Patna News: फ्लाइट से यात्रा के लिए दे रहा था कोविड जांच की फर्जी रिपोर्ट, डायग्नोस्टिक सेंटर के खिलाफ FIR

बिहार की राजधानी पटना में एक डायग्नोस्टिक सेंटर से फर्जी कोविड रिपोर्ट बनाने के मामला का खुलासा हुआ है. फ्लाइट यात्रियों को यात्रा के लिए ये रिपोर्ट मुहैया कराये जाते थे. छापेमारी के बाद मुकदमा दर्ज कर लिया गया है.

फ्लाइट से यात्रा करने के लिए यात्री कोविड की फर्जी आरटीपीसीआर रिपोर्ट लेकर पटना एयरपोर्ट पर आ रहे थे. और यह रिपोर्ट राजाबाजार स्थित प्लाज्मा डायग्नोस्टिक में बनायी जा रही थी. इसका खुलासा होते ही डायग्नोस्टिक सेंटर में छापेमारी की गयी. मामला सही पाये जाने पर जांच सेंटर के मालिक के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है.

शास्त्रीनगर थाने में केस दर्ज

छापेमारी के दौरान डायग्नोस्टिक सेंटर से तीन डायग्नोस्टिक सेंटर सरल पैथोलैब, जेनरल डायग्नोस्टिक इंटरनेशनल व हिंद लैब्स डायग्नोस्टिक सेंटर की रिपोर्ट व पैसे का रसीद बरामद किया गया.इसके बाद अवैध टेस्ट करने, निबंधन नहीं कराने, फर्जी रिपोर्ट देने और कोविड प्रोटोकॉल का पालन नहीं करने के आरोप में डायग्नोस्टिक सेंटर के खिलाफ अपर मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी डॉ अविनाश कुमार सिंह के बयान पर शास्त्रीनगर थाने में केस दर्ज कर लिया गया है. इसके साथ ही जिलाधिकारी डॉ चंद्रशेखर सिंह के निर्देश पर पूरे मामले की जांच के लिए टीम का भी गठन कर दिया गया है.

निबंधित भी नहीं है जांच सेंटर

फ्लाइट से यात्रा करने के लिए कोविड का आरटीपीसीआर जांच जरूरी होता है. आरटीपीसीआर जांच के बाद ही यात्रा करने की इजाजत दी जाती है. अब कुछ यात्री फर्जी कोविड आरटीपीसीआर जांच की रिपोर्ट लेकर एयरपोर्ट पर पहुंच रहे थे. लेकिन इस बात की जानकारी पटना एयरपोर्ट प्रशासन को हो गया. इसके बाद एयरपोर्ट निदेशक ने जिलाधिकारी डॉ चंद्रशेखर सिंह को पूरे मामले की जानकारी दी.

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यात्रियों की जांच रिपोर्ट फर्जी पाये जाने पर हुआ खुलासा

मामले को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ने जांच रिपोर्ट की जांच के लिए जिला नियंत्रण कक्ष के नगर दंडाधिकारी, नयाचार पदाधिकारी, डीएचएस के जिला कार्यक्रम प्रबंधक व एयरपोर्ट थानाध्यक्ष की एक टीम का गठन कर दिया. इसी बीच यात्रा करने पहुंचे कुछ यात्रियों की जांच रिपोर्ट फर्जी पायी गयी और उन लोगों से पूछताछ में यह बातें सामने आयी कि उन लोगों ने उक्त रिपोर्ट राजाबाजार स्थित प्लाज्मा डायग्नोस्टिक सेंटर से बनवाया गया है.

प्लाज्मा डायग्नोस्टिक क्लिनिकल एस्टेब्लिशमेंट एक्ट के तहत निबंधित नहीं

इस दौरान एक व्यक्ति के पास से प्लाज्मा डायग्नोस्टिक का विजिटिंग कार्ड भी मिला. इसके बाद वहां छापेमारी की गयी. सेंटर की जब जांच की गयी तो पाया गया कि प्लाज्मा डायग्नोस्टिक क्लिनिकल एस्टेब्लिशमेंट एक्ट के तहत निबंधित नहीं है. इसके साथ ही जांच में यह बातें सामने आयी कि सेंटर द्वारा अवैध टेस्ट किये जाते थे और फर्जी रिपोर्ट जारी की जाती है.

तीन लैब की जांच रिपोर्ट व पैसे की रसीद बरामद

इसके साथ ही तीन लैब की जांच रिपोर्ट व पैसे की रसीद भी मिली. इसके बाद शास्त्रीनगर थाने में प्लाज्मा डायग्नोस्टिक सेंटर के मालिक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करा दी गयी. शास्त्रीनगर थानाध्यक्ष रामशंकर सिंह ने बताया कि अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है. जांच की जा रही है कि किस तरह से यह गोरखधंधा होता था.

Posted By: Thakur Shaktilochan

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By Prabhat khabar news desk

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