Connect The Library To University : पटना जिले के दुल्हिन बाजार प्रखंड क्षेत्र के भरतपुरा गांव स्थित देश में सातवां स्थान रखने वाले गोपाल नारायण सार्वजनिक पुस्तकालय सह संग्रहालय परिसर में गुरुवार को कार्यकारिणी की बैठक हुई. बैठक में दुर्लभ वस्तुओं की देखरेख, संस्थान के विकास और इसे पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने समेत कई मुद्दों पर चर्चा की गई.
पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने पर जोर
बैठक की अध्यक्षता पुस्तकालय सह संग्रहालय के वरिष्ठ कार्यकर्ता डॉ. श्यामनन्दन शर्मा ने की. इस दौरान 26 फरवरी 2026 को हुई बैठक में तय एजेंडों पर अब तक हुए कार्यों की समीक्षा की गई. संस्था को पर्यटन स्थल से जोड़ने तथा कला, संस्कृति एवं युवा विभाग से मिलने वाले अनुदान और वित्त पोषित अधिग्रहण पर भी चर्चा हुई.
सुरक्षा और कर्मचारियों के मानदेय पर भी चर्चा
बैठक में संस्थान की सुरक्षा व्यवस्था और यहां कार्यरत कर्मचारियों के मानदेय का मुद्दा भी उठाया गया. इसके अलावा पुरातात्विक एवं दुर्लभ वस्तुओं पर डॉक्यूमेंट्री फिल्म बनाने, दर्शक शुल्क और सदस्यता शुल्क निर्धारित करने को लेकर विचार-विमर्श किया गया.
लाइब्रेरी साइंस की पढ़ाई शुरू कराने का प्रस्ताव
बैठक में अजय सिंह ने प्रस्ताव रखा कि संस्था को किसी विश्वविद्यालय से जोड़कर यहां लाइब्रेरी साइंस में बैचलर और मास्टर डिग्री की पढ़ाई कराने की मान्यता दिलाई जानी चाहिए. सदस्यों ने प्रस्ताव का समर्थन करते हुए इस दिशा में पहल करने का निर्णय लिया.
सरकार की उदासीनता पर जताई नाराजगी
वरिष्ठ सदस्य डॉ. श्यामनन्दन शर्मा ने कहा कि सरकार नए-नए पुस्तकालयों के विकास पर फोकस कर रही है, जबकि इतनी पुरानी और ऐतिहासिक संस्था के विकास की ओर ध्यान नहीं दिया जा रहा है. उन्होंने इसे सरकार की उदासीनता बताते हुए स्थानीय जनप्रतिनिधियों से इस ऐतिहासिक धरोहर के विकास के लिए आवाज बुलंद करने की मांग की. बैठक में कार्यकारिणी के सचिव मुकेशधारी सिंह, वरिष्ठ कार्यकर्ता डॉ. श्यामनन्दन शर्मा, सुमेर सिंह, प्रभातधारी सिंह, शशि शर्मा, योगेंद्र सिंह, अजय सिंह, अर्चना कुमारी, सौम्या कुमार, भिखारी प्रसाद सहित अन्य लोग मौजूद रहे.
