Ford Hospital: ओवेरियन कैंसर से पीड़ित 70 साल की साधिका देवी (बदला हुआ नाम) गिरने के बाद रीढ़ की हड्डी में फ्रैक्चर होने से तेज दर्द से परेशान थीं. राधे कृष्णा नगर, पिपरा (पटना) निवासी मरीज की पहले से ओवेरियन कैंसर की कीमोथेरेपी चल रही थी. गिरने के बाद जांच में रीढ़ की हड्डी के L1 वर्टिब्रा में फ्रैक्चर मिला. मरीज को इलाज के लिए फोर्ड हॉस्पिटल, पटना लाया गया.
मरीज की स्थिति देखते हुए अस्पताल के स्पाइन सर्जन डॉ. मणि आनंद ने बिना चीरा लगाए इलाज का निर्णय लिया. मरीज को लोकल एनेस्थीसिया देकर एक सुई (नीडल) के माध्यम से फ्रैक्चर वाले वर्टिब्रा में बोन सीमेंट डालकर क्षतिग्रस्त हिस्से की सीमेंटिंग (वर्टिब्रोप्लास्टी)की गई.
करीब 15 मिनट में पूरी प्रक्रिया पूरी हो गई, जिसके बाद मरीज के दर्द में पूर्ण राहत मिली. अब वह स्वस्थ हैं और उन्हें एक दिन के अंदर अस्पताल से डिस्चार्ज भी कर दिया गया.
डॉ. मणि आनंद ने बताया कि कैंसर मरीज पहले से इलाजरत थीं और उनका हीमोग्लोबिन भी कम था. ऐसे में उपचार के दौरान उनकी स्वास्थ्य स्थिति को ध्यान में रखते हुए मिनीमली इनवेसिव तकनीक का इस्तेमाल किया गया.
