CM Nitish Yatra: सीएम नीतीश कुमार आज (शुक्रवार) खगड़िया जिले को 304 करोड़ रुपए की योजनाओं का गिफ्ट देंगे. साथ ही सहरसा जिले में भी जायेंगे. जिले में समृद्धि यात्रा के दौरान अलग-अलग योजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन करेंगे. खगड़िया जिले के संसारपुर खेल मैदान में कार्यक्रम का आयोजन होगा. यहां सीएम नीतीश जनसंवाद भी करेंगे. उनके आगमन को लेकर भव्य पंडाल बनाए गए हैं. साथ ही चप्पे-चप्पे पर नजर रखी रखी जा रही है.
इतने योजनाओं का करेंगे उद्घाटन
जानकारी के मुताबिक, खगड़िया में सीएम नीतीश 43 करोड़ रुपए की लागत से 35 योजनाओं का शिलान्यास और 261 करोड़ रुपए की लागत वाले 284 योजनाओं का उद्घाटन करेंगे. इसके साथ ही जिले में चल रही विकास योजनाओं की प्रगति के बारे में जानकारी भी लेंगे. इसके अलावा समीक्षा बैठक भी कर सकते हैं. इस दौरान सीएम नीतीश के साथ दोनों डिप्टी सीएम और अन्य मंत्रियों की मौजूदगी रह सकती है.
इसके साथ ही सहरसा जिले में 90 करोड़ की लागत से 20 योजनाओं का शिलान्यास, 286 करोड़ रुपए की लागत से 70 योजनाओं का उद्घाटन और 136 करोड़ रिपए की लागत से 35 योजनाओं का कार्यारम्भ किया जाएगा.
रेलवे ओवरब्रिज का कर सकते हैं निरीक्षण
जानकारी के मुताबिक, बूढ़ी गंडक नहीं पर खगड़िया और बख्तियारपुर बाइपास पथ के बीच रेलवे ओवरब्रिज का निर्माण किया जा रहा है. यात्रा के दौरान सीएम नीतीश कुमार इस ओवरब्रिज का निरीक्षण कर सकते हैं. यह परियोजना खगड़िया के साथ-साथ इसके आस-पास के जिलों के लिए भी बेहद खास मानी जा रही है. इसके बनने से लोगों को जाम की झंझट से छुटकारा मिल सकेगा.
गुरुवार को पूर्णिया-कटिहार में थी यात्रा
इससे पहले गुरुवार को सीएम नीतीश कुमार समृद्धि यात्रा को लेकर पूर्णिया और कटिहार जिले में पहुंचे थे. दोनों जिलों को उन्होंने 895 करोड़ रुपए का तोहफा दिया था. साथ ही जिलों में चल रही विकास योजनाओं का निरीक्षण और समीक्षा बैठक भी की गई थी. पूर्णिया में मंत्री लेशी सिंह ने मंच से सीएम नीतीश की जमकर तारीफ की थी. भावुक होते हुए उन्होंने मुख्यमंत्री की तुलना कृष्णा से की थी.
लेशी सिंह ने की थी जमकर तारीफ
लेशी सिंह ने कहा था, ‘मुझ जैसी साधारण महिला को राजनीति के शीर्ष तक पहुंचाने वाले नीतीश कुमार जी ही हैं. जब मेरे परिवार पर विपत्ति का पहाड़ टूटा, तो मुख्यमंत्री जी मेरे और मेरे परिवार के लिए ‘कृष्ण’ की तरह ढाल बनकर खड़े रहे. उन्होंने यह भी कहा था कि मुख्यमंत्री ने न केवल उनका राजनीतिक अस्तित्व बचाया, बल्कि एक अभिभावक की तरह उन्हें हर संकट से बाहर निकाला.’
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