Patna News : कांगो में नौकरी दिलाने के नाम पर 100 लोगों से ठगी, एजेंसी का ऑफिस बंद देख सदमे में एक की मौत

विदेश भेजने के नाम पर ठगी का शिकार हुए एक पीड़ित का उस वक्त सदमे में मौत हो गयी, जब शातिर का कार्यालय बंद मिला.

संवाददाता, पटना : विदेश भेजने के नाम पर ठगी का शिकार हुए एक पीड़ित का उस वक्त सदमे में मौत हो गयी, जब शातिर का कार्यालय बंद मिला. कार्यालय में ताला लटका देख वह सदमे में सीढ़ी से गिर गया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गयी. उसके साथ ठगी के शिकार अन्य लोग भी थे. पीड़ितों ने आनन-फानन में उसे गार्डिनर अस्पताल में भर्ती कराया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया. मृतक की पहचान पूर्वी चंपारण के केसरिया थाने के गोच्छी के 45 वर्षीय मो. मुश्ताक अली के रूप में हुई है. घटना के बाद मौके पर कोतवाली थाना पुलिस पहुंची और छानबीन शुरू की. ठगी के शिकार देवरिया के कमलेश ने बताया कि मृतक के भतीजे को सूचना दी है. वह अहमदाबाद में रहता है. उसने परिवार वालों को सूचना दी है. उसने बताया कि एग्जीबिशन रोड स्थित एक अल मनार इंटरनेशनल नाम की कंपनी ने दक्षिण अफ्रीका के कांगो में नौकरी दिलाने के नाम पर 100 से अधिक लोगों से 80 से 85 हजार रुपये लिये हैं. कोतवाली थाने की पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है.

दिल्ली फ्लाइट पकड़ने पहुंचे लोग, तो एजेंट ने फोन उठाना किया बंद

गार्डिनर अस्पताल में मौजूद पीड़ितों ने पिछले महीने अफ्रीका के कांगो में फीटर, ऑपरेटर और वेल्डर की नौकरी दिलाने के नाम पर हर व्यक्ति से 80 से 85 हजार रुपये लिये गये थे. मोबाइल फोन पर वीजा भेजा, जो सही था. कहा गया कि गुरुवार को दिल्ली से फ्लाइट है. वहीं पर एजेंट टिकट और वीजा देगा. जब वहां पहुंचे, तो न वीजा मिला और न टिकट. इसके बाद वहां से अमृत भारत एक्सप्रेस से पटना पहुंचे और कार्यालय पहुंचे. 10 से 12 लोग एक साथ पहुंचे और 60 से 70 लोग ट्रेन से आ रहे हैं. हमलोगों के साथ मो. मुश्ताक भी थे. वहां मुश्ताक ने एजेंट को कॉल लगाया, तो उसका मोबाइल स्विच ऑफ था. ऊपर गया, तो देखा कि कार्यालय में ताला लटका है. इसके बाद वह सदमे में चल गया और तबीयत बिगड़ने लगी. हमलोग कुछ समझ पाते कि वह गिर गया. आनन-फानन में उसे लेकर अस्पताल पहुंचे, जहां उसे मृत घोषित कर दिया.

गांव की जमीन बेच कर नौकरी के लिए दिया था पैसा

पीड़ितों ने बताया कि वह बताया था कि मुश्ताक ने गांव की जमीन बेच कर पैसा दिया था. परिवार को लगा था कि दक्षिण अफ्रीका में नौकरी लग गयी है. घर में सभी खुश थे. लेकिन, दिल्ली पहुंचते ही सारे सपने टूट गये. इसी का सदमा उसे लगा और बर्दाश्त नहीं कर पाया.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.

Read More

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >