corona Virus : आइजीआइएमएस की इमरजेंसी में आज से सीनियर डाॅक्टर भी रहेंगे मौजूद

आइजीआइएमएस की इमरजेंसी में आज से सीनियर डाॅक्टर भी मौजूद रहेंगे. पिछले दिनों ही आइजीआइएमएस प्रशासन ने इसको लेकर निर्णय लिया था और इसे एक मई से लागू करने का फैसला किया गया था. इसका कारण है कि इमरजेंसी पर इन दिनों मरीजों का अत्यधिक दबाव है

पटना : आइजीआइएमएस की इमरजेंसी में आज से सीनियर डाॅक्टर भी मौजूद रहेंगे. पिछले दिनों ही आइजीआइएमएस प्रशासन ने इसको लेकर निर्णय लिया था और इसे एक मई से लागू करने का फैसला किया गया था. इसका कारण है कि इमरजेंसी पर इन दिनों मरीजों का अत्यधिक दबाव है. अब तक इमरजेंसी में जूनियर रेजिडेंट और सीनियर रेजिडेंट डाॅक्टर ही ड्यूटी करते रहें हैं. लेकिन अब सीनियर फैकल्टी या सीनियर डाॅक्टर भी तीनों शिफ्ट में ड्यूटी करेंगे. इससे मरीजों को बेहतर इलाज मिलेगा.

जूनियर डाॅक्टर इनसे जरूरी सलाह लेंगे. सीनियर डाॅक्टरों को तैनात करने का निर्णय इमरजेंसी में प्रशासनिक गतिविधियों के सही संचालन के लिए भी लिया गया है. ओपीडी हो चुकी है बंद टेली मेडिसिन सेवा चालू आइजीआइएमएस में कोरोना के खतरे को देखते हुए ओपीडी सेवा बंद कर दी गयी है. ओपीडी बंद होने से यहां के विशेषज्ञ चिकित्सकों से मरीजों का इलाज बंद है. ऐसे में आइजीआइएमएस प्रशासन ने टेली मेडिसिन की सुविधा शुरू की है. इसमें दिये गये मोबाइल नंबरों पर काॅल कर ओपीडी मरीज डाॅक्टरों से सलाह ले सकते हैं.

मरीज डाॅक्टरों से वीडियो काॅल द्वारा भी जुड़ सकते हैं. कई विभाग हो चुके हैं बंदइसके कई विभागों और वार्डों को सील कर दिया गया है. करीब 68 डाॅक्टरों, नर्साें और स्वास्थ्यकर्मियों को पिछले दिनों होम क्वारेंटिन में भेजा गया है. ये सभी यहां भर्ती कोरोना पाॅजिटिव मरीजों के संपर्क में आ गये थे. हालांकि यहां भर्ती सभी मरीजों का कोरोना टेस्ट हो चुका है. यहां अब सिर्फ इमरजेंसी में मरीजों को देखा जाता है.

नये नियम के मुताबिक इमरजेंसी में आने वाले मरीजों को भर्ती होने के लिए कोरोना टेस्ट कराना होगा. टेस्ट की जब तक रिपोर्ट नहीं आयेगी, उन्हें आइसोलेशन वार्ड में रखा जायेगा. रिपोर्ट निगेटिव आने पर ही संबंधित विभाग के वार्ड में भेजा जायेगा. रिपोर्ट पाॅजिटिव आने पर इलाज के लिए एनएमसीएच रेफर कर दिया जायेगा.

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By Pritish Sahay

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