पटना: 551 फीट के विशाल कांवड़ के साथ त्रिवेणी घाट से निकली भव्य कांवर यात्रा, हर-हर महादेव के जयघोष से गूंजा फतुहा

सावन के पावन महीने में फतुहा के त्रिवेणी घाट पर आस्था, भक्ति और उत्साह का अद्भुत संगम देखने को मिला. इस्लामपुर से पहुंचे हजारों कांवड़ियों ने पवित्र गंगा में स्नान कर बाबा महादेव के जलाभिषेक के लिए भव्य काँवर यात्रा शुरू की.

Patna Kanwar Yatra: सावन के पावन महीने में फतुहा के त्रिवेणी घाट पर रविवार को आस्था, भक्ति और उत्साह का अद्भुत संगम देखने को मिला. इस्लामपुर से पहुंचे हजारों कांवड़ियों ने त्रिवेणी घाट पर पवित्र गंगा में स्नान कर विधि-विधान से गंगाजल उठाया. इसके बाद जहानाबाद जिले के बराबर स्थित बाबा महादेव के जलाभिषेक के लिए भव्य कांवर यात्रा शुरू की गयी. हजारों कांवड़ियों के जत्थे के साथ निकली इस यात्रा से पूरा फतुहा भक्तिमय हो उठा.

यात्रा शुरू होते ही हर-हर महादेव और बोल बम के जयघोष से त्रिवेणी घाट समेत आसपास का इलाका गूंज उठा. कांवड़िए भगवान भोलेनाथ की भक्ति में झूमते, नाचते-गाते और जयघोष करते हुए बाबा बराबर की ओर बढ़ रहे थे. रास्ते में जगह-जगह लोगों ने कांवड़ियों का स्वागत किया और पेयजल समेत अन्य सुविधाओं की व्यवस्था की.

551 फीट लंबा कांवड़ बना आकर्षण का केंद्र

कांवर यात्रा की सबसे बड़ी खासियत 551 फीट लंबा विशाल कांवड़ रहा. बड़ी संख्या में कांवड़ियों ने मिलकर इस विशाल कांवड़ को अपने कंधों पर उठाया. विशाल कांवड़ को देखने के लिए सड़क के दोनों ओर लोगों की भीड़ जुटी रही. यात्रा के आगे बढ़ने के साथ श्रद्धालुओं का उत्साह भी बढ़ता गया.

विशाल कांवड़ के साथ चल रहे कांवड़िए एक स्वर में बोल बम का जयघोष करते हुए आगे बढ़ रहे थे. श्रद्धालुओं के लिए यह यात्रा सिर्फ गंगाजल ले जाने तक सीमित नहीं थी, बल्कि भगवान भोलेनाथ के प्रति उनकी आस्था और श्रद्धा का प्रतीक बनी.

भोलेनाथ-पार्वती की झांकी रही आकर्षण का केंद्र

कांवर यात्रा में भगवान भोलेनाथ और माता पार्वती की भव्य झांकी भी सजायी गयी थी. झांकी के साथ चल रहे श्रद्धालु भक्ति गीतों पर झूमते नजर आये. भगवान शिव के जयकारे और धार्मिक गीतों से यात्रा मार्ग का माहौल पूरी तरह भक्तिमय बना रहा.

कांवड़ियों के जत्थे में युवा, बुजुर्ग और बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल थे. सभी गंगाजल लेकर बाबा महादेव का जलाभिषेक करने के लिए उत्साह के साथ आगे बढ़ रहे थे. कई कांवड़िए पूरे रास्ते भगवान शिव का नाम जपते हुए पैदल यात्रा कर रहे थे.

आस्था और उत्साह का दिखा अद्भुत संगम

त्रिवेणी घाट से निकली इस विशाल कांवर यात्रा में श्रद्धा, भक्ति और उत्साह का अद्भुत संगम देखने को मिला. सावन में गंगाजल उठाकर बाबा महादेव का जलाभिषेक करने की परंपरा को लेकर श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह रहा. हजारों कांवड़ियों के एक साथ आगे बढ़ने से पूरा वातावरण शिवमय नजर आया.

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लेखक के बारे में

By सुधीर कुमार

सुधीर कुमार प्रिंट माध्यम में 15 वर्षों से और डिजिटल माध्यम में पिछले 4 वर्षों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. फुल्लीडुमर (बांका) क्षेत्र में काम कर रहे हैं. सामाजिक गतिविधि, खेल, इतिहास और राजनीतिक गतिविधियों में रुचि रखते हैं.

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