— जिलों में स्वास्थ्य केंद्रों का मुआयना कर रही राष्ट्रीय व राज्यस्तरीय टीम — एनक्यूएएस के बहाने लक्ष्य सर्टिफिकेशन पर भी ध्यान — राज्य के 10 जिला स्तरीय अस्पतालों को मिल चुका है राष्ट्रीय एनक्यूएएस प्रमाण संवाददाता, पटना राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं और आधारभूत संरचनाओं के मानकों पर खरा उतरने के लिए सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में नेशनल क्वालिटी एश्योरेंस स्टैंडर्ड (एनक्यूएएस) के प्रमाणीकरण के लिए तैयारियां जोरों पर हैं. कटिहार, वैशाली, मुजफ्फरपुर, मधुबनी, मुंगेर, रोहतास सारण और अररिया सहित अन्य जिलों में भी राष्ट्रीय व राज्य स्तरीय टीम का दौरा जारी है. इससे लेबर रूम के साथ ओटी में दी जाने वाली सुविधाओं और सेवाओं को मानक अनुरूप बेहतर किया जाता है. जानकार सूत्रों के मुताबिक जिन जिलों में लक्ष्य का प्रमाणीकरण हुआ है वहां सामान्य संस्थागत प्रसव में 5 से 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी और सिजेरियन में 20 से 25 प्रतिशत की वृद्धि हुई है. इसके साथ ही रेफर और मृत्यु के मामलों में भी कमी आयी है. राज्य में सरकारी संस्थानों में वर्ष में औसतन 17 लाख संस्थागत प्रसव हो रहे हैं.
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