Smart Meter: बिहार के स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं के लिए राहत भरी खबर है. अब उन्हें अपने बिजली मीटर को प्रीपेड या पोस्टपेड मोड में चलाने का विकल्प मिल गया है. इससे लोगों को बिजली इस्तेमाल में ज्यादा सुविधा होगी.
पहले स्मार्ट मीटर को केवल प्रीपेड मोड में चलाना जरूरी था. यानी पहले रिचार्ज करना पड़ता था, तभी बिजली मिलती थी. लेकिन अब इस नियम में बदलाव कर दिया गया है. बिजली विभाग ने उपभोक्ताओं को राहत देते हुए कहा है कि वे अपनी जरूरत के हिसाब से कोई भी मोड चुन सकते हैं.
स्मार्ट मीटर लगवाना रहेगा जरूरी
हालांकि विभाग ने यह भी साफ कर दिया है कि स्मार्ट मीटर लगवाना अनिवार्य रहेगा. हर उपभोक्ता को स्मार्ट मीटर ही इस्तेमाल करना होगा, लेकिन उसका इस्तेमाल कैसे करना है, यह अब उपभोक्ता खुद तय करेंगे.
बिजली दर पर नहीं पड़ेगा असर
अधिकारियों के मुताबिक, स्मार्ट मीटर सिर्फ बिजली की खपत को सही तरीके से मापने का काम करता है. बिजली की दरें राज्य विद्युत विनियामक आयोग तय करता है. इसलिए मीटर का प्रकार बदलने से बिजली के रेट पर कोई असर नहीं पड़ेगा.
दोनों विकल्प कैसे काम करेंगे
पोस्टपेड मोड में उपभोक्ताओं को हर महीने के अंत में बिल मिलेगा, जिसे बाद में जमा करना होगा. वहीं प्रीपेड मोड में पहले रिचार्ज करना होगा और उसी के अनुसार बिजली का इस्तेमाल किया जाएगा.
प्रीपेड मीटर में मिलेंगी खास सुविधाएं
प्रीपेड मीटर के साथ कई सुविधाएं मिलती हैं. उपभोक्ता मोबाइल ऐप के जरिए अपनी बिजली खपत रियल टाइम में देख सकते हैं. साथ ही ऑनलाइन पेमेंट और सटीक बिलिंग की सुविधा भी मिलती है, जिससे गलत बिल की समस्या कम होती है.
सस्ती बिजली का भी मिलेगा फायदा
प्रीपेड विकल्प चुनने वाले उपभोक्ताओं को कुछ अतिरिक्त फायदे भी मिलते हैं. उन्हें प्रति यूनिट करीब 25 पैसे सस्ती बिजली मिल सकती है. इसके अलावा हर रिचार्ज पर लगभग 3 प्रतिशत अतिरिक्त लाभ और दिन में बिजली इस्तेमाल करने पर 20 प्रतिशत तक छूट मिल सकती है.
