Saharsa Journalist Assault Case: सहरसा सदर अस्पताल में प्रभात खबर डिजिटल के पत्रकार अभिषेक कुमार के साथ मारपीट का मामला लगातार तूल पकड़ रहा है. अब इस मामले में स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार ने बड़ा कदम उठाया है. WJAI के सदस्यों ने सोमवार को स्वास्थ्य मंत्री से मुलाकात की. इस दौरान मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की गई. जिसके बाद स्वास्थ्य मंत्री ने इस मामले जांच का आदेश दिया.
स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार का निर्देश
WJAI के सदस्यों से मुलाकात के बाद मंगलवार की सुबह स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार ने सोशल मीडिया के माध्यम से ट्विट कर इसकी जानकारी दी. मंत्री निशांत कुमार ने बताया कि उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को इस मामले प्रदेशस्तरीय जांच कमेटी बनाने का निर्देश दिया है. स्वास्थ्य मंत्री ने साफ कहा है कि जो भी दोषी होंगे उनपर कड़ी कार्रवाई होगी.
स्वास्थ्य मंत्री ने क्या कहा ?
स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार- "मैंने पत्रकारों के एक शिष्टमंडल से मुलाकात कर उनकी बातें सुनी. सहरसा सदर अस्पताल में एक पत्रकार के साथ कथित मारपीट की घटना पर मैंने प्रदेशस्तरीय जांच कमेटी बनाने का निर्देश स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को दिया. जांच में जो दोषी पाये जायेंगे,उनपर कड़ी कार्रवाई होगी".
निशांत कुमार बोले- मेरे संज्ञान में है पूरा मामला
बता दें कि, बीते दिन WJAI के सदस्यों ने स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार को पूरे मामले की जानकारी दी. उन्होंने प्रदेश स्तर पर जांच कमेटी गठित करने की मांग रखी.
मंत्री निशांत कुमार ने कहा कि पूरा मामला उनके संज्ञान में है. फिलहाल सहरसा डीएम की ओर से मामले की जांच की जा रही है. उन्होंने कहा कि जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी.
WJAI की मांग पर तुरंत लिया एक्शन
मुलाकात के दौरान WJAI के सदस्यों ने प्रदेश स्तरीय जांच कमेटी बनाने की मांग की. इस पर स्वास्थ्य मंत्री ने तुरंत कार्रवाई की. निशांत कुमार ने राज्य स्वास्थ्य समिति के डायरेक्टर अमित कुमार पांडेय को निर्देश दिया. उन्होंने कहा कि प्रदेश स्तरीय जांच कमेटी का गठन तत्काल किया जाना चाहिए.
मंत्री के इस निर्देश के बाद अब मामले की जांच प्रदेश स्तर पर भी होने की उम्मीद है. ऐसे में सहरसा पत्रकार मारपीट मामले में कार्रवाई को लेकर हलचल बढ़ गई है.
कई जिलों में पत्रकारों ने जताया विरोध
सहरसा सदर अस्पताल की घटना के बाद पत्रकारों में नाराजगी है. गोपालगंज समेत कई जिलों में पत्रकारों ने घटना का विरोध किया है. पत्रकारों और सामाजिक संगठनों की ओर से दोषियों पर कार्रवाई की मांग की जा रही है.
मामले को लेकर पहले भी सरकार के कई नेताओं के बयान सामने आ चुके हैं. अब स्वास्थ्य मंत्री के प्रदेश स्तरीय जांच कमेटी के निर्देश के बाद इस मामले में कार्रवाई की उम्मीद बढ़ी है.
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सुधाकर सिंह ने सरकार पर साधा निशाना
RJD सांसद सुधाकर सिंह ने घटना को लेकर बिहार सरकार पर निशाना साधा था. उन्होंने कहा था कि लोकतंत्र के चौथे स्तंभ को भी पीटा जा रहा है.
उन्होंने आरोप लगाया कि अस्पतालों की खराब व्यवस्था को छिपाने के लिए पत्रकारों के साथ मारपीट की जा रही है. सुधाकर सिंह ने बिहार में अराजकता की स्थिति होने का भी आरोप लगाया.
IP गुप्ता ने भी कार्रवाई की मांग की
सहरसा के विधायक इंजीनियर IP गुप्ता ने भी मामले पर प्रतिक्रिया दी थी. उन्होंने कहा था कि डॉक्टर फ्रस्ट्रेशन में आकर ऐसा कर रहे हैं. उनके मुताबिक अस्पतालों में कर्मचारियों की कमी भी एक बड़ी समस्या है.
IP गुप्ता ने कहा था कि उन्होंने एसडीओ से बात की है. वह डीएम को भी पत्र लिखेंगे. उन्होंने दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की थी.
डॉक्टर SK आजाद बोले- 'फ्लो-फ्लो में हो गया'
मामले में डॉक्टर SK आजाद से भी प्रभात खबर डिजिटल के पत्रकार रोहित और आदर्श ने बात करने की कोशिश की. उनसे पूछा गया कि पत्रकार अभिषेक के साथ मारपीट करने वाले 20 लोग कौन थे.
इस पर SK आजाद ने कहा, 'फ्लो-फ्लो में हो गया.' उनसे गलती मानने और माफी मांगने को लेकर भी सवाल किया गया. इस पर उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया और कैमरा बंद करा दिया.
