Ganga Flood : (पटना से एम के सिंह की रिपोर्ट) गंगा नदी में लगातार बढ़ रहे जलस्तर का असर अब पुनपुन नदी पर भी साफ दिखाई देने लगा है. पुनपुन नदी उफान पर है और तेज बहाव के कारण फतुहा प्रखंड के पश्चिमी इलाके में बाढ़ का संकट गहराने लगा है. अलावलपुर पंचायत के बकरचक गांव के समीप पुनपुन नदी के तेज बहाव में हाल ही में बनी ग्रामीण सड़क पूरी तरह टूटकर ध्वस्त हो गयी. सड़क टूटने से बकरचक गांव का गौरीचक, चंदौसी और रामनगर समेत कई गांवों से सड़क संपर्क पूरी तरह भंग हो गया है.
ग्रामीणों के अनुसार बकरचक से चंदौसी होते हुए गौरीचक और रामनगर जाने वाली यह सड़क हाल ही में बनी थी. पुनपुन नदी में अचानक तेज उफान आने के बाद पानी के दबाव और तेज धारा के कारण सड़क का बड़ा हिस्सा टूटकर नदी में समा गया. सड़क के टूटने के बाद इस मार्ग से वाहनों का आवागमन पूरी तरह बंद हो गया है.
सात से दस किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय करने की मजबूरी
सड़क टूटने से बाकरचक गांव के लोगों की परेशानी बढ़ गयी है. गौरीचक और चंदौसी की ओर जाने का सीधा रास्ता बंद हो गया है. ग्रामीणों को अब फतुहा बाजार आने-जाने के लिए करीब दस किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ रही है. ग्रामीणों का कहना है कि यदि पानी का दबाव इसी तरह बना रहा तो आसपास के अन्य ग्रामीण रास्तों पर भी संकट उत्पन्न हो सकता है.
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सैकड़ों एकड़ धान की फसल पानी में डूबी
पुनपुन नदी के बढ़े जलस्तर का सबसे ज्यादा असर किसानों पर पड़ा है। नदी का पानी आसपास के खेतों में फैलने से सैकड़ों एकड़ में लगी धान की फसल डूब गयी है. किसानों की मेहनत और लागत पर पानी फिरता नजर आ रहा है. किसानों ने बताया कि यदि जल्द पानी कम नहीं हुआ तो धान की फसल पूरी तरह बर्बाद हो सकती है. इससे किसानों को भारी आर्थिक क्षति उठानी पड़ेगी.
सड़क टूटने के बाद भी नहीं पहुंचे अधिकारी
ग्रामीणों में इस बात को लेकर भी काफी आक्रोश है कि सड़क टूटने और गांव का संपर्क भंग होने की सूचना के बावजूद सुबह से खबर लिखे जाने तक कोई प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लेने नहीं पहुंचा. ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल मौके पर पहुंचकर सड़क और बाढ़ की स्थिति का निरीक्षण करने की मांग की है.
ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन को तत्काल वैकल्पिक आवागमन की व्यवस्था करनी चाहिए, ताकि आपात स्थिति में लोगों को फतुहा बाजार, अस्पताल और अन्य जरूरी स्थानों तक पहुंचने में परेशानी न हो. साथ ही किसानों की डूबी फसल का सर्वे कराकर उचित मुआवजा देने की भी मांग की गयी है.
पुनपुन नदी का जलस्तर लगातार बढ़ने से बकरचक और आसपास के गांवों में दहशत का माहौल है. अब ग्रामीणों की नजर प्रशासन पर टिकी है कि वह कब तक मौके पर पहुंचकर राहत और आवागमन की व्यवस्था करता है.
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