आइआइटी : छात्र अपने मूल कैंपस के अलावा दूसरे कैंपस के कोर्स की कर सकते हैं पढ़ाई

अब आइआइटी में भी क्रेडिट ट्रांसफर की व्यवस्था लागू की जायेगी.

– क्रेडिट होगा ट्रांसफर, 2026 में पांच प्रतिशत बीटेक स्टूडेंट्स को इसका मिलेगा लाभ

अनुराग प्रधान, पटना

अब आइआइटी में भी क्रेडिट ट्रांसफर की व्यवस्था लागू की जायेगी. यह नये एकेडमिक सत्र से लागू हो जायेगा. उच्च शिक्षा विभाग, शिक्षा मंत्रालय के सचिव डॉ विनीत जोशी ने बताया कि नयी व्यवस्था के तहत छात्र अपने मूल आइआइटी के अलावा किसी दूसरे आइआइटी कैंपस में चुने हुए कोर्स या पूरा एक टर्म तक पढ़ाई कर सकेंगे. वहां अर्जित किये गये क्रेडिट उनके होम इंस्टीट्यूट के स्कोरकार्ड में जोड़े जायेंगे. इस योजना पर काम जारी है. आइआइटी मद्रास इस पर काम कर रहा है. इसे सभी 23 आइआइटी को सीनेट में मंजूरी देनी होगी. इसे लेकर सहमति बन चुकी है. अभी आइआइटी के लिए एक नियम-कानून तैयार किया जा रहा है. इस नियम पर पहले सभी आइआइटी से मंजूरी ली जायेगी. मंजूरी मिलने के बाद इस योजना को सभी आइआइटी में लागू कर दिया जायेगा.

अलग-अलग कैंपस का मिलेगा अनुभव

अलग-अलग आइआइटी में चल रहे कोर्स और सिलेबस का मिलान किया जा रहा है, ताकि क्रेडिट ट्रांसफर में कोई तकनीकी बाधा स्टूडेंट्स को नहीं आये. जैसे आइआइटी पटना के स्टूडेंट्स अन्य किसी आइआइटी कैंपस में जाकर पढ़ाई करेंगे, तो वहां हासिल किये गये एकेडमिट क्रेडिट उनके मूल संस्थान में ट्रांसफर कर दिया जायेगा. इस व्यवस्था का मकसद स्टूडेंट्स को सीमित विकल्पों से बाहर निकालना है. अभी तक छात्र जिस आइआइटी और जिस डिपार्टमेंट में एडमिशन लेते हैं, अधिकतर पढ़ाई उसी कैंपस तक सीमित रह जाती है. प्रस्तावित मॉडल से उन्हें अलग-अलग कैंपस का अनुभव मिलेगा और वे अपनी रुचि के अनुसार विषय चुन सकेंगे.

किसी दूसरी आइआइटी से भी कर सकते हैं इलेक्टिव कोर्स

डॉ जोशी ने कहा कि आइआइटी लंबे समय से बहुविषयक शिक्षा पर जोर दे रही है. एक कैंपस में उपलब्ध न होने वाला विशेष कोर्स अब दूसरे कैंपस में पढ़ा जा सकेगा. इससे स्टूडेंट्स को नयी तकनीकों, अलग-अलग फैकल्टी और अन्य नये शोध वातावरण का लाभ मिलेगा. डॉ जोशी ने कहा कि आने वाले समय में स्टूडेंट्स को अधिक विकल्प और बेहतर शैक्षणिक अनुभव मिलने की उम्मीद है. उन्होंने कहा कि पहले चरण में लक्ष्य रखा है कि करीब पांच प्रतिशत बीटेक स्टूडेंट्स को अन्य आइआइटी में एक्सचेंज का मौका मिले और क्रेडिट ट्रांसफर बिना रुकावट के होंगे. पाठ्यक्रम में बदलाव कर छठे सेमेस्टर को इस तरह डिजाइन किया गया है कि उसमें केवल चार इलेक्टिव (चुने हुए विषय) रखे गये हैं. छात्र चाहें तो इन इलेक्टिव को आगे या पीछे के सेमेस्टर में शिफ्ट कर सकते हैं. अगर इंटर आइआइटी ट्रांसफर की सुविधा शुरू होती है, तो छात्र ये इलेक्टिव किसी दूसरे आइआइटी में जाकर भी कर सकेंगे.

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By ANURAG PRADHAN

ANURAG PRADHAN is a contributor at Prabhat Khabar.

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