नालंदा के रोशन ने ऐसे रची थी AEDO पेपर लीक की साजिश, जानिए EOU की जांच में क्या-क्या आया सामने

नालंदा से EDIO परीक्षा में बड़े पैमाने पर हो रहे फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ है. एक आरोपी फर्जी कर्मचारी बनकर परीक्षा केंद्र में घुसा और दूसरे की जगह परीक्षा दे रहा था. इस मामले में मुंबई से गिरफ्तारी हुई है और जांच जारी है.

AEDO Exam Scam : बिहार में पेपर लीक और परीक्षा में घोटाले के मामले खत्म होने का नाम ही नहीं ले रहे हैं. देश भर में छात्रों के विरोध और लगातार उठ रही आवाज के बावजूद परीक्षा माफिया बेखौफ नजर आ रहे हैं. हाल ही में नीट पेपर लीक का मामला सामने आने के बाद भी इन स्कैमर्स पर कोई असर नहीं दिख रहा. एक बार फिर ऐसे ही लोगों ने छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया है.

इसी कड़ी में अब नालंदा जिले से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहां ईडीआईओ परीक्षा में बड़ा घोटाला पकड़ा गया. यहां एक आरोपी फर्जी कर्मचारी बनकर परीक्षा केंद्र में घुस गया और दूसरे अभ्यर्थी की जगह आराम से परीक्षा देता रहा.

मामले का खुलासा होने के बाद आर्थिक अपराध इकाई (EOU) ने कार्रवाई करते हुए आरोपी को मुंबई से गिरफ्तार कर लिया. आरोपी की पहचान नालंदा जिले के कंकरिया गांव का रहने वाला रोशन कुमार के रूप में हुई है. रोशन जेमर कंपनी का स्टाफ बनकर सेंटर में दाखिल हुआ था.

Paper Leak : ऐसे रची गई पूरी साजिश

जानकारी के अनुसार 17 अप्रैल 2026 को आयोजित ईडीआईओ (AEDO) परीक्षा के दौरान यह पूरा खेल हुआ. आरोपी ने पहले ही असली अभ्यर्थी का एडमिट कार्ड हासिल कर लिया था. इसके बाद उसने जेमर कंपनी के टेक्निकल कर्मचारी के रूप में अपनी पहचान बनाई और बिना किसी रोकटोक के परीक्षा केंद्र में प्रवेश कर गया.

सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि सेंटर पर मौजूद कर्मचारियों को उसकी गतिविधियों पर कोई शक नहीं हुआ. वह आसानी से परीक्षा हॉल तक पहुंच गया और पूरे समय परीक्षा देता रहा.

चार स्तर पर हुआ फर्जीवाड़ा

जांच एजेंसियों ने खुलासा किया है कि इस घोटाले को चार चरणों में अंजाम दिया गया. पहले चरण में आरोपी ने असली उम्मीदवार का एडमिट कार्ड अपने पास रखा. दूसरे चरण में वह कंपनी कर्मचारी बनकर सेंटर में घुसा.

तीसरे चरण में उसने असली अभ्यर्थी की जगह बैठकर परीक्षा दी. चौथे चरण में एक अन्य व्यक्ति के जरिए पूरे नेटवर्क को संचालित किया गया. इस मामले में कई अन्य लोगों की संलिप्तता की भी आशंका जताई जा रही है.

तलाशी में मिली उत्तर वाली पर्ची

जब जांच टीम ने परीक्षा केंद्र पर छानबीन की, तो कुछ अभ्यर्थियों के पास से उत्तर लिखी हुई पर्चियां भी बरामद हुईं. इससे साफ हो गया कि यह कोई एक व्यक्ति का काम नहीं बल्कि संगठित तरीके से किया गया घोटाला था.

पुलिस ने इस मामले में कुछ अन्य संदिग्धों को भी हिरासत में लिया है और उनसे पूछताछ की जा रही है.

मुंबई से गिरफ्तारी, जांच तेज

घटना सामने आने के बाद इस केस की जांच आर्थिक अपराध इकाई को सौंपी गई. टीम ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपी का लोकेशन ट्रेस किया और 3 अगस्त को मुंबई पहुंचकर उसे गिरफ्तार कर लिया.

गिरफ्तारी के बाद आरोपी को ट्रांजिट रिमांड पर पटना लाया गया है, जहां उससे लगातार पूछताछ की जा रही है.

कई जिलों तक फैला हो सकता है नेटवर्क

जांच एजेंसियों का मानना है कि यह गिरोह सिर्फ नालंदा तक सीमित नहीं है. बिहार के कई जिलों में इस तरह के नेटवर्क सक्रिय हो सकते हैं. इस परीक्षा में बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों ने हिस्सा लिया था, जिससे इस घोटाले का दायरा और बड़ा हो सकता है.

प्रशासन सख्त, दोषियों पर कार्रवाई तय

प्रशासन ने साफ कर दिया है कि इस मामले में शामिल किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा. सभी दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी.

इस घटना के बाद छात्रों और अभ्यर्थियों में गुस्सा है. उनका कहना है कि मेहनत करने वाले छात्रों के साथ इस तरह की धांधली सीधा अन्याय है. फिलहाल पुलिस और जांच एजेंसियां पूरे नेटवर्क को तोड़ने में जुटी हुई हैं.


प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By रागिनी शर्मा

वर्तमान में मैं, रागिनी शर्मा पटना स्थित प्रभात खबर डिजिटल की टीम के साथ कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हूं. यहां मैं बिहार के विभिन्न जिलों से जुड़ी अहम खबरों, राजनीतिक-सामाजिक मुद्दों और ट्रेंडिंग विषयों पर काम कर रही हूं. मेरा उद्देश्य हर खबर को सरल, सटीक और प्रभावी तरीके से प्रस्तुत करना है, ताकि पाठक न सिर्फ जानकारी प्राप्त करें बल्कि उससे जुड़ाव भी महसूस करें और डिजिटल पत्रकारिता को और अधिक सार्थक बनाया जा सके.

पत्रकारिता की पढ़ाई के दौरान ही मैंने प्रिंट और डिजिटल मीडिया की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. अपने कॉलेज के समय में हिंदुस्तान के साथ इंटर्नशिप के दौरान मुझे पहली बार वेब पोर्टल पर खबर लिखने और डिजिटल न्यूज राइटिंग का व्यावहारिक अनुभव मिला. इसी दौरान मैंने न्यूज़ लेखन, हेडलाइन स्ट्रक्चर और डिजिटल स्टोरी प्रेजेंटेशन की बुनियादी समझ विकसित की.

इसके बाद वर्ष 2025 में पत्रकारिता में ग्रेजुएशन पूरा करने के साथ ही मैंने अपने प्रोफेशनल करियर की शुरुआत की. डिजिटल मीडिया में मेरी पहली भूमिका फर्स्ट बिहार झारखंड के साथ रही, जहाँ मैंने एंकरिंग और ग्राउंड रिपोर्टिंग के माध्यम से बिहार के जमीनी मुद्दों को कवर किया. इस दौरान मैंने राज्य की राजनीति, सामाजिक सरोकारों और आम जनता से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर सक्रिय रूप से रिपोर्टिंग की.

Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >