बिहार में सरकारी सॉफ्टवेयर हो गया लीक, बाजार में दोगुने दाम पर गैरकानूनी तरीके से मिल रहा जमीन का नक्शा

अंचलों से मिलने वाले जमीन के नक्शे का साॅफ्टेवयर लीक हो गया है. बाजार में दुकानदार उस साॅफ्टवेयर और आधुनिक प्लॉटर मशीन की मदद से अंचल के जमीनों का नक्शा छाप कर आम लोगों को बेच रहे हैं. राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के निर्देश पर केवल अंचल कार्यालय से मिलने वाला जमीन का नक्शा(bihar sarkar jamin naksha) बाजार में उपलब्ध हो गया है. इससे एक तरफ अंचल कार्यालयों को राजस्व का नुकसान हो रहा है, वहीं दूसरी तरफ आम लोगों को भी अप्रमाणित नक्शा अधिक दामों पर मिल रहा है.

अंचलों से मिलने वाले जमीन के नक्शे का साॅफ्टेवयर लीक हो गया है. बाजार में दुकानदार उस साॅफ्टवेयर और आधुनिक प्लॉटर मशीन की मदद से अंचल के जमीनों का नक्शा छाप कर आम लोगों को बेच रहे हैं. राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के निर्देश पर केवल अंचल कार्यालय से मिलने वाला जमीन का नक्शा(bihar sarkar jamin naksha) बाजार में उपलब्ध हो गया है. इससे एक तरफ अंचल कार्यालयों को राजस्व का नुकसान हो रहा है, वहीं दूसरी तरफ आम लोगों को भी अप्रमाणित नक्शा अधिक दामों पर मिल रहा है.

दुकान में छापेमारी करने पर हुआ खुलासा 

साॅफ्टवेयर लीक का खुलासा तब हुआ जब मधेपुरा के डुमरा अंचल में एक दुकान छापेमारी कर बड़ा नक्शा छापने वाली मशीन और नक्शे का साॅफ्टेवर बरामद किया गया. स्थानीय प्रशासन की ओर से इस पर प्राथमिकी दर्ज की गयी और तीन लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है.

अंचल से दोगुने कीमत पर बिक्री

दरअसल, लगभग चार-पांच वर्ष पहले राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने गुलजारबाग और आम रयतों से नक्शा लेकर पूरे बिहार की जमीनों का डिजिटल नक्शा तैयार किया गया था. इसके बाद केंद्र सरकार की डीआइआरएलएमपी योजना के तहत सभी जिलों के अंचलों में प्लॉटर मशीन उपलब्ध करायी गयी. फिर विभाग ने सभी अंचलों को डिजिटल नक्शा उपलब्ध कराया. अब बीते वर्षों से अंचलों से 150 रुपये लेकर आमलोगों को नक्शा उपलब्ध कराया जाता. वहीं, बाजार में दुकानदार लोगों को दो तरह से नक्शा उपलब्ध करा रहे हैं. बगैर मुहर वाले नक्शे के 200 रुपये लिये जाते हैं और मुहर लगा कर 500 रुपये प्रति नक्शे की वसूली होती है, जबकि दोनों स्थिति में नक्शा अप्रमाणित व गलत माना जायेगा.

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कई जिलों से विभाग को मिल रही सूचना

राजस्व व भूमि सुधार विभाग को कई जिलों के अंचलों से इस प्रकार की सूचना मिल रही है. इसमें विभाग ने अपने स्तर से भी जांच शुरू की है. आखिर विभाग के नक्शे का साॅफ्टेवयर बाजार में कैसे गया? इसमें अंचल से लेकर विभाग स्तर पर अधिकारियों व कर्मचारियों की क्या भूमिका है. इसकी जानकारी ली जा रही है. इसके बाद दोषियों पर कार्रवाई की जायेगी. वहीं, विभाग की ओर से सूचना पर दुकानों में छापेमारी कर इस तरह की अवैध काम रोकने के निर्देश दिये गये हैं.

बाजार में नक्शा बेचना गैरकानूनी

बाजार में नक्शा बेचना गैरकानूनी है. यह सरकार के राजस्व को क्षति पहुंचाने के साथ लोगों को गलत नक्शा देने का मामला है. हमलोग इसकी जांच कर रहे हैं कि आखिर किस जिले के अंचल से नक्शा लीक हुआ है. दोषियों की जल्द पहचान कर प्राथमिकी दर्ज करने के साथ अन्य कार्रवाई की जायेगी.

– जय सिंह, निदेशक, भू-अभिलेख एवं परिमाप

Posted By :Thakur Shaktilochan

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By Prabhat Khabar News Desk

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