पटना में केस बढ़े तो IGIMS में रखे जा सकेंगे कोरोना के गंभीर मरीज, मॉकड्रिल में काम करते मिले सभी उपकरण

डॉ मनीष मंडल ने कहा कि वर्तमान में 15 बेड कोरोना के लिए रिजर्व किया गया है, इसके अलावा तीन बेड आइसीयू में आरिक्षत हैं. वहीं, अगर जरूरत पड़ी, तो यहां तुरंत 500 बेडों पर ऑक्सीजन के साथ कोरोना मरीजों के लिए रखा जा सकता है.

पटना के आइजीआइएमएस में मंगलवार को उस समय अफरा-तफरी मच गयी, जब एंबुलेंस सायरन बजाते अस्पताल परिसर में पहुंचा. पीपीइ किट पहने डॉक्टरों की टीम एंबुलेंस की तरफ दौड़ पड़ी. आनन-फानन में एक युवक को एंबुलेंस से विशेष सतर्कता के साथ बाहर निकाला गया और उसे कोरोना मरीजों के लिए बने स्पेशल सेंटर के बेड तक पहुंचाया गया. अस्तपाल में कोरोना की तैयारियों को लेकर मॉकड्रिल किया गया. इसका नेतृत्व कर रहे संस्थान के मेडिकल सुपरिटेंडेंट डॉ मनीष मंडल ने बताया कि कोरोना के बढ़ते मामले को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने अस्पतालों में मॉक ड्रिल का निर्देश दिया था. इसी क्रम में मंगलवार को आइजीआइएमएस में कोरोना से निबटने लिए मॉकड्रिल का आयोजन किया गया. इस दौरान डॉक्टरों ने पीपीइ किट पहन कर गंभीर मरीजों को कैसे इलाज कर बचाया जा सकता है इसके बारे में डॉक्टरों ने अभ्यास कर दिखाया.

ऑक्सीजन युक्त 500 बेड के साथ अस्पताल है तैयार

डॉ मनीष मंडल ने कहा कि वर्तमान में 15 बेड कोरोना के लिए रिजर्व किया गया है, इसके अलावा तीन बेड आइसीयू में आरिक्षत हैं. वहीं, अगर जरूरत पड़ी, तो यहां तुरंत 500 बेडों पर ऑक्सीजन के साथ कोरोना मरीजों के लिए रखा जा सकता है. मॉक ड्रिल के दौरान संस्थान के निदेशक डॉ बिंदे कुमार समेत अन्य डॉक्टर व पारा मेडिकल कर्मी उपस्थित थे.

वहीं, दूसरी ओर पीएमसीएच के अधीक्षक डॉ आइएस ठाकुर की देखरेख में मॉकड्रिल हुआ. उन्होंने बताया कि पीएमसीएच में ऑक्सीजन की सप्लाइ, वेंटिलेटर, ऑक्सीजन सिलिंडर, दवा समेत अन्य सुविधाओं व उपकरणों को चेक किया गया. उन्होंने कहा कि किसी भी परिस्थिति में संस्थान कोरोना के खिलाफ लड़ाइ लड़ने में सक्षम है.

पॉजिटिव महिला के घर पहुंची सिविल सर्जन की टीम

कोरोना वायरस के नये वैरिएंट की दहशत के बीच एक राहत भरी खबर है. जिले के दुल्हिनबाजार की 25 वर्षीया संक्रमित महिला के परिजन समेत संपर्क में आये सभी 15 लोगों की जांच रिपोर्ट निगेटिव आयी है. पटना एम्स की वायरोलॉजी लैब में इनके नमूनों की जांच हुई. मंगलवार को सभी की रिपोर्ट निगेटिव आने से स्वास्थ्य विभाग ने राहत की सांस ली है. इधर पॉजिटिव की सूचना मिलने के बाद जब सिविल सर्जन की टीम महिला के घर पहुंची, तो वह महिला घूम रही थी. उसे फटकार लगाते हुए तुरंत होम आइसोलशन किया गया. साथ ही घर वालों से चेतावनी दी कि अगर महिला घर के बाहर पायी गयी या कोविड नियमों का उल्लंघन किया गया, तो कार्रवाई की जायेगी.

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सिविल सर्जन डॉ केके राय ने बताया कि महिला के घर पहुंची स्वास्थ्य टीम ने अपनी रिपोर्ट दी है, जिसमें बताया गया है कि मरीज पूरी तरह से ठीक है. वह कैसे संक्रमण की चपेट में आयी है इसकी जानकारी ली जा रही है. फिलहाल उसका ट्रेवल्स हिस्ट्री बाहर का नहीं है, वह लंबे समय से अपने घर पर ही है. उन्होंने बताया कि बीते 23 दिसंबर को पटना एम्स में जांच के बाद उसकी रिपोर्ट कोविड पॉजिटिव आयी थी.

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