दानापुर में किसान चौपाल: खेती से मुनाफा बढ़ाने का फॉर्मूला, वैज्ञानिकों ने बताए दलहन-जैविक खेती के तरीके

दानापुर में आयोजित किसान गोष्ठी में विशेषज्ञों ने सरकारी योजनाओं, खाद वितरण के नए नियमों और केमिकल मुक्त खेती के फायदों पर जोर दिया. किसानों को बाजार की मांग के अनुसार फसलें चुनने और जैविक खेती अपनाने की सलाह दी गई ताकि लागत कम हो और आमदनी बढ़े.

दानापुर (पटना). प्रखंड कार्यालय परिसर स्थित सभागार में शनिवार को कृषि विभाग की ओर से एक दिवसीय किसान गोष्ठी का आयोजन हुआ. इसमें प्रखंड भर के किसानों को सरकारी योजनाओं, खाद वितरण के नए नियमों और बिना केमिकल वाली खेती के फायदों की जानकारी दी गई. कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को समझाया कि अब पुराने ढर्रे पर खेती करने के बजाय बाजार की जरूरत के हिसाब से फसलें चुननी होंगी.

पारदर्शी खाद प्रणाली और फसल चक्र बदलने की सलाह

कार्यक्रम की शुरुआत में किसानों को खाद खरीद की नई और पारदर्शी प्रक्रिया के बारे में बताया गया, ताकि उन्हें किसी तरह की परेशानी या बिचौलियों का सामना न करना पड़े. प्रखंड कृषि पदाधिकारी (बीएओ) उपेंद्र कुमार ने कहा कि केवल धान और गेहूं लगाने से लागत ज्यादा आ रही है और बचत कम हो रही है. उन्होंने किसानों को दलहन, तिलहन और नकदी फसलें उगाने की सलाह दी, जिससे नुकसान का खतरा कम हो और आमदनी बढ़े.

बाजार की मांग समझें और जैविक खेती अपनाएं

उप परियोजना निदेशक बृजेंद्र मणि ने किसानों को प्राकृतिक खेती के आसान तौर-तरीके बताए. उन्होंने कहा कि किसान वही फसल लगाएं जिसकी बाजार में अच्छी मांग और सही कीमत मिले. उन्होंने रासायनिक खाद और कीटनाशकों का इस्तेमाल कम करने की अपील की. कार्यक्रम में उन किसानों के उदाहरण भी दिए गए जिन्होंने प्राकृतिक खेती अपनाकर अच्छी कमाई की है.

मिट्टी की सेहत और लागत घटाने पर जोर

विशेषज्ञों ने बताया कि ज्यादा यूरिया और केमिकल डालने से खेतों की मिट्टी कमजोर हो रही है. अगर प्राकृतिक खाद और घरेलू नुस्खों से खेती की जाए, तो दवाइयों का भारी खर्च बच जाएगा और मिट्टी की ताकत भी बनी रहेगी. गोष्ठी में किसानों ने अपनी समस्याएं भी रखीं, जिनका मौके पर ही समाधान बताया गया.

13 पंचायतों के प्रतिनिधि व किसान रहे मौजूद

इस गोष्ठी में प्रखंड की 13 पंचायतों से आए किसान सलाहकार समिति के अध्यक्ष, जनप्रतिनिधि और कृषि विभाग के कर्मचारी शामिल हुए. मौके पर आत्मा किसान सलाहकार समिति के अध्यक्ष नरेंद्र कुमार, बीस सूत्री अध्यक्ष ब्रजेश कुमार सिंह, उपाध्यक्ष मनोज कुमार समेत कई किसान उपस्थित थे.

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By संजय कुमार

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