Bihar News: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील के बाद बिहार सरकार अब ईंधन बचाने की दिशा में बड़ा कदम उठा रही है. मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बुधवार को सरकारी और निजी दफ्तरों के लिए कई अहम निर्देश जारी किए. इनमें सबसे ज्यादा चर्चा वर्क फ्रॉम होम की हो रही है. सरकार की ओर से सरकारी तथा प्राइवेट दफ्तरों में वर्क फ्रॉम होम कल्चर को बढ़ावा देने की सलाह दी गई है.
मुख्यमंत्री ने कहा कि पेट्रोल और डीजल की खपत कम करने के लिए जहां संभव हो, वहां घर से काम करने की व्यवस्था अपनाई जाए. इससे सड़कों पर वाहनों की संख्या कम होगी और ईंधन की बचत भी होगी.
सप्ताह में एक दिन ‘नो व्हीकल डे’ की अपील
सम्राट चौधरी ने राज्यवासियों से सप्ताह में कम से कम एक दिन ‘नो व्हीकल डे’ मनाने की अपील की है. उनका कहना है कि अगर लोग एक दिन निजी वाहन का इस्तेमाल बंद करें तो बड़ी मात्रा में पेट्रोल-डीजल बचाया जा सकता है. सरकार का मानना है कि इससे ट्रैफिक और प्रदूषण दोनों में कमी आएगी.
मुख्यमंत्री ने खुद से की शुरुआत
मुख्यमंत्री ने केवल अपील ही नहीं की, बल्कि खुद भी इसकी शुरुआत कर दी है. उन्होंने अपने कारकेड में गाड़ियों की संख्या कम करने का फैसला लिया है. साथ ही मंत्रियों, अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों से भी कहा गया है कि वे कार्यक्रमों में कम से कम वाहनों के साथ पहुंचें.
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से होंगी सरकारी बैठकें
सरकार ने ईंधन बचत के लिए सरकारी बैठकों में भी बदलाव किया है. अब कई बैठकों को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (VC) के जरिए आयोजित करने पर जोर दिया जाएगा, ताकि अनावश्यक यात्रा कम हो सके. इसके अलावा मुख्यमंत्री ने सरकारी कैंटीनों में पाम ऑयल के कम इस्तेमाल का निर्देश भी दिया है.
पब्लिक ट्रांसपोर्ट इस्तेमाल करने की अपील
मुख्यमंत्री ने लोगों से मेट्रो, बस, ऑटो और अन्य पब्लिक ट्रांसपोर्ट का ज्यादा इस्तेमाल करने की अपील की है. उन्होंने कहा कि छोटी-छोटी कोशिशों से बड़े स्तर पर ईंधन की बचत की जा सकती है.
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