संवाददाता,पटना बिहार प्रदेश मुखिया महासंघ ने पंचायत सरकार भवन निर्माण योजना में बड़े पैमाने पर अनियमितता और भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए सरकार से तत्काल कार्रवाई की मांग की है. महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष मिथिलेश कुमार राय ने गुरुवार को पटना स्थित अपने कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में कहा कि योजना का क्रियान्वयन पारदर्शी तरीके से नहीं हो रहा है. अधिकारियों-ठेकेदारों की मिलीभगत से घटिया निर्माण कराया जा रहा है.श्री राय ने आरोप लगाया कि बीसीडी और एलएइओ के अधिकारी संवेदकों के साथ मिलकर गुणवत्ता के विपरीत कार्य कराने में सहयोग कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि डीपीआर के अनुरूप काम न करने वालों पर अब तक कहीं भी कार्रवाई नहीं की गयी है, जबकि इसको लेकर लगातार शिकायतें की जा रही हैं. पटना, पूर्णिया, पूर्वी चंपारण और पश्चिमी चंपारण जिलों की स्थिति अत्यंत चिंताजनक है. महासंघ ने बीसीडी और योजना विभाग के सचिव को पत्र भेजकर निष्पक्ष जांच की मांग की है. पत्र में आरोप लगाया गया कि पंचायत प्रतिनिधियों की राय और भागीदारी को दरकिनार कर मनमाने तरीके से निर्माण कराया जा रहा है. न तो शिलान्यास में मुखियों को बुलाया जा रहा है और न ही कार्यस्थल पर सूचना बोर्ड लगाये जा रहे हैं. निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और स्थायित्व सुनिश्चित नहीं की गयी, तो मुखिया भवनों का हैंडओवर स्वीकार नहीं करेंगे. उन्होंने कहा कि यदि सरकार ने इसको लेकर शीघ्र कदम नहीं उठाती है, तो महासंघ राज्यव्यापी आंदोलन के लिए बाध्य होगा. प्रेस वार्ता में पंच-सरपंच महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष अमोद कुमार निराला व प्रमुख संघ कार्यकारी अध्यक्ष जयमाला कुमारी पासवान समेत कई पदाधिकारी मौजूद थे.
डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
