संवाददाता, पटना बिहार में सहायक प्राध्यापक भर्ती प्रक्रिया को लेकर अभ्यर्थियों की मांगें तेज हो गयी हैं. अभ्यर्थी भर्ती प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और व्यवस्थित बनाने के लिए बिहार एलिजिबिलिटी टेस्ट (बीइटी) के आयोजन, वस्तुनिष्ठ लिखित परीक्षा प्रणाली और आयु सीमा में संशोधन की मांग कर रहे हैं. अभ्यर्थियों का कहना है कि राज्य में उच्च शिक्षा की गुणवत्ता को मजबूत बनाने के लिए चयन प्रक्रिया को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाना जरूरी है. छात्र नेता सौरभ कुमार सिंह के नेतृत्व में अभ्यर्थियों ने सोमवार को पटना के गांधी मैदान में शांतिपूर्ण बैठक कर अपनी मांगों को दोहराया. अभ्यर्थियों की प्रमुख मांग है कि बिहार में भी अन्य राज्यों की तरह सहायक प्राध्यापक नियुक्ति के लिए बिहार एलिजिबिलिटी टेस्ट (बीइटी) आयोजित किया जाये. उनका कहना है कि कई राज्यों में एसइटी या एसएलइटी जैसी राज्य स्तरीय पात्रता परीक्षा होती है, लेकिन बिहार में लंबे समय से ऐसी परीक्षा का नियमित आयोजन नहीं हो रहा है. बीइटी के आयोजन से राज्य के हजारों योग्य अभ्यर्थियों को अपने ही राज्य में अवसर मिल सकेगा और उच्च शिक्षा के प्रति छात्रों की रुचि भी बढ़ेगी. बैठक में अनिल कुमार मौर्या, विजय आरव, अनिल कुमार गुप्ता, ओम प्रकाश, आशीष कुमार सिंह, रवि कुमार, पुष्कर कुमार, राजेश कुमार यादव और अर्चना कुमारी समेत बड़ी संख्या में अभ्यर्थी मौजूद रहे. अभ्यर्थियों ने सरकार से जल्द निर्णय लेकर पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया लागू करने की मांग की है.
सहायक प्राध्यापक भर्ती में बीइटी और पारदर्शी परीक्षा प्रणाली की मांग तेज
अभ्यर्थियों का कहना है कि राज्य में उच्च शिक्षा की गुणवत्ता को मजबूत बनाने के लिए चयन प्रक्रिया को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाना जरूरी है
