सीजफायर के ठीक तीन घंटे बाद जम्मू-कश्मीर बॉर्डर पर पाकिस्तान ने गोलीबारी शनिवार को शुरू कर दी और इस हमले में बिहार के सारण के रहने वाले मो. इम्तियाज शहीद हो गए. शहीद इम्तियाज BSF में सब-इंस्पेक्टर थे. सोमवार को उनका पार्थिव शरीर पैतृक गांव गड़खा पहुंचा तो हजारों की संख्या में भीड़ उमड़ पड़ी. शहीद के बेटे इमरान ने अपने पिता को अंतिम विदाई दी और आतंकवाद पर कड़े प्रहार की मांग की. इमरान की तस्वीर और उसके बयान ने सबको भावुक किया है.
पिता की शहादत पर बोले इमरान
भारत-पाकिस्तान संघर्ष के दौरान वीरगति को प्राप्त हुए मो. इम्तियाज के बेटे मोहम्मद इमरान ने भावुक होकर अपने पिता को सैल्युट किया. उन्होंने कहा कि अपने पिता की शहादत पर गर्व है. देश के लिए जिन्होंने भी बलिदान दिया है, सबपर गर्व है.
किसी के सिर से उसके पिता का साया ना हटे
इमरान ने कहा कि मेरे पिता बहुत मजबूत इंसान थे. पाकिस्तान ने ड्रोन से हमला किया उनका दाहिना पैर जख्मी हो चुका था. पाकिस्तान धोखे से भारतीय सैनिकों को मार रहा है. जिससे कोई अपना सुहाग तो कोई अपना पिता खो रहा है. उसे ऐसी सबक सिखाना चाहिए कि किसी के सिर से उसके पिता का हाथ ना हटे.
पाकिस्तान को करारा जवाब देने की मांग
इमरान ने स्पष्ट कहा कि पाकिस्तान को उसकी ही भाषा में जवाब दिया जाए. ताकि बार-बार हमारे सैनिक शहीद नहीं हों. उनकी शहादत बेकार ना जाए. इमरान ने कहा कि अपने पिता की यादों के सहारे ही वो जीवन बिताएंगे. शहीद का बेटा होने का उन्हें गर्व है.
भारत सरकार से इमरान ने अपील की है कि पाकिस्तान के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो ताकि दुश्मन को संदेश मिल सके कि भारत अब चुप कतई नहीं बैठेगा. इमरान ने कहा कि पिता को खोने का दुख केवल वही समझ पा रहा है.
