बिहार के पूर्व राज्यपाल पद्मश्री डॉ. डीवाई पाटिल का निधन, राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने जताया शोक

बिहार के पूर्व राज्यपाल और पद्मश्री से सम्मानित डॉ. डीवाई पाटिल का 91 वर्ष की आयु में निधन हो गया है. उन्होंने राज्यपाल पद के कार्यकाल के दौरान और बाद में भी बिहार के शिक्षा क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दिया. इस दुखद अवसर पर बिहार के राज्यपाल, मुख्यमंत्री और राजद नेताओं ने गहरा शोक व्यक्त किया है.

Bihar Former Governor DY Patil Passes Away: बिहार के पूर्व राज्यपाल एवं पद्मश्री से सम्मानित डॉ. डीवाई पाटिल का मंगलवार को मुंबई में 91 वर्ष की उम्र में निधन हो गया. वे 22 मार्च 2013 से 26 नवंबर 2014 तक बिहार के राज्यपाल रहे थे. राज्यपाल पद का कार्यकाल समाप्त होने के बाद भी उनका बिहार से जुड़ाव बना रहा. वे कई बार बिहार आए और यहां एक स्कूल की भी स्थापना की थी.

राज्यपाल ने जताया गहरा शोक

बिहार के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) सैय्यद अता हसनैन ने शोक संदेश जारी करते हुए कहा कि डॉ. डीवाई पाटिल का निधन सार्वजनिक जीवन, शिक्षा और समाजसेवा के क्षेत्र के लिए अपूरणीय क्षति है. उन्होंने कहा कि डॉ. पाटिल ने शिक्षा, स्वास्थ्य और जनसेवा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देकर समाज के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. उनके कार्यों को लंबे समय तक याद किया जाएगा.

मुख्यमंत्री ने बताया प्रेरणादायी व्यक्तित्व

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने अपने शोक संदेश में कहा कि बिहार के पूर्व राज्यपाल पद्मश्री डॉ. डीवाई पाटिल के निधन का समाचार अत्यंत दुखद है. उन्होंने एक शिक्षाविद, समाजसेवी और बिहार के राज्यपाल के रूप में शिक्षा, स्वास्थ्य और जनसेवा के क्षेत्र में अमिट योगदान दिया. उनका प्रेरणादायी जीवन सदैव स्मरणीय रहेगा.

राजद नेताओं ने भी दी श्रद्धांजलि

राष्ट्रीय जनता दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष लालू प्रसाद, पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी और कार्यकारी अध्यक्ष तेजस्वी प्रसाद यादव सहित पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं ने डॉ. डीवाई पाटिल के निधन पर गहरी शोक संवेदना व्यक्त की. नेताओं ने कहा कि उनके निधन से शिक्षा जगत को अपूरणीय क्षति हुई है.

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लेखक के बारे में

By Nikhil Anurag

मूलतः निखिल अनुराग. पेशे से पत्रकार. बुद्ध की धरती पर जन्म. बिहार का सबसे नवीनतम जिला (अरवल) से ताल्लुक. पढ़ाई की शुरूआत गांव से ही. फिर गंगा के तट पटना पहुंचा. ज्ञान की धरती से कुछ तालीम हासिल कर राष्ट्रीय राजधानी की ओर कूच. पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएट. नोएडा की धरती पर विद्वतजन से कुछ न कुछ सीखा. करंट अफ़ेयर्स, राजनीति, खेल, अंतरराष्ट्रीय संबंध, गाँव, खेत-किसान पसंदीदा टॉपिक. स्कूल, कॉलेज युनिवर्सिटी में यूथ से गपशप करना एनर्जी का अतिरिक्त स्रोत. साल 2020 में नोएडा से शुरू हुई इस लेखन यात्रा कलम, डेस्कटॉप, लैपटॉप के की-बोर्ड से होते हुए स्मार्ट फोन तक पहुंच गयी. ज्यों-ज्यों उम्र बढ़ रही है, सीखने, पढ़ने, लिखने की भूख भी बढ़ रही है.

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