पटना: पुनपुन-दरधा के तेज बहाव में 8 साल की बच्ची की डूबकर मौत, बढ़ते जलस्तर से ग्रामीणों में दहशत

पुनपुन और दरधा नदियों के बढ़ते जलस्तर ने पटना के ग्रामीण इलाकों में बाढ़ का खतरा बढ़ा दिया है। गौरीचक थाना क्षेत्र के छोटकी सपहुआ गांव में शौच के लिए निकली 8 साल की बच्ची की बाढ़ के पानी में बह जाने से दुखद मौत हो गई। इस घटना से स्थानीय लोगों में गहरा सदमा और प्रशासन के प्रति नाराजगी है।

Patna News : फुलवारी शरीफ में पुनपुन और दरधा नदी के बढ़ते जलस्तर से पटना के ग्रामीण इलाकों में बाढ़ का खतरा गहराता जा रहा है. गौरीचक थाना क्षेत्र के छोटकी सपहुआ गांव में गुरुवार सुबह बाढ़ के पानी के तेज बहाव की चपेट में आने से आठ वर्षीय बच्ची की डूबकर मौत हो गयी. मृतका की पहचान छोटकी सपहुआ गांव निवासी स्वर्गीय जितेंद्र मांझी की पुत्री रीना कुमारी के रूप में हुई है. हादसे के बाद गांव में मातम पसरा है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है.

शौच के लिए निकली थी बच्ची, तेज बहाव में फिसला पैर

बताया जाता है कि रीना गुरुवार सुबह शौच के लिए घर से बाहर निकली थी. पुनपुन और दरधा नदी का जलस्तर बढ़ने के कारण गांव के आसपास के निचले इलाकों में बाढ़ का पानी फैला हुआ है. इसी दौरान तेज बहाव वाले रास्ते से गुजरते समय उसका पैर फिसल गया और वह गहरे पानी में चली गयी. तेज धार के कारण बच्ची खुद को संभाल नहीं सकी और डूब गयी.

बच्ची के पानी में गिरने की जानकारी मिलते ही ग्रामीण मौके पर जुट गये. लोगों ने पानी में उतरकर उसकी तलाश शुरू की और काफी मशक्कत के बाद उसे बाहर निकाला. हालांकि तब तक उसकी मौत हो चुकी थी. सूचना मिलने पर गौरीचक थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घटना की जानकारी लेकर आगे की कार्रवाई में जुट गयी.

गौरीचक से चार गांवों का संपर्क बाधित

पुनपुन और दरधा नदी के लगातार बढ़ते जलस्तर से गौरीचक और आसपास के कई इलाकों में पानी फैल गया है. गौरीचक से अलावलपुर, पियररिया, जमालपुर और यमुनापुर को जोड़ने वाले संपर्क मार्ग पर भी पानी चढ़ गया है. इससे इन गांवों का सड़क संपर्क बाधित हो गया है.

ग्रामीणों के अनुसार, कई सड़कों और संपर्क मार्गों पर पानी जमा होने से लोगों के लिए जरूरी सामान खरीदने, इलाज के लिए अस्पताल जाने और अन्य आवश्यक कार्यों से गांव से बाहर निकलना मुश्किल हो गया है. ग्रामीणों को आशंका है कि जलस्तर इसी तरह बढ़ता रहा तो पानी रिहायशी इलाकों में भी प्रवेश कर सकता है.

जनप्रतिनिधियों के नहीं पहुंचने पर नाराजगी

बाढ़ का खतरा बढ़ने के बावजूद प्रभावित गांवों में सांसद, विधायक और अन्य स्थानीय जनप्रतिनिधियों के नहीं पहुंचने को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी है. ग्रामीणों का कहना है कि जनप्रतिनिधियों को मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लेना चाहिए और प्रशासन के साथ समन्वय कर लोगों की समस्याओं का समाधान कराना चाहिए.

नाव, राहत सामग्री और चिकित्सा टीम की मांग

ग्रामीणों ने प्रशासन से प्रभावित इलाकों का तत्काल निरीक्षण कराने और नदी के जलस्तर की निगरानी बढ़ाने की मांग की है. स्थिति बिगड़ने पर नाव और वैकल्पिक आवागमन की व्यवस्था करने के साथ राहत एवं बचाव दल को अलर्ट रखने की भी मांग की गयी है.

ग्रामीणों ने कहा कि जलस्तर बढ़ने पर खाद्यान्न, पेयजल, दवा और पशुओं के चारे की समस्या उत्पन्न हो सकती है. इसलिए पहले से ही राहत सामग्री, चिकित्सा दल और आवश्यक दवाओं की व्यवस्था की जानी चाहिए. साथ ही जलजमाव वाले रास्तों पर सुरक्षा और निगरानी बढ़ाने की मांग की गयी है.

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By अजीत कुमार

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.
Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >