IPS Bhanu Pratap Singh : खगड़िया के एसपी और आईपीएस अधिकारी भानु प्रताप सिंह की पत्नी पूजा ने अपने पति और ससुराल वालों पर गंभीर आरोप लगाए हैं. पूजा का दावा है कि उन्हें लगातार मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया और धमकियां दी गईं. उनका आरोप है कि पति उन्हें तलाक देने का दबाव बना रहे थे और तलाक के बदले पैसे देने की पेशकश भी की गई.
पूजा का कहना है कि दोनों ने प्रेम विवाह किया था. शादी से पहले जब पति के पास नौकरी नहीं थी, तब उन्होंने करीब चार साल तक संघर्ष के दौरान उनका साथ दिया. प्रेम विवाह के बाद परिवार से भी उनका रिश्ता प्रभावित हुआ और अब वह खुद को अकेला महसूस कर रही हैं.
तनाव में आत्महत्या की कोशिश का दावा, ICU में हुईं भर्ती
पूजा ने आरोप लगाया कि लगातार मानसिक तनाव के कारण उन्होंने कई बार अपनी जान देने की कोशिश की. उनके अनुसार, उन्होंने फिनाइल और अन्य जहरीली चीजों का सेवन किया, जिसके बाद गंभीर हालत में उन्हें आईजीआईएमएस और समय हॉस्पिटल के ICU में भर्ती कराया गया.
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पति करीब आठ महीने तक घर के बजाय आईपीएस मेस में रहे. बाद में उन्हें खगड़िया के आईपीएस मेस में रखा गया, जहां उनके बाहर निकलने पर कमरे को बाहर से लॉक कर दिया जाता था.
अस्पताल में भर्ती थीं पूजा, बेटी को ले जाने का आरोप
पूजा का आरोप है कि जब वह अस्पताल में भर्ती थीं, उसी दौरान उनके पति सगुना मोड़ स्थित ओपन बिरला माइंड स्कूल पहुंचे और उनकी बेटी विभा का ट्रांसफर सर्टिफिकेट निकलवाकर उसे अपने साथ खगड़िया ले गए.
पूजा के मुताबिक, बाद में जब उन्हें खगड़िया एसपी आवास बुलाया गया, तो उनके पहुंचने से पहले ही भानु प्रताप अपनी बहन और भतीजे के साथ बेटी को लेकर पटना एयरपोर्ट के लिए निकल गए.
वरिष्ठ अधिकारियों पर भी लगाए मामले को दबाने के आरोप
पूजा ने बिहार पुलिस के कुछ वरिष्ठ अधिकारियों पर भी पति का समर्थन करने और उनकी शिकायत पर कार्रवाई नहीं करने का आरोप लगाया है. उनका दावा है कि कई अधिकारियों ने उनका फोन तक नहीं उठाया और मामले को दबाने की कोशिश की जा रही है.
हालांकि, इन आरोपों पर संबंधित अधिकारियों और भानु प्रताप सिंह का पक्ष इस जानकारी में उपलब्ध नहीं है. इसलिए मामले की पूरी तस्वीर सामने आने के लिए दूसरे पक्ष का जवाब और आधिकारिक जांच का सामने आना जरूरी है.
बोलीं- पति की नौकरी नहीं, अपना परिवार चाहिए
पूजा का कहना है कि वह अपने पति की नौकरी खराब नहीं करना चाहतीं और न ही उन्हें पैसे चाहिए. उनकी मांग सिर्फ इतनी है कि उनका परिवार दोबारा साथ रहे और उनकी बेटी उन्हें वापस मिले.
अब इस पूरे मामले में पुलिस और प्रशासन की ओर से क्या कार्रवाई होती है और लगाए गए आरोपों की जांच किस स्तर पर होती है, यह देखना अहम होगा.