Barbigha Free Eye Check-up Camp : दानापुर माउर के समाजसेवी ई पारस बाबू की पहली पुण्यतिथि के अवसर पर 28 सितंबर को बरबीघा के पुराने शिव मंदिर परिसर में निःशुल्क नेत्र जांच शिविर का आयोजन किया जाएगा. शिविर सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक चलेगा. कार्यक्रम का आयोजन दृष्टिकुंज नेत्रालय, सगुना मोड़ डीएस बिजनेस पार्क, पटना की निदेशक और प्रसिद्ध नेत्र सर्जन डॉ. निम्मी रानी के नेतृत्व में किया जा रहा है.
पारस बाबू की पुण्यतिथि पर सेवा का आयोजन
यह शिविर समाजसेवी ई पारस बाबू की पहली पुण्यतिथि पर आयोजित किया जा रहा है. आयोजन में उनकी पुत्रवधू डॉ. निम्मी रानी, पुत्र हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. निशिकांत कुमार और डॉ. शिवेंद्र कुमार की प्रमुख भूमिका बताई गई है. आयोजन का उद्देश्य जरूरतमंद लोगों तक चिकित्सा सुविधा पहुंचाना है.
मरीजों की आंखों की होगी जांच
शिविर में पहुंचने वाले जरूरतमंद मरीजों की आंखों की जांच की जाएगी. जांच के बाद उन्हें चिकित्सकीय परामर्श भी उपलब्ध कराया जाएगा. आयोजकों के अनुसार, समय पर आंखों की जांच और उपचार से दृष्टि संबंधी समस्याओं की पहचान और इलाज में मदद मिलेगी.
1000 मरीजों की निःशुल्क सर्जरी का लक्ष्य
शिविर के दौरान माउर, बरबीघा और आसपास के क्षेत्रों के जरूरतमंद मरीजों के लिए निःशुल्क नेत्र सर्जरी का लक्ष्य रखा गया है. आयोजकों के अनुसार करीब 1000 मरीजों की निःशुल्क सर्जरी कराने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है.
जरूरतमंदों को मुफ्त चश्मा और दवा
नेत्र जांच के साथ जरूरतमंद लोगों के बीच निःशुल्क चश्मे और दवाओं का भी वितरण किया जाएगा. इससे उन मरीजों को राहत मिलने की उम्मीद है, जो आर्थिक कारणों से आंखों की जांच, चश्मा या दवाओं का खर्च वहन नहीं कर पाते हैं.
आर्थिक रूप से कमजोर लोगों पर फोकस
आयोजक डॉ. शिवेंद्र कुमार और डॉ. निशिकांत कुमार के अनुसार शिविर का मुख्य उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर और जरूरतमंद लोगों तक नेत्र चिकित्सा की सुविधा पहुंचाना है. उनका कहना है कि समय पर जांच और उपचार मिलने से आंखों से जुड़ी कई समस्याओं का समाधान किया जा सकता है.
माउर और बरबीघा के लोगों को मिलेगा लाभ
आयोजकों ने माउर और बरबीघा के साथ आसपास के क्षेत्रों के जरूरतमंद लोगों को शिविर में पहुंचकर लाभ लेने की अपील की है. एक ही स्थान पर जांच, चिकित्सकीय परामर्श, चश्मा और दवा की सुविधा उपलब्ध कराने की योजना है.
चिकित्सा सेवा के साथ सामाजिक पहल
ई पारस बाबू की पुण्यतिथि पर आयोजित यह शिविर चिकित्सा सेवा के साथ सामाजिक सरोकार से भी जुड़ा है. आयोजन के माध्यम से जरूरतमंद लोगों को स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है.
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