Flood in Maner : पटना के मनेर में गंगा और सोन नदी के जलस्तर में लगातार हो रही वृद्धि से मनेर के दियारा इलाके में बाढ़ की स्थिति गंभीर होती जा रही है. बुधवार को हल्दी छपरा बाजार समेत कई नए इलाकों में बाढ़ का पानी प्रवेश कर गया. घरों में पानी घुसने से लोगों की परेशानी बढ़ गयी है. बाढ़ प्रभावित गांवों से लोग धीरे-धीरे सुरक्षित स्थानों की ओर जाने लगे हैं. नदियों के जलस्तर में लगातार वृद्धि को लेकर दियारा क्षेत्र के लोगों में दहशत का माहौल है.
कई गांवों की सड़कें पानी में डूबीं
बाढ़ के पानी से दुधेला सड़क, इस्लामगंज, बदल टोला, धजवा टोला तथा नगर परिषद क्षेत्र के अदल चक और जंगलिया टोला जाने वाली सड़कें डूब गयी हैं. लोगों को पानी में घुसकर आवागमन करना पड़ रहा है. इस्लामगंज के ग्रामीण नाव के सहारे मनेर जाने के लिए सुरक्षित सड़क तक पहुंच रहे हैं.
बदल टोला, सात अना, दुधेला, रत्न टोला, छिहत्तर, हाथी टोला, मुंजी टोला, धजवा टोला, हल्दी छपरा, पुराना टोला और नया टोला समेत कई गांवों में बाढ़ का पानी प्रवेश कर गया है. वहीं, पश्चिम बिहार जाने वाली तिवारी टोला की सड़क भी दोनों तरफ से पानी में डूब गयी है, जिससे आवागमन बाधित हो गया है.
सुरक्षित स्थानों के लिए सामान जुटाने लगे ग्रामीण
बाढ़ की आशंका को देखते हुए दियारा के लोग भी तैयारी में जुट गये हैं. ग्रामीण भोजन और जरूरी सामान का इंतजाम करने लगे हैं. बड़ी संख्या में लोग गैस सिलेंडर, अनाज, आलू, प्याज समेत अन्य जरूरी सामान सुरक्षित स्थानों की ओर ले जा रहे हैं.
विधायक और अधिकारियों ने लिया जायजा
बाढ़ प्रभावित इलाकों का विधायक भाई वीरेंद्र, नगर परिषद अध्यक्ष विद्याधर विनोद सिंह, मुखिया लाल किशोर सिंह, अशोक सिंह, मैनेजर सिंह और अंचलाधिकारी पूजा कुमारी ने निरीक्षण किया. विधायक भाई वीरेंद्र ने सरकार से अविलंब राहत उपलब्ध कराने की मांग की. उन्होंने कहा कि बाढ़ के कारण सबसे बड़ी समस्या मवेशियों के चारे की हो गयी है. सरकार को बाढ़ की स्थिति को देखते हुए राहत कैंप की तैयारी रखनी चाहिए.
प्रशासन की ओर से नाव की व्यवस्था की जा रही
अंचलाधिकारी पूजा कुमारी ने बताया कि गंगा किनारे के कुछ गांवों में बाढ़ का पानी प्रवेश किया है. प्रशासन की ओर से नाव की व्यवस्था की जा रही है. पशुओं के विस्थापित होने की स्थिति में उनके लिए चारे की व्यवस्था भी की जायेगी.
स्थिति बिगड़ी तो राहत कैंप चलाये जाएंगे
उन्होंने बताया कि यदि घरों में पानी प्रवेश करने और लोगों के विस्थापित होने की स्थिति बनती है, तो दो राहत कैंप चलाये जायेंगे. इनमें राम नगीना सिंह इंटर कॉलेज और महिनावा स्थित मध्य विद्यालय शामिल हैं. राहत कैंप में लोगों के रहने के साथ भोजन की भी व्यवस्था रहेगी. हालांकि, अभी ऐसी स्थिति नहीं बनी है और फिलहाल कुछ गांवों में ही बाढ़ का पानी प्रवेश किया है.
