मगध यूनिवर्सिटी में परीक्षाओं के आयोजन पर संकट, कंप्यूटर सेल में नहीं शुरू हुआ काम

मगध विश्वविद्यालय में कंप्यूटर सेल को चलाने वाली एजेंसी से जिला प्रशासन के सहयोग से पासवर्ड प्राप्त किया गया और यह तय हुआ था कि अब पीजी व वोकेशनल कोर्सों की लंबित परीक्षाओं का आयोजन कर लिया जायेगा व जल्द ही कंप्यूटर सेल को पूर्व की तरह चालू करा लिया जायेगा.

गया जिला प्रशासन की दखल पर काफी जद्दोजहद के बाद मगध विश्वविद्यालय के बंद पड़े कंप्यूटर सेल को तो खुलवा दिया गया, पर अब तक उसके खराब पड़े यूपीएस को बदला नहीं जा सका. इसके कारण कंप्यूटर सेल अब तक काम नहीं कर रहा है. कंप्यूटर सेल के बंद रहने के कारण लंबित परीक्षाओं के लिए एडमिट कार्ड भी तैयार नहीं किये जा रहे हैं व परीक्षाओं का आयोजन भी नहीं हो पा रहा है.

यूपीएस की खरीद में 80-90 हजार रुपये का खर्च आयेगा

कंप्यूटर सेल को चलाने वाली एजेंसी से जिला प्रशासन के सहयोग से पासवर्ड प्राप्त किया गया और यह तय हुआ था कि अब पीजी व वोकेशनल कोर्सों की लंबित परीक्षाओं का आयोजन कर लिया जायेगा व जल्द ही कंप्यूटर सेल को पूर्व की तरह चालू करा लिया जायेगा. लेकिन, काम शुरू करते वक्त यह पता चला कि काफी दिनों तक बंद रहने के कारण कंप्यूटरों के यूपीएस खराब हो गये हैं और अब नये यूपीएस की खरीद के बाद ही काम हो पायेगा. इसके लिए करीब 80-90 हजार रुपये का खर्च आयेगा. अब दिसंबर भी समाप्त होने वाला है, पर यूपीएस की खरीद नहीं की गयी और परीक्षाएं भी नहीं शुरू की गयी.

क्या कहते हैं परीक्षा नियंत्रक

इस संबंध में मगध विश्वविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक डॉ गजेंद्र प्रसाद गदकर ने बताया कि कंप्यूटरों के यूपीएस की खरीद नहीं की गयी है. इसके लिए कुलपति के पास प्रस्ताव भेजा गया है, पर यूपीएस की खरीद के लिए एफए की स्वीकृति के बाद पुन: कुलपति व कुलसचिव के पास फाइल जायेगी और उसके बाद एफओ की स्वीकृति प्राप्त होने पर राशि उपलब्ध होगी.

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यूपीएस की खरीदारी होने के बाद कंप्यूटर सेल काम करना शुरू कर देगा

यूपीएस की खरीदारी होने के बाद कंप्यूटर सेल काम करना शुरू कर देगा. गौरतलब है कि महज लगभग एक लाख रुपये के कारण हजारों छात्र-छात्राओं का भविष्य दांव पर लगाया जा रहा है और उनके सत्र खत्म होने के बाद भी परीक्षाएं नहीं ली जा रही हैं. इस कारण छात्र-छात्राओं में भारी निराशा व असंतोष पनपने लगा है.

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