Bihar News: बिहार कैडर के दो वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों को राज्य सरकार ने केंद्रीय प्रतिनियुक्ति के लिए रिलीव कर दिया है. 2003 बैच के आईएएस अनुपम कुमार और बंदना प्रेयषी अब दिल्ली में नई जिम्मेदारियां संभालेंगे. सामान्य प्रशासन विभाग ने इस संबंध में अधिसूचना जारी कर दी है.
अनुपम कुमार को केंद्र सरकार के ऊर्जा मंत्रालय में संयुक्त सचिव बनाया गया है. वहीं, बंदना प्रेयषी को उर्वरक एवं रसायन मंत्रालय में संयुक्त सचिव (उर्वरक) के पद पर नियुक्ति मिली है. दोनों अधिकारी 1 मई से अपना नया पदभार संभाल सकते हैं.
बिहार में महत्वपूर्ण पदों पर थे तैनात
प्रतिनियुक्ति से पहले अनुपम कुमार बिहार सरकार के सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के सचिव थे. वहीं, बंदना प्रेयषी समाज कल्याण विभाग में सचिव के रूप में कार्यरत थीं. दोनों अधिकारियों ने अपने-अपने विभागों में अहम भूमिका निभाई है.
चंद्रशेखर सिंह को मिला अतिरिक्त प्रभार
दोनों अधिकारियों के दिल्ली जाने के बाद मुख्यमंत्री सचिवालय में सचिव चंद्रशेखर सिंह को सूचना एवं जनसंपर्क विभाग और समाज कल्याण विभाग का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है. इसके अलावा वे संसदीय कार्य सचिव और बिहार विकास मिशन के निदेशक की जिम्मेदारी भी संभालेंगे.
नीतीश के भरोसेमंद माने जाते हैं अनुपम कुमार
अनुपम कुमार 2003 बैच के आईएएस अधिकारी हैं और उत्तर प्रदेश के मूल निवासी हैं. वे मुजफ्फरपुर और नालंदा सहित कई जिलों में जिलाधिकारी रह चुके हैं. लंबे समय तक मुख्यमंत्री सचिवालय में तैनात रहने के कारण उन्हें मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के भरोसेमंद अधिकारियों में गिना जाता है.
तेज-तर्रार छवि की अधिकारी हैं बंदना प्रेयषी
बंदना प्रेयषी भी 2003 बैच की आईएएस अधिकारी हैं और अपनी तेज-तर्रार कार्यशैली के लिए जानी जाती हैं. उन्होंने दिल्ली यूनिवर्सिटी से एमफिल की पढ़ाई की है. शुरुआती दौर में भोजपुर और बाढ़ में एसडीओ रहीं, इसके बाद सीवान, भागलपुर और गया में डीएम के रूप में कार्य किया. वे पहले भी 2014 से 2019 तक केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर रह चुकी हैं.
प्रतिमा सतीश कुमार भी हाल में गईं दिल्ली
इसी क्रम में 2002 बैच की आईएएस अधिकारी प्रतिमा सतीश कुमार को भी हाल ही में केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर दिल्ली भेजा गया है. उन्हें जनजातीय कार्य मंत्रालय में संयुक्त सचिव स्तर की जिम्मेदारी सौंपी गई है. इससे पहले वे बिहार सरकार में विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं तकनीकी शिक्षा विभाग की सचिव थीं.
