'पुलिस पर भरोसा नहीं, मेरी हत्या हो सकती है', कोर्ट में पप्पू यादव ने जज के सामने किया रिक्वेस्ट

Pappu Yadav: पूर्णिया के सांसद पप्पू यादव को 31 साल पुराने मामले में जमानत दी गई. लेकिन अभी वह जेल में ही रहेंगे. कोर्ट में जज के सामने पप्पू यादव ने सुरक्षा की गुहार लगाई. इसके साथ ही जेल में हत्या की भी आशंका जताई.

Pappu Yadav: ‘पुलिस पर भरोसा नहीं है. जेल में इंजेक्शन देकर मेरी हत्या कराई जा सकती है. सादे लिबास में ही पुलिस गिरफ्तार करने पहुंची थी’, यह बातें सांसद पप्पू यादव ने कोर्ट में जज के सामने कहा. 31 साल पुराने मामले में पप्पू यादव को जमानत मंगलवार को दे दी गई. लेकिन, इससे पहले कोर्ट में पप्पू यादव ने जज से सुरक्षा की गुहार लगाई. इसके साथ ही उन्होंने पुलिस अधिकारियों पर भी सवाल उठाया.

अभी जेल में ही बंद क्यों रहेंगे पप्पू यादव?

31 साल पहले गर्दनीबाग थाने में धोखाधड़ी और धमकी देने के मामले में पप्पू यादव को जमानत दे दी गई. लेकिन, फिलहाल वे जेल में ही बंद रहेंगे. ऐसा इस वजह से क्योंकि उन्हें बुद्धा कॉलोनी थाने में दर्ज कांड संख्या 72/2026 और कोतवाली थाने में दर्ज कांड संख्या 279/2017 में रिमांड किया गया है. उन्हें इन मामलों में भी जमानत लेनी होगी. दोनों ही मामले सरकारी कार्य में बाधा डालने के आरोप से जुड़ा है.

कोर्ट में क्या-क्या हुआ?

गर्दनीबाग थाने में दर्ज केस में जेल में बंद सांसद पप्पू यादव की जमानत याचिका पर सोमवार को ही सुनवाई होनी थी, लेकिन सिविल कोर्ट में बम ब्लास्ट की धमकी मिलने के बाद उनकी याचिका पर सुनवाई टल गई थी. मंगलवार को उन्हें बेऊर जेल से पुलिस ने सिविल कोर्ट में विशेष न्यायाधीश प्रवीण कुमार मालवीय की अदालत में लाया गया.

इस दौरान उनके वकील विजय आनंद और अजय कुमार ने अदालत को यह बताया कि पप्पू यादव पूर्व से जमानत पर थे, लेकिन जानकारी के अभाव के कारण बॉन्ड खंडित हो गया. सरकारी वकील ने जमानत अर्जी का विरोध करते हुए कहा कि पहले भी इनकी जमानत इस मामले के कारण ही रद्द की गई थी. दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद पप्पू यादव को 10 हजार रुपए के निजी मुचलके के साथ जमानत पर मुक्त किए जाने का आदेश दिया.

कोर्ट में पप्पू यादव ने कहा, मैं सांसद हूं. मेरे पास कई काम होते हैं. मैं सरेंडर करने ही वाला था. मैं कोर्ट से कभी भागा नहीं हूं. आवास पर सादे लिबास में पहुंचे एक शख्स ने धमकी दी. उस वक्त और भी लोग सादे लिबास में थे. एसपी और बाकी के लोग वहां नहीं आते तो पता नहीं उस दिन क्या होता. मेरे साथ गलत व्यवहार किया गया.

क्या है बुद्धा कॉलोनी थाने में दर्ज मामला?

पुलिस टीम जब गर्दनीबाग के केस में पप्पू यादव को गिरफ्तार करने के लिए उनके उत्तरी मंदिरी आवास पर पहुंची, तो उनके समर्थकों ने हंगामा किया था. पुलिस जब पप्पू यादव को अपनी गाड़ी से ले जा रही थी, तो उनके समर्थक पुलिस से भी भिड़ गए थे. इस मामले में बुद्धा कॉलोनी थाने में पप्पू यादव और 20 अज्ञात पर सरकारी कार्य में बाधा डालने का आरोप लगाते हुए केस दर्ज किया गया था.

Also Read: बिहार में बनेंगे 5 नए एक्सप्रेसवे और 12 पुल, 74000 करोड़ का बजट पास, सरकार का बड़ा प्लान

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Published by: Preeti Dayal

प्रीति दयाल, प्रभात खबर डिजिटल में बतौर कंटेंट राइटर काम कर रहीं हैं. यूट्यूब पोर्टल सिटी पोस्ट लाइव से पत्रकारिता की शुरुआत की. इसके बाद डेलीहंट और दर्श न्यूज जैसे मीडिया संस्थानों में काम कर चुकीं हैं. डिजिटल मीडिया और कंटेंट राइटिंग में साढ़े 3 साल का अनुभव है. खबरें लिखना, वेब कंटेंट तैयार करने और ट्रेंडिंग सब्जेक्ट पर सटीक और प्रभावी खबरें लिखने का काम कर रहीं हैं. प्रीति दयाल ने पत्रकारिता की पढ़ाई संत जेवियर्स कॉलेज ऑफ मैनेजमेंट एंड टेक्नोलॉजी से की. इस दौरान पत्रकारिता से जुड़ी कई विधाओं को सीखा. मीडिया संस्थानों में काम करने के दौरान डिजिटल जर्नलिज्म से जुड़े नए टूल्स, तकनीकों और मीडिया ट्रेंड्स को सीखा. पहली बार लोकसभा चुनाव 2024 और बिहार विधानसभा चुनाव 2025 जैसे बड़े चुनावी कवरेज में काम करने का अवसर मिला. इस दौरान बिहार की राजनीति, चुनावी रणनीतियों, राजनीतिक दलों और प्रमुख नेताओं से जुड़े कई प्रभावशाली और पाठकों की रुचि के अनुसार कंटेंट तैयार किए. चुनावी माहौल को समझते हुए राजनीतिक विश्लेषण और ट्रेंडिंग मुद्दों पर आधारित खबरों को आसान और प्रभावी भाषा में तैयार करना कार्यशैली का महत्वपूर्ण हिस्सा रहा है. कंटेंट रिसर्च, SEO आधारित लेखन, सोशल मीडिया फ्रेंडली कंटेंट तैयार करना और तेजी से बदलते न्यूज वातावरण में काम करना प्रमुख क्षमताओं में शामिल है. बिहार की राजनीति, सामाजिक मुद्दों, सिनेमा और देश-दुनिया की महत्वपूर्ण घटनाओं पर रुचि और समझ है. टीम के साथ बेहतर समन्वय बनाकर काम करना और समय सीमा के अंदर गुणवत्तापूर्ण काम पूरा करना कार्यशैली का हिस्सा है. प्रीति दयाल का उद्देश्य डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में लगातार सीखते हुए अपनी पत्रकारिता कौशल को और बेहतर बनाना और पाठकों तक विश्वसनीय और प्रभावशाली खबरें पहुंचाना है.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >