Posts Department Paperless RMS : डाक विभाग रेलवे मेल सर्विस यानी आरएमएस और अन्य मेल कार्यालयों के कामकाज को पेपरलेस बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाने जा रहा है. विभाग ने मौजूदा कागजी रिकॉर्ड और दस्तावेजों पर निर्भरता कम करने के लिए एक उच्चस्तरीय समिति गठित की है. समिति आरएमएस में डाक की प्राप्ति से लेकर प्रसंस्करण, ट्रांसमिशन, डिस्पैच और डिलीवरी तक की पूरी प्रक्रिया की समीक्षा करेगी. उसे एक महीने के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपनी होगी.
आरएमएस में कम होगी कागजी रिकॉर्ड पर निर्भरता
डाक विभाग का लक्ष्य आरएमएस और अन्य मेल कार्यालयों के कामकाज को ज्यादा डिजिटल और कम कागज आधारित बनाना है. इसके लिए गठित समिति मौजूदा प्रक्रियाओं, रिकॉर्ड और दस्तावेजों की समीक्षा करेगी. समिति यह पता लगाएगी कि किन गतिविधियों को डिजिटल माध्यम से संचालित किया जा सकता है.
डाक की पूरी प्रक्रिया को डिजिटल बनाने पर जोर
प्रस्तावित बदलाव के तहत डाक की प्राप्ति, प्रसंस्करण, ट्रांसमिशन, डिस्पैच और डिलीवरी से जुड़े कामों को डिजिटल बनाने के लिए समाधान सुझाये जाएंगे. इससे अलग-अलग चरणों में कागजी रिकॉर्ड रखने की जरूरत कम करने का प्रयास होगा.
अलग-अलग सॉफ्टवेयर के एकीकरण की भी होगी जांच
समिति आरएमएस में इस्तेमाल किये जा रहे विभिन्न एप्लीकेशन और सॉफ्टवेयर की भी समीक्षा करेगी. इनके बीच एकीकरण और इंटरऑपरेबिलिटी की संभावनाओं की जांच की जाएगी, ताकि अलग-अलग डिजिटल प्रणालियों के बीच सूचनाओं का आदान-प्रदान अधिक प्रभावी तरीके से हो सके.
सीईपीटी निदेशक करेंगे समिति की अध्यक्षता
उच्चस्तरीय समिति की अध्यक्षता सीईपीटी के निदेशक विष्णु अंबरीश करेंगे. जरूरत के अनुसार समिति डाक संचालन से जुड़े विशेषज्ञों को भी अपने साथ शामिल कर सकेगी. इससे पेपरलेस व्यवस्था तैयार करने में तकनीकी और संचालन संबंधी पहलुओं को समझने में मदद मिलेगी.
डिजिटल रिकॉर्ड के प्रमाणीकरण और रखरखाव पर भी सुझाव
समिति केवल कागज हटाने तक सीमित नहीं रहेगी. वह डिजिटल रिकॉर्ड तैयार करने, उनके प्रमाणीकरण, रखरखाव और जरूरत पड़ने पर रिकॉर्ड की तुरंत खोज की व्यवस्था को लेकर भी सुझाव देगी. इससे महत्वपूर्ण दस्तावेजों को डिजिटल रूप में व्यवस्थित रखने की व्यवस्था विकसित करने में मदद मिल सकती है.
तकनीकी और संचालन संबंधी बाधाओं की होगी पहचान
पेपरलेस व्यवस्था लागू करने के दौरान आने वाली तकनीकी और संचालन संबंधी समस्याओं की भी पहचान की जाएगी. समिति इन बाधाओं के समाधान के लिए आवश्यक उपाय सुझायेगी. इसका उद्देश्य ऐसी डिजिटल व्यवस्था तैयार करना है, जिसे मेल कार्यालयों में व्यावहारिक रूप से लागू किया जा सके.
लागू व्यवस्था की निगरानी के लिए बनेगा मॉनिटरिंग सिस्टम
पेपरलेस व्यवस्था लागू होने के बाद उसकी निगरानी और लगातार अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए प्रभावी मॉनिटरिंग सिस्टम तैयार करने की सिफारिश भी समिति करेगी. इससे डिजिटल प्रक्रियाओं के इस्तेमाल और उनके पालन की नियमित समीक्षा की जा सकेगी.
डाक विभाग के डिवीजन और सर्किल से लिये जाएंगे सुझाव
समिति जरूरत के अनुसार डाक विभाग के संबंधित डिवीजन, विंग और सर्किल से संचालन संबंधी सुझाव लेगी. इससे अलग-अलग स्तर पर काम करने वाले मेल कार्यालयों की व्यावहारिक जरूरतों को प्रस्तावित डिजिटल व्यवस्था में शामिल किया जा सकेगा.
एक महीने में रिपोर्ट सौंपेगी समिति
डाक विभाग ने इस संबंध में 24 अगस्त 2026 को कार्यालय पत्र जारी किया है. समिति को कार्यालय ज्ञापन जारी होने की तारीख से एक महीने के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपनी होगी. रिपोर्ट में पेपरलेस व्यवस्था लागू करने के लिए जरूरी उपायों और डिजिटल बदलावों से जुड़ी सिफारिशें शामिल होंगी.
डिजिटल, तेज और पारदर्शी डाक व्यवस्था का लक्ष्य
डाक विभाग का उद्देश्य आरएमएस और मेल कार्यालयों के कामकाज को डिजिटल, तेज, पारदर्शी और कम कागज आधारित बनाना है. यदि समिति की सिफारिशों के आधार पर व्यवस्था लागू होती है तो मेल संचालन से जुड़े कई प्रक्रियाओं में डिजिटल रिकॉर्ड और तकनीक की भूमिका बढ़ सकती है.
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