Patna News : पटना जिले के पालीगंज में जमाबंदी का लॉक हटाने की शिकायत करना एक किसान को महंगा पड़ गया. पालीगंज अंचलाधिकारी महेश कुमार पर किसान को कार्यालय कक्ष में बुलाकर दरवाजा अंदर से बंद करने, गाली-गलौज और मारपीट करने का गंभीर आरोप लगा है. पीड़ित किसान ने रविवार को पालीगंज थाने में लिखित शिकायत देकर मामले की जांच कराने और सीओ कार्यालय में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालने की मांग की है.
एक साल से जमाबंदी लॉक होने का दावा
मसौढ़ी कला निवासी कुंदन कुमार वर्मा के अनुसार, उनकी जमाबंदी पहले उनके पिता के नाम पर दर्ज थी. करीब एक वर्ष पहले अंचलाधिकारी द्वारा जमाबंदी को लॉक कर दिया गया. इसके बाद से वह लॉक हटवाने के लिए लगातार अंचल कार्यालय और सीओ के पास चक्कर लगा रहे थे, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ.
कमरे में बुलाकर मारपीट का आरोप
कुंदन का आरोप है कि शनिवार दोपहर वह इसी शिकायत को लेकर सीओ से मिलने पहुंचे थे. इसी दौरान सीओ ने एक गार्ड के माध्यम से उन्हें अपने कार्यालय कक्ष में बुलाया. किसान के अनुसार, कमरे में पहुंचने के बाद सीओ ने दरवाजा अंदर से बंद कर दिया और कथित तौर पर गाली-गलौज करने लगे. विरोध करने पर उनके साथ मारपीट की गई.
पीड़ित ने आरोप लगाया कि उन्होंने बार-बार माफी की गुहार लगाई, लेकिन इसके बावजूद मारपीट जारी रही. उनका यह भी आरोप है कि बाद में सीओ ने कथित तौर पर कहा कि जहां जाना है जाओ, उनकी जमाबंदी का लॉक नहीं खुलेगा.
सीसीटीवी फुटेज जांच की मांग
घटना के बाद किसान रविवार को पालीगंज थाने पहुंचे और लिखित शिकायत दी. उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच के साथ सीओ कार्यालय में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की जांच कराने की मांग की है, ताकि घटना की वास्तविकता सामने आ सके.
थानाध्यक्ष संतोष कुमार सिंह ने शिकायत मिलने की पुष्टि करते हुए बताया कि मामले में लिखित आवेदन प्राप्त हुआ है. शिकायत की जांच की जा रही है. जांच के आधार पर उचित कार्रवाई की जाएगी.
सीओ ने कहा- सिर्फ फटकार लगाई, लॉक भी हटा दिया
वहीं, सीओ महेश कुमार ने आरोपों को अलग तरीके से बताया. उन्होंने कहा कि शनिवार को वह कार्यालय में रैयतों की शिकायत सुन रहे थे. इसी दौरान उक्त किसान लाइन तोड़कर जबरन कार्यालय में प्रवेश करने की कोशिश कर रहा था. इस पर उसे सिर्फ फटकार लगाई गई थी. सीओ ने बताया कि किसान की जमाबंदी का लॉक भी हटा दिया गया है.
