Bihar Teachers Transfer: बिहार में शिक्षकों के ट्रांसफर और शिक्षा व्यवस्था को लेकर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बड़ा और सख्त संदेश दिया है. कैमूर में आयोजित एक जनसभा के दौरान उन्होंने साफ कहा कि सरकार शिक्षकों की सुविधाओं का पूरा ध्यान रख रही है, लेकिन बच्चों की पढ़ाई से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा.
ट्रांसफर में मिलेगी पूरी सहूलियत
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने शिक्षकों के ट्रांसफर नियमों को आसान बना दिया है. शिक्षकों को उनके घर के नजदीक पोस्टिंग देने की व्यवस्था की जा रही है. उन्होंने कहा कि महिला शिक्षिकाओं को उनके गांव या घर के पास वाले पंचायत में तैनाती दी जाएगी. वहीं पुरुष शिक्षकों को भी बगल के प्रखंड में पोस्टिंग का अवसर मिलेगा.
‘अब पढ़ाने से नहीं बच सकते’
शिक्षकों को राहत देने के साथ मुख्यमंत्री ने कड़ा संदेश भी दिया. उन्होंने कहा कि ट्रांसफर जहां कराना है करा लीजिए, लेकिन पढ़ाना तो पड़ेगा. उन्होंने साफ किया कि पोस्टिंग की सुविधा मिलने के बाद पढ़ाई को लेकर किसी तरह का बहाना स्वीकार नहीं किया जाएगा. सभी शिक्षकों को नियमित रूप से स्कूल जाकर बच्चों को पढ़ाना होगा.
शिक्षा की गुणवत्ता पर सरकार का फोकस
सम्राट चौधरी ने कहा कि सरकार का लक्ष्य सिर्फ स्कूल खोलना नहीं, बल्कि शिक्षा की गुणवत्ता को बेहतर बनाना है. राज्य के गरीब, किसान और मध्यमवर्गीय परिवारों के बच्चों को अच्छी शिक्षा मिले, इसके लिए लगातार काम किया जा रहा है.
75 हजार स्कूलों में हुआ बड़ा बदलाव
मुख्यमंत्री ने दावा किया कि बिहार की स्कूल व्यवस्था में बड़ा सुधार हुआ है. राज्य के करीब 75 हजार सरकारी स्कूलों को खोला और बेहतर बनाया गया है. उन्होंने कहा कि अब सरकार की प्राथमिकता इन स्कूलों में पढ़ाई के स्तर को मजबूत करना है. बच्चों को बेहतर शिक्षा मिले, इसके लिए शिक्षकों की जिम्मेदारी सबसे अहम है.
लापरवाही पर सख्त संदेश
मुख्यमंत्री के बयान को शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही बढ़ाने की दिशा में बड़ा संकेत माना जा रहा है. उन्होंने स्पष्ट कर दिया कि सरकार सुविधा भी देगी और जिम्मेदारी भी तय करेगी. पढ़ाई में लापरवाही अब किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं की जाएगी.
