सम्राट सरकार 29933 योजनाओं की ऑनलाइन मॉनिटरिंग पर खर्च करेगी 3600 करोड़, मेगा प्लान के बारे में जानिए

Samrat Choudhary: बिहार सरकार राज्य की 29933 जलापूर्ति योजनाओं को हाईटेक बनाने जा रही है. अगले पांच वर्षों में इनके रखरखाव पर 3600 करोड़ रुपये खर्च होंगे. सभी योजनाओं की ऑनलाइन निगरानी के लिए आईओटी डिवाइस लगाए जाएंगे. खराबी, पानी सप्लाई और मरम्मत की पूरी जानकारी अब मुख्यालय तक सीधे पहुंचेगी.

Samrat Choudhary, प्रह्लाद कुमार: बिहार में 29933 जलापूर्ति योजनाओं के रख-रखाव पर अगले पांच वर्षों में तीन हजार 600 एक करोड़ रुपये खर्च करने का लक्ष्य है. पीएचइडी के मुताबिक राज्य योजना के तहत मुख्यमंत्री पेयजल निश्चय योजना एवं अन्य योजना के तहत निर्मित गुणवत्ता प्रभावित क्षेत्रों के 20730 वार्ड आधारित जलापूर्ति योजना, गैर गुणवत्ता प्रभावित क्षेत्रों के 8070 वार्ड आधारित जलापूर्ति योजना एवं 1133 पाइप जलापूर्ति योजना का रख-रखाव होगा. इसके लिए विभाग निविदा निकालेगी और निविदा में भाग लेने वाले एजेंसियों को काम सौंपा जायेगा, ताकि बिहार के लोगों को जलापूर्ति निरंतर मिलती रहे.

आइओटी डिवाइस से होगी निगरानी

विभाग जलापूर्ति योजना की निगरानी ऑनलाइन करेगी. इसके लिए 29933 योजना ओं में आइओटी यानी इंटरनेट ऑफ थिंग्स डिवाइस लगायेगी. इसके माध्यम से जलापूर्ति की निगरानी योजना के आधार पर होगी. जिसमें योजना खराब होने के बाद कितने दिनों में बनायी गयी, पानी का फोर्स कितना है, पानी कितने घंटे चलायी गयी. इन बिंदुओं पर ऑनलाइन निगरानी होगी. यह डिवाइज पूरी तरह से मोबाइल बेस होगा और वह मुख्यालय से जुड़ा रहेगा. योजना में एक चिप लगाया जायेगा, जिसकी पूरे डिवाइस की निगरानी होगी.

सभी पंप ऑपरेटरों के पास रहेगा शिकायत पंजी

विभाग निविदा के बाद एक शिकायत पंजी सभी पंप ऑपरेटरों को देगी. जिसमें शिकायतों के निष्पादन और योजना के खराब होने का समय लिखा जायेगा. जिसके आधार पर संवेदकों को शो कॉज होगा. इस शिकायत पंजी में गड़बड़ी की शिकायत मिलने पर पंप ऑपरेटर और संवेदक दोनों को हटाया जायेगा. संवेदक को ब्लैक लिस्टेट किया जोयगा.

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इतनी योजनाओं से लोगों तक पहुंच रहा पाइप से पानी

आंकड़ों के मुताबिक पटना पूर्व में 407, पटना पश्चिम 200, बिहारशरीफ 625, हिलसा 283, आरा 745, अरवल 20, बक्सर 552, सासाराम 426, भभुआ 933, गयाजी 425, शेरघाटी 429, जहानाबाद 164, नवादा 552,शिवहर 47, मुजफ्फरपुर 101, मोतीपुर 163, हाजीपुर 416, सीतामढी 307, मोतिहारी 65, ढ़ाका 66, बेतिया 226, दरभंगा 70, मधुबनी 173, झंझारपुर 126, समस्तीपुर 1084, छपरा 328, सिवान 98, गोपालगंज 99, पूर्णिया 955, धमदाहा 806, किशनगंज 1227, कटिहार 2785, अररिया 1801, फारबिसगंज 1029, सहरसा 1007, सुपौल 1854, मधेपुरा 2362, भागलपुर पूर्व 443, भागलपुर पश्चिम 271, बांका 563, बाराहाट 250, मुंगेर 312, जमुई 1750, शेखपुरा 288, बेगूसराय 654, तेघड़ा 708, खगड़िया 1007, लखीसराय 292 योजनाओं का संचालन हो रहा है.

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लेखक के बारे में

Published by: Paritosh shahi

परितोष शाही डिजिटल माध्यम में पिछले 3 सालों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की. अभी प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम में काम कर रहे हैं. देश और राज्य की राजनीति, सिनेमा और खेल (क्रिकेट) में रुचि रखते हैं.
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