4.80 अरब से 4000 आंगनबाड़ी केंद्रों के भवन बनेंगे

राज्यभर में 4000 आंगनबाड़ी केंद्रों के भवन बनेंगे. मनरेगा की ओर से इन आंगनबाड़ी केंद्रो के भवन का निर्माण होगा.

– मनरेगा से योजना का होगा क्रियान्वयन, एक केंद्र पर खर्च होंगे 12 लाख रुपये

– पहले से जमीन के अभाव में नौ साल से 13 सौ आंगनबाड़ी केंद्रों के भवन अपूर्ण

संवाददाता, पटना

राज्यभर में 4000 आंगनबाड़ी केंद्रों के भवन बनेंगे. मनरेगा की ओर से इन आंगनबाड़ी केंद्रो के भवन का निर्माण होगा. इस पर कुल चार अरब 80 करोड़ रुपये खर्च होंगे. जिलावार लक्ष्य निर्धारित कर भवन निर्माण होंगे. एक आंगनबाड़ी केंद्र के निर्माण पर 12 लाख रुपये खर्च हाेंगे. इसमें आठ लाख मनरेगा, दो लाख पंचायती राज और दो लाख समाज कल्याण विभाग से खर्च होंगे. इस राशि में बढ़ोत्तरी का भी प्रस्ताव है. फिलहाल 12 लाख रुपये की ही स्वीकृति है. विभाग के अधिकारियों ने बताया है कि लागत बढ़ने के कारण इसमें लगभग दो लाख रुपये और बढ़ाये जाने की संभावना है.

जमीन उपलब्ध होना बड़ी चुनौती होगी

चार हजार आंगनबाड़ी केंद्रों के भवन निर्माण में जमीन उपलब्ध होना टेढ़ी खीर है. पहले ही जमीन के अभाव में आंगनबाड़ी केंद्रों का निर्माण कार्य बड़े पैमाने पर पेंडिंग है. अब इन चार हजार आंगनबाड़ी केंद्रों के लिए जमीन मुश्किल से ही उपलब्ध हो पायेगी. जिलाधिकारियों को जमीन उपलब्ध करवानी है.

नौ साल में दो हजार में सात सौ भवन बने

वर्ष 2015-16 में मनरेगा से दो हजार आंगनबाड़ी केंद्रों का निर्माण होना था. इसमें अब तक लगभग सात सौ आंगनबाड़ी केंद्रों के भवन ही बनकर तैयार हुए हैं. कहीं जमीन उपलब्ध नहीं हो पायी तो कहीं जमीन अधिक गड्ढे में रहने के कारण आंगनबाड़ी केंद्रों के भवन का निर्माण नहीं हो सका.

सेविका-सहायिका भी नहीं चाहतीं सरकारी केंद्र

ग्रामीण विकास विभाग के अधिकारियों ने बताया कि केंद्र की स्वीकृति मिल जाने के बाद सेविका-सहायिका सरकारी भवन में केंद्र का संचालन नहीं चाहती हैं. सरकारी भवन में केंद्र संचालित होने से नियम से खोलना और बंद करना पड़ेगा. कई केंद्र सहायिका-सेविका के घर में ही चलते हैं, इससे किराया का पैसा अलग से मिल जाता है. इन्हीं कारणों से वे सरकारी भवन में केंद्र संचालित होने के लिए सक्रिय नहीं होती हैं.

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By Prabhat Khabar News Desk

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