भाई प्रिंस यादव की मौत मामले में FIR की मांग को लेकर थाने पर डटे रौशन आनंद, पुलिस पर आवेदन नहीं लेने का आरोप

Khan Sir Coaching Controversy: ज्ञान बिंदु कोचिंग के निदेशक रौशन आनंद ने अपने भाई प्रिंस यादव की मौत के मामले में एफआईआर दर्ज करने की मांग को लेकर कदमकुआं थाना पहुंचकर धरना दिया. उन्होंने पुलिस पर आवेदन नहीं लेने और कार्रवाई में देरी करने का आरोप लगाया.

Khan Sir Coaching Controversy: प्रिंस यादव की मौत से जुड़े मामले में बुधवार को नया घटनाक्रम सामने आया. ज्ञान बिंदु कोचिंग के निदेशक रौशन आनंद FIR दर्ज कराने की मांग को लेकर कदमकुआं थाना पहुंचे थे, जहां उन्होंने पुलिस पर आवेदन नहीं लेने और कार्रवाई में देरी का आरोप लगाया. इसी बीच पटना के आईजी जितेंद्र राणा ने उन्हें बातचीत के लिए बुलाया, जिसके बाद रौशन आनंद थाने के पास से आईजी कार्यालय के लिए रवाना हो गए.

FIR दर्ज नहीं होने का लगाया आरोप

इधर, थाना के बाहर रौशन आनंद ने मीडिया से बातचीत में कहा कि उनके भाई प्रिंस यादव की मौत एक साजिश का परिणाम है और इस मामले में न्याय दिलाने के लिए वह एफआईआर दर्ज कराने पहुंचे हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि आवेदन देने के बावजूद पुलिस उनकी शिकायत दर्ज नहीं कर रही है.

शाम चार बजे से थाने में बैठे हैं

रौशन आनंद ने दावा किया कि वह शाम चार बजे से कदमकुआं थाना में मौजूद हैं, लेकिन कई घंटे बीत जाने के बाद भी उनकी शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं हुई. उन्होंने कहा कि थाना प्रभारी ने एफआईआर दर्ज करने से इनकार कर दिया है.

“जब तक मेरे भाई को न्याय दिलाने के लिए एफआईआर दर्ज नहीं होगी, तब तक मैं यहां से नहीं उठूंगा. हम पिछले कई घंटों से थाने में बैठे हैं, लेकिन हमारी बात नहीं सुनी जा रही है.”रौशन आनंद, डायरेक्टर, ज्ञान बिंदु कोचिंग

ऊपरी दबाव में काम करने का आरोप

रौशन आनंद ने आरोप लगाया कि किसी दबाव के कारण उनकी शिकायत स्वीकार नहीं की जा रही है. उन्होंने कहा कि आखिर किसके दबाव में एफआईआर दर्ज नहीं की जा रही है, इसका जवाब पुलिस प्रशासन को देना चाहिए.

न्याय मिलने तक आंदोलन जारी रखने की चेतावनी

रौशन आनंद ने कहा कि जब तक उनके भाई की मौत के मामले में एफआईआर दर्ज नहीं होगी, तब तक वह थाना परिसर से नहीं हटेंगे. उन्होंने इसे न्याय की लड़ाई बताते हुए आम लोगों और मीडिया से सहयोग की अपील की.

समर्थकों ने की नारेबाजी

थाने के बाहर रौशन आनंद के समर्थकों की भीड़ जुटी रही. समर्थकों ने मामले में कार्रवाई की मांग को लेकर नारेबाजी की. इस दौरान उनके अधिवक्ता भी थाना पहुंचे और कानूनी विकल्पों पर चर्चा की.

जमानत याचिका भी हुई खारिज

उधर, कोचिंग विवाद से जुड़े मामले में रौशन आनंद के भाई अभिषेक और उनके सहयोगी गौरव को अदालत से राहत नहीं मिली है. दोनों की जमानत याचिका मजिस्ट्रेट फर्स्ट क्लास की अदालत ने खारिज कर दी है. बचाव पक्ष अब जिला जज की अदालत में नई जमानत याचिका दायर करने की तैयारी कर रहा है.

संजय झा से भी कर चुके हैं मुलाकात

इससे पहले रौशन आनंद ने जदयू के कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद संजय झा से मुलाकात कर मामले की निष्पक्ष जांच और न्याय की मांग की थी. उनके अनुसार मुलाकात के दौरान निष्पक्ष जांच का आश्वासन मिला था. फिलहाल पूरे मामले में पुलिस और कानूनी कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं.

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लेखक के बारे में

By Vikas Jha

विकाश झा डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता के क्षेत्र में छह वर्षों से अधिक का अनुभव रखते हैं. उन्होंने पटना यूनिवर्सिटी से मास कम्यूनिकेशन में स्नातक तथा माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में स्नातकोत्तर की शिक्षा प्राप्त की है. स्पोर्ट्स, हाइपरलोकल और पॉलिटिकल पत्रकारिता उनकी विशेष रुचि और विशेषज्ञता के क्षेत्र हैं. क्रिकेट, समाज और राजनीति से जुड़े विषयों पर उनकी विशेष पकड़ है. वे तथ्य आधारित, प्रभावशाली और पाठक-केंद्रित कंटेंट तैयार करने में रुचि रखते हैं.

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