CM Nitish का आदेश- छह माह में 78 हजार पुलिस की बहाली करें पूरी, बिहार में युवाओं की बहार

CM Nitish: मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि हमने पुलिसिंग सिस्टम को ठीक किया है. सीएम ने अधिकारियों को अगले छह महीने के अंदर स्वीकृत 78 हजार पुलिस बल की बहाली पूरी करने का निर्देश दिया है.

CM Nitish: मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अधिकारियों को अगले छह महीने के अंदर स्वीकृत 78 हजार पुलिस बल (Bihar Police Recruitment) की बहाली पूरी करने का निर्देश दिया है. उन्होंने कहा कि राज्य में 2005 में बिहार में उपलब्ध पुलिस बल 42 हजार के मुकाबले वर्तमान में पुलिस बल की संख्या 1.10 लाख हो गयी है. 21 हजार पुलिस बल की बहाली प्रक्रिया जारी है, जबकि 20 हजार पुलिस बल की बहाली पर काम किया जा रहा है. 2.29 लाख पुलिस बल के लक्ष्य को हासिल करने के लिए डीजीपी शेष 78 हजार पुलिस बल की बहाली जल्द कराएं. वे सोमवार को राजधानी पटना के बापू सभागार में 1239 नवनियुक्त पुलिस अवर निरीक्षकों को नियुक्ति प्रमाण पत्र दिये जाने के कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे. कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने नवनियुक्त पुलिस अवर निरीक्षक मधु कश्यप, गौतम कुमार, शोभा रानी, लाडली कुमारी, शिवेश कुमार झा, कोमल कुमारी, रीना कुमारी तथा रोशनी कुमारी को सांकेतिक रूप से नियुक्ति प्रमाण पत्र प्रदान किया.

2013 में पुलिस बल में महिलाओं के लिए 35 फीसदी आरक्षण किया लागू

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2005 के पहले कानून-व्यवस्था की क्या स्थिति थी. नवंबर 2005 में जब हमलोग सरकार में आये तो कानून-व्यवस्था बेहतर बनाने के लिए कई कदम उठाये गये. 2013 में पुलिसबल में महिलाओं के लिए 35 प्रतिशत आरक्षण लागू किया गया जिससे पुलिस बल में महिलाओं की संख्या बढ़ी. आज पुलिस बल में महिलाओं की संख्या लगभग 30 हजार हो गयी है, जो देश में सर्वाधिक है. थानों में महिला पुलिस पदाधिकारी की नियुक्ति से महिलाओं को शिकायत दर्ज कराने में सहूलियत हो रही है. उन्होंने 1239 नवनियुक्त पुलिस अवर निरीक्षकों में 442 महिलाओं के चयनित होने पर खुशी जतायी.

कार्यक्रम के दौरान की तस्वीर

10 लाख की जगह अब 12 लाख को मिलेगी नौकरी

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2020 में सात निश्चय-2 के अंतर्गत हम लोगों ने 10 लाख नौकरी और 10 लाख रोजगार देने की बात कही थी. अब तक 24 लाख लोगों को रोजगार उपलब्ध कराया गया है. 10 लाख लोगों को और रोजगार देने का लक्ष्य रखा गया है. 10 लाख नौकरी देने की जो बात कही गयी थी उसमें 7.16 लाख लोगों को नौकरी दी जा चुकी है. हमने लक्ष्य निर्धारित किया है कि अब 10 लाख की जगह 12 लाख नौकरी दी जायेगी. उन्होंने कहा कि सभी वर्गों एवं धर्मों के लोगों को नौकरी और रोजगार दिया जा रहा है. इसमें किसी प्रकार का भेदभाव नहीं किया जा रहा है.

थानों में अनुसंधान और विधि-व्यवस्था की अलग व्यवस्था की

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने पुलिसिंग सिस्टम को ठीक किया है. थाना के कार्यों को दो भागों केसों के अनुसंधान और विधि व्यवस्था को अलग-अलग किया ताकि कार्यों को त्वरित और बेहतर ढंग से निष्पादित किया जा सके. रात के साथ ही दिन में भी पुलिस गश्ती की व्यवस्था की गयी है. पुलिस गश्ती होने से अपराध में कमी आयी है. वर्ष 2005 के पहले लोग शाम में घर के बाहर नहीं निकलते थे. अब देर रात तक लोग घर से बाहर निकलकर अपना काम निर्भीक होकर कर रहे हैं. हिंदू-मुस्लिम का झगड़ा होता था, अब सब ठीक हो गया है. राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति बहाल की गयी.

कार्यक्रम को उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, विजय कुमार सिन्हा, जल संसाधन मंत्री विजय कुमार चौधरी, मुख्य सचिव अमृत लाल मीणा, गृह विभाग के प्रधान सचिव अरविंद कुमार चौधरी तथा पुलिस महानिदेशक आलोक राज ने भी संबोधित किया. कार्यक्रम के दौरान डीजीपी ने नवनियुक्त पुलिस अवर निरीक्षकों को विभागीय शपथ तथा मुख्य सचिव अमृत लाल मीणा ने मद्यनिषेध की शपथ दिलायी.

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Author: Paritosh Shahi

परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.

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