EO विमल कुमार हत्याकांड: पत्नी के आरोप पर विधायक सोनू सिंह का बयान, बोले- रोज फोन करने का सवाल ही नहीं, कॉल डिटेल जांचें

EO विमल कुमार हत्याकांड: मृतक की पत्नी द्वारा डेहरी विधायक सोनू सिंह पर 50 लाख रुपये मांगने के आरोप के बाद विधायक ने सफाई दी है. उन्होंने आरोपों से इनकार करते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की और कहा कि कॉल डिटेल से सच्चाई सामने आ जाएगी.

EO Vimal Kumar Murder Case: डेहरी-डालमियानगर नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी (ईओ) विमल कुमार की हत्या के बाद उनकी पत्नी बबीता विमल ने डेहरी विधायक राजीव रंजन सिंह उर्फ सोनू सिंह पर गंभीर आरोप लगाए थे. पत्नी का दावा है कि विधायक उनके पति पर 50 लाख रुपये देने का दबाव बना रहे थे और कई बार फोन कर पैसे की मांग की गई थी. उन्होंने यह भी कहा कि 29 जुलाई को उनके पति को विधायक के आवास पर बुलाया गया था. पत्नी ने आरोप लगाया कि पैसे नहीं देने के कारण ही उनके पति की हत्या कराई गई और उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है.

विधायक ने आरोपों को बताया गलत

इन आरोपों पर अब विधायक सोनू सिंह का जवाब सामने आया है. उन्होंने ईओ विमल कुमार की हत्या को दुखद और निंदनीय बताते हुए कहा कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए. विधायक ने कहा कि वह खुद भी निष्पक्ष जांच के पक्ष में हैं और पीड़ित परिवार के साथ खड़े हैं.

कार्यक्रम में मौजूद थे दोनों

विधायक ने बताया कि घटना वाली रात अनुमंडल प्रशासन के कार्यक्रम ‘एक शाम शहीदों के नाम’ में वह और ईओ दोनों मौजूद थे. उनके अनुसार, ईओ ने तबीयत खराब होने की बात कहकर कार्यक्रम बीच में छोड़ दिया था. विधायक ने कहा कि वह रात करीब नौ-दस बजे तक कार्यक्रम में रहे और बाद में एसडीएम के जरिए घटना की जानकारी मिली, जिसके बाद वह अस्पताल पहुंचे.

अस्पताल में पहुंचे अधिकारी

विधायक के अनुसार, सूचना मिलने पर वह अस्पताल पहुंचे, जहां औरंगाबाद एसपी, रोहतास एसपी और डीएम भी मौजूद थे. उन्होंने कहा कि उन्होंने अधिकारियों से दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की और निष्पक्ष जांच की आवश्यकता पर जोर दिया.

विकास कार्यों पर बातचीत का दावा

सोनू सिंह ने कहा कि ईओ से उनकी बातचीत केवल विकास कार्यों और क्षेत्र की समस्याओं को लेकर होती थी. उन्होंने बताया कि नाली, सफाई और जलजमाव जैसी समस्याओं पर अक्सर चर्चा होती थी, जो जनप्रतिनिधि होने के नाते उनकी जिम्मेदारी है.

29 जुलाई की मुलाकात से इनकार

पत्नी के इस आरोप पर कि 29 जुलाई को ईओ को उनके आवास पर बुलाया गया था, विधायक ने साफ इनकार किया. उन्होंने कहा कि उस दिन उनकी कोई मुलाकात नहीं हुई थी और वह देवघर गए हुए थे.

फोन कॉल और 50 लाख के आरोप पर सफाई

विधायक ने ईओ को लगातार फोन करने और 50 लाख रुपये मांगने के आरोप को भी गलत बताया. उन्होंने कहा कि उनके पास किसी अधिकारी को रोज फोन करने का समय नहीं है. उन्होंने सुझाव दिया कि सच्चाई कॉल डिटेल से सामने आ सकती है.

कॉल डिटेल से जांच की बात

सोनू सिंह ने कहा कि यदि उनके खिलाफ लगातार फोन करने का आरोप है तो इसकी जांच कॉल डिटेल से हो सकती है. उन्होंने कहा कि अधिकारियों से बातचीत केवल जनता की समस्याओं को लेकर होती है, जो सामान्य प्रक्रिया है.

राजनीति से दूर रखने की अपील

विधायक ने इस मामले को राजनीतिक रंग न देने की अपील की. उन्होंने कहा कि यह एक परिवार की त्रासदी है और इस समय राजनीति नहीं, बल्कि संवेदनशीलता की जरूरत है.

परिवार के साथ खड़े रहने का भरोसा

उन्होंने कहा कि वह पीड़ित परिवार के साथ हैं और जांच में पूरा सहयोग करेंगे. विधायक ने यह भी कहा कि वह परिवार से मिलने दोबारा जाएंगे. विधायक ने ईओ के साथ किसी भी तरह के विवाद से इनकार किया. उन्होंने कहा कि उनके बीच हमेशा सामान्य और सौहार्दपूर्ण बातचीत रही है.

आखिरी बातचीत का जिक्र

विधायक ने बताया कि कार्यक्रम के दौरान उन्होंने ईओ से उनकी तबीयत के बारे में पूछा था, जिस पर उन्होंने ‘सीजनल फीवर’ बताया था. इसके बाद वह कार्यक्रम से चले गए थे.

पुराना वीडियो वायरल

इस बीच 24 जुलाई 2026 का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है, जिसमें विधायक विधानसभा में ईओ को ‘घोर लापरवाह’ बताते हुए सवाल उठाते नजर आ रहे हैं. उन्होंने नगर परिषद के कामकाज पर भी सवाल खड़े किए थे.

हत्या के बाद आक्रोश

ईओ की हत्या के बाद उनके शव के पहुंचते ही परिवार में कोहराम मच गया. स्थानीय लोगों ने सड़क जाम कर विरोध प्रदर्शन किया और दोषियों की गिरफ्तारी की मांग की. बिहार सर्विस अर्बन एसोसिएशन ने घटना पर नाराजगी जताते हुए अधिकारियों की सुरक्षा और परिवार को मुआवजा देने की मांग की है.

हड़ताल पर अधिकारी

घटना के विरोध में नगर परिषद के कई अधिकारियों ने अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी है और सुरक्षा की गारंटी मिलने तक काम बंद रखने की घोषणा की है. अब पूरा मामला पुलिस जांच पर निर्भर है. पत्नी के आरोप और विधायक के जवाब के बीच सच्चाई क्या है, यह जांच के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा.

Also Read: डेहरी EO मर्डर केस में एक्शन मोड में सरकार, बिहार के मंत्री बोले- सम्राट चौधरी के राज में दोषी नहीं बचेंगे


प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By विकाश झा

विकाश झा डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता के क्षेत्र में छह वर्षों से अधिक का अनुभव रखते हैं. उन्होंने पटना यूनिवर्सिटी से मास कम्यूनिकेशन में स्नातक तथा माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में स्नातकोत्तर की शिक्षा प्राप्त की है. स्पोर्ट्स, हाइपरलोकल और पॉलिटिकल पत्रकारिता उनकी विशेष रुचि और विशेषज्ञता के क्षेत्र हैं. क्रिकेट, समाज और राजनीति से जुड़े विषयों पर उनकी विशेष पकड़ है. वे तथ्य आधारित, प्रभावशाली और पाठक-केंद्रित कंटेंट तैयार करने में रुचि रखते हैं.

Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >