Bihar Trains full : छठ महापर्व से पहले दूसरे प्रदेशों में रहने वाले बिहार के लोगों के घर लौटने की तैयारी के बीच ट्रेनों में कंफर्म टिकट के लिए मारामारी शुरू हो गयी है. 11 और 12 नवंबर को बिहार आने वाली कई प्रमुख ट्रेनों में टिकट बुकिंग शुरू होते ही सीटें भर गयीं और कुछ ट्रेनों में नो रूम की स्थिति बन गयी. कई अन्य ट्रेनों में वेटिंग 200 के पार पहुंच गयी है.
टिकट बुकिंग खुलते ही IRCTC पर बढ़ा दबाव
छठ से करीब दो महीने पहले ही यात्रियों ने घर लौटने के लिए टिकट बुक कराना शुरू कर दिया है. बुकिंग विंडो खुलते ही बड़ी संख्या में यात्री IRCTC की वेबसाइट और मोबाइल ऐप पर लॉग-इन कर टिकट लेने की कोशिश कर रहे हैं. भारी ट्रैफिक के कारण यात्रियों को तकनीकी परेशानी का भी सामना करना पड़ा.
आधे घंटे तक सर्वर रहा स्लो
यात्रियों के अनुसार, टिकट बुकिंग के दौरान करीब आधे घंटे तक IRCTC की वेबसाइट और ऐप का सर्वर काफी स्लो रहा. यात्री लगातार लॉग-इन कर टिकट बुक करने की कोशिश करते रहे. सर्वर सामान्य होने के बाद जब बुकिंग प्रक्रिया आगे बढ़ी, तब तक कई प्रमुख ट्रेनों की सीटें तेजी से भर चुकी थीं.
इन ट्रेनों में वेटिंग की बनी स्थिति
दानापुर मंडल आने वाली कई प्रमुख ट्रेनों में ओपनिंग के कुछ ही मिनटों में सीटें खत्म हो गयीं. दिल्ली संपूर्ण क्रांति एक्सप्रेस, तेजस राजधानी, एलटीटी-पाटलिपुत्र, दानापुर-पुणे, विक्रमशिला और भागलपुर-एलटीटी जैसी ट्रेनों में नो रूम या लंबी वेटिंग की स्थिति बन गयी.
एक मिनट से भी कम समय में सीटें खत्म
यात्रियों का कहना है कि लंबी दूरी की कई ट्रेनों में ओपनिंग टिकट दो मिनट के भीतर ही समाप्त हो गये. कुछ ट्रेनों में तो एक मिनट से भी कम समय में उपलब्ध सीटें भर गयीं. इसके बाद वेटिंग तेजी से बढ़ती गयी और कई ट्रेनों में यह संख्या 250 से 300 तक पहुंच गयी.
दिवाली के बाद छठ के लिए भी वही स्थिति
दिवाली के समय से ही दूसरे राज्यों से बिहार आने वाली ट्रेनों में सीटों की भारी मांग बनी हुई है. आठ नवंबर को दिवाली और 14 व 15 नवंबर को छठ से पहले के महत्वपूर्ण दिन होने के कारण बड़ी संख्या में प्रवासी बिहार लौटते हैं. ऐसे में इन तारीखों के आसपास नियमित ट्रेनों में कंफर्म टिकट मिलना यात्रियों के लिए चुनौती बन गया है.
साइबर कैफे से स्टेशन तक चक्कर
कंफर्म टिकट की तलाश में यात्री साइबर कैफे से लेकर रेलवे स्टेशन तक का चक्कर लगा रहे हैं. ऑनलाइन बुकिंग के साथ तत्काल टिकट और दूसरी उपलब्ध ट्रेनों में सीट तलाशने की कोशिश भी की जा रही है. लेकिन मांग अधिक होने के कारण सीमित समय में सीटें खत्म हो जा रही हैं.
परिवार के साथ घर आने की तैयारी, फिर भी टिकट नहीं
कंकड़बाग निवासी संदीप कुमार सिंह ने बताया कि उनके भाई परिवार के साथ बेंगलुरु में रहते हैं. तीन-चार दिनों से दिवाली से पहले घर आने के लिए कंफर्म टिकट लेने की कोशिश की जा रही है. उन्होंने बताया कि सुबह पांच बजे से ही स्टेशन पहुंचकर टिकट के लिए प्रयास करते हैं, लेकिन कंफर्म टिकट नहीं मिल पा रहा है.
छठ में बढ़ेगी ट्रेनों में भीड़
छठ महापर्व बिहार का सबसे बड़ा लोकपर्व है और इस दौरान दूसरे राज्यों में रहने वाले बड़ी संख्या में लोग अपने घर लौटते हैं. ऐसे में नियमित ट्रेनों की सीटें पहले ही भर जाने से यात्रियों की परेशानी बढ़ गयी है. यात्रियों की नजर अब रेलवे की ओर से चलायी जाने वाली अतिरिक्त या पूजा स्पेशल ट्रेनों पर है, जिससे घर लौटने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था मिल सके.
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