बालू माफियाओं के खिलाफ इओयू सख्त

रोक के बाद भी अवैध खनन की शिकायत मिलने पर आर्थिक अपराध इकाई ने अलग से कोषांग बनाकर बालू माफियाओं पर कार्रवाई शुरू कर दी है.

संवाददाता, पटना रोक के बाद भी अवैध खनन की शिकायत मिलने पर आर्थिक अपराध इकाई ने अलग से कोषांग बनाकर बालू माफियाओं पर कार्रवाई शुरू कर दी है. भोजपुर में छापेमारी कर राज्यव्यापी अभियान की शुरुआत की गयी है. जिले में पुराने और सक्रिय बालू माफियाओं एवं असामाजिक तत्वों की सूची तैयार कर उनकी भी जांच की जा रही है. उनके पुराने मामलों की फाइलें खोल दी गयी हैं. ड्रोन और जीपीएस तकनीक से बालू के भंडारण स्थलों का सत्यापन भी किया. आर्थिक अपराध इकाई ने शनिवार को आधिकारिक रूप ये जानकारी देते हुए बताया कि बिहार में बाढ़ की आशंका को देखते हुए राज्य सरकार ने पंद्रह जून, 2025 से सभी प्रकार के बालू उत्खनन पूर्णतः प्रतिबंधित किया गया है. कई बार ऐसी जानकारी मिली थी कि कुछ लोग बालू भंडारण के नाम पर चोरी-छिपे बालू की खुदाई करते हैं या तय सीमा से ज्यादा बालू जमा करके सरकार को राजस्व का नुकसान पहुंचा रहे हैं. खनन विभाग, बिहार से यह जानकारी ली गयी है कि राज्य में कितने लोगों या कंपनियों को बालू भंडारण की अनुमति दी गयी है और कितनों को इसके लिए लाइसेंस जारी किया गया है. इस पूरे मामले में सख्त कार्रवाई के लिए आर्थिक अपराध इकाई ने एक विशेष टीम बनायी है, जिसका नेतृत्व इकाई के पुलिस अधीक्षक राजेश कुमार कर रहे हैं. इस अभियान के पहले चरण में 20 और 21 जून 2025 की रात, भोजपुर जिले में आर्थिक अपराध इकाई, जिला प्रशासन और जिला पुलिस की संयुक्त टीमों ने एक साथ छापेमारी की. इस दल का नेतृत्व संयुक्त रूप से भोजपुर के जिलाधिक���री, भोजपुर के पुलिस अधीक्षक और आर्थिक अपराध इकाई के पुलिस अधीक्षक, बिहार ने किया. इन दलों द्वारा कुल चार बालू भंडारण स्थलों और बालू के खनन पट्टों का औचक निरीक्षण किया गया.

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Published by: Rakesh ranjan

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