (Public Opinion), सामाजिक मुद्दों की कवरेज और स्थानीय समाचारों के संकलन का व्यापक अनुभव प्राप्त किया. उन्होंने विभिन्न सामाजिक, राजनीतिक और जनहित से जुड़े विषयों पर जमीनी स्तर से रिपोर्टिंग करते हुए आम लोगों की आवाज को प्रमुखता से सामने लाने का कार्य किया है.

इसके साथ ही वे NGO से जुड़कर सामाजिक कार्यों में भी सक्रिय भूमिका निभाते हैं. स्वास्थ्य, महिला सशक्तिकरण, शिक्षा, सामाजिक जागरूकता, युवा सशक्तिकरण, धार्मिक और जनकल्याण से जुड़े अभियानों में उनकी विशेष भागीदारी रही है. समाज के विभिन्न वर्गों के बीच जागरूकता फैलाने और सकारात्मक बदलाव लाने के प्रयासों में वे निरंतर योगदान देते रहे हैं.

वर्तमान में विवेक सिंह राजनीति, प्रशासन, शिक्षा, रोजगार, खेल, अपराध, रियल-टाइम समाचारों, सामाजिक सरोकारों और समसामयिक विषयों से जुड़ी खबरों पर लेखन करते हैं. डिजिटल पत्रकारिता के साथ-साथ उन्हें SEO (Search Engine Optimization), कंटेंट प्लानिंग और ट्रेंड-आधारित समाचार लेखन की अच्छी समझ है. ब्रेकिंग न्यूज की पहचान, त्वरित कवरेज और कम समय में तथ्यपरक समाचार तैयार करना उनकी प्रमुख कार्यक्षमताओं में शामिल है.

विवेक सिंह किसी भी समाचार को प्रकाशित करने से पहले तथ्यों की जांच और सत्यापन को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हैं. वे विश्वसनीय स्रोतों से जानकारी की पुष्टि करने के बाद ही समाचार प्रकाशित करते हैं, जिससे उनकी रिपोर्टिंग और लेखन में सटीकता तथा विश्वसनीयता बनी रहती है. तथ्यपरक, निष्पक्ष और भरोसेमंद पत्रकारिता में विश्वास रखने वाले विवेक सिंह पाठकों तक गुणवत्तापूर्ण और विश्वसनीय जानकारी पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं.

Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >