AEDO Exam Scam : बिहार में पेपर लीक और परीक्षा में घोटाले के मामले खत्म होने का नाम ही नहीं ले रहे हैं. देश भर में छात्रों के विरोध और लगातार उठ रही आवाज के बावजूद परीक्षा माफिया बेखौफ नजर आ रहे हैं. हाल ही में नीट पेपर लीक का मामला सामने आने के बाद भी इन स्कैमर्स पर कोई असर नहीं दिख रहा. एक बार फिर ऐसे ही लोगों ने छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया है.
इसी कड़ी में अब नालंदा जिले से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहां ईडीआईओ परीक्षा में बड़ा घोटाला पकड़ा गया. यहां एक आरोपी फर्जी कर्मचारी बनकर परीक्षा केंद्र में घुस गया और दूसरे अभ्यर्थी की जगह आराम से परीक्षा देता रहा.
मामले का खुलासा होने के बाद आर्थिक अपराध इकाई (EOU) ने कार्रवाई करते हुए आरोपी को मुंबई से गिरफ्तार कर लिया. आरोपी की पहचान नालंदा जिले के कंकरिया गांव का रहने वाला रोशन कुमार के रूप में हुई है. रोशन जेमर कंपनी का स्टाफ बनकर सेंटर में दाखिल हुआ था.
Paper Leak : ऐसे रची गई पूरी साजिश
जानकारी के अनुसार 17 अप्रैल 2026 को आयोजित ईडीआईओ (AEDO) परीक्षा के दौरान यह पूरा खेल हुआ. आरोपी ने पहले ही असली अभ्यर्थी का एडमिट कार्ड हासिल कर लिया था. इसके बाद उसने जेमर कंपनी के टेक्निकल कर्मचारी के रूप में अपनी पहचान बनाई और बिना किसी रोकटोक के परीक्षा केंद्र में प्रवेश कर गया.
सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि सेंटर पर मौजूद कर्मचारियों को उसकी गतिविधियों पर कोई शक नहीं हुआ. वह आसानी से परीक्षा हॉल तक पहुंच गया और पूरे समय परीक्षा देता रहा.
चार स्तर पर हुआ फर्जीवाड़ा
जांच एजेंसियों ने खुलासा किया है कि इस घोटाले को चार चरणों में अंजाम दिया गया. पहले चरण में आरोपी ने असली उम्मीदवार का एडमिट कार्ड अपने पास रखा. दूसरे चरण में वह कंपनी कर्मचारी बनकर सेंटर में घुसा.
तीसरे चरण में उसने असली अभ्यर्थी की जगह बैठकर परीक्षा दी. चौथे चरण में एक अन्य व्यक्ति के जरिए पूरे नेटवर्क को संचालित किया गया. इस मामले में कई अन्य लोगों की संलिप्तता की भी आशंका जताई जा रही है.
तलाशी में मिली उत्तर वाली पर्ची
जब जांच टीम ने परीक्षा केंद्र पर छानबीन की, तो कुछ अभ्यर्थियों के पास से उत्तर लिखी हुई पर्चियां भी बरामद हुईं. इससे साफ हो गया कि यह कोई एक व्यक्ति का काम नहीं बल्कि संगठित तरीके से किया गया घोटाला था.
पुलिस ने इस मामले में कुछ अन्य संदिग्धों को भी हिरासत में लिया है और उनसे पूछताछ की जा रही है.
मुंबई से गिरफ्तारी, जांच तेज
घटना सामने आने के बाद इस केस की जांच आर्थिक अपराध इकाई को सौंपी गई. टीम ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपी का लोकेशन ट्रेस किया और 3 अगस्त को मुंबई पहुंचकर उसे गिरफ्तार कर लिया.
गिरफ्तारी के बाद आरोपी को ट्रांजिट रिमांड पर पटना लाया गया है, जहां उससे लगातार पूछताछ की जा रही है.
कई जिलों तक फैला हो सकता है नेटवर्क
जांच एजेंसियों का मानना है कि यह गिरोह सिर्फ नालंदा तक सीमित नहीं है. बिहार के कई जिलों में इस तरह के नेटवर्क सक्रिय हो सकते हैं. इस परीक्षा में बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों ने हिस्सा लिया था, जिससे इस घोटाले का दायरा और बड़ा हो सकता है.
प्रशासन सख्त, दोषियों पर कार्रवाई तय
प्रशासन ने साफ कर दिया है कि इस मामले में शामिल किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा. सभी दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
इस घटना के बाद छात्रों और अभ्यर्थियों में गुस्सा है. उनका कहना है कि मेहनत करने वाले छात्रों के साथ इस तरह की धांधली सीधा अन्याय है. फिलहाल पुलिस और जांच एजेंसियां पूरे नेटवर्क को तोड़ने में जुटी हुई हैं.
