Bihar News: बिहार सरकार अब राज्य में गन्ने की खेती को बढ़ावा देने के लिए बड़े स्तर पर अभियान शुरू करने जा रही है. सरकार की योजना है कि पंचायत स्तर पर कार्यशालाएं आयोजित कर किसानों को गन्ने की आधुनिक और फायदे वाली खेती के बारे में जानकारी दी जाए.
इस पहल का मकसद सिर्फ गन्ने का उत्पादन बढ़ाना नहीं, बल्कि किसानों की आमदनी बढ़ाना और चीनी व गुड़ उद्योग को पर्याप्त कच्चा माल उपलब्ध कराना भी है.
8 हजार पंचायत और 45 हजार गांवों तक पहुंचेगी टीम
गन्ना उद्योग विभाग ने इसके लिए विस्तृत कार्य योजना तैयार की है. गन्ना आयुक्त अनिल कुमार झा की अध्यक्षता में बनी इस योजना के तहत राज्य की करीब 8 हजार पंचायतों और 45 हजार गांवों तक पहुंचने का लक्ष्य रखा गया है. सरकार पंचायत स्तर पर किसानों से सीधे संवाद करेगी और उन्हें गन्ने की खेती के फायदे समझाएगी.
किसानों को सिखाई जाएगी आधुनिक खेती
कार्यशालाओं में कृषि वैज्ञानिक, विभागीय अधिकारी और चीनी मिलों के प्रतिनिधि किसानों को आधुनिक तकनीकों की जानकारी देंगे. इन विषयों पर खास फोकस रहेगा उन्नत बीज का इस्तेमाल, ड्रिप सिंचाई, जैविक खाद, कीट नियंत्रण, आधुनिक कृषि यंत्र. किसानों को यह भी बताया जाएगा कि गेहूं और धान जैसी पारंपरिक फसलों की तुलना में गन्ना नकदी फसल के रूप में ज्यादा मुनाफा दे सकता है.
जहां चीनी मिल नहीं, वहां बनेगा गुड़ और गन्ना बीज
सरकार की योजना सिर्फ चीनी उत्पादन तक सीमित नहीं है. जिन इलाकों में चीनी मिलें नहीं हैं, वहां किसानों को गुड़ उत्पादन और गन्ना बीज तैयार करने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा. इससे किसानों को अतिरिक्त कमाई का मौका मिलेगा और स्थानीय स्तर पर रोजगार भी बढ़ेगा.
पहले चरण में इन इलाकों पर रहेगा फोकस
अभियान के पहले चरण में उन पंचायतों को प्राथमिकता दी जाएगी. जहां पहले से गन्ने की खेती होती रही है या जहां इसकी अच्छी संभावना है. सरकार का मानना है कि कई किसानों ने बढ़ती लागत और तकनीकी जानकारी की कमी की वजह से गन्ने की खेती छोड़ दी थी. अब पंचायत स्तर पर प्रशिक्षण और जागरूकता के जरिए उनका भरोसा दोबारा जीतने की कोशिश होगी.
एक ही मंच पर मिलेगी सरकारी योजनाओं की जानकारी
कार्यशालाओं के दौरान किसानों को विभिन्न सरकारी योजनाओं, अनुदान, बीज उपलब्धता और सिंचाई सुविधाओं की जानकारी भी दी जाएगी. इस अभियान में कृषि, सहकारिता, जल संसाधन, पंचायती राज, पर्यावरण और राजस्व विभाग के अधिकारी भी शामिल होंगे.
खरीफ सीजन से पहले शुरू होंगी कार्यशालाएं
सूत्रों के मुताबिक, आगामी खरीफ सीजन से पहले पंचायतों में चरणबद्ध तरीके से कार्यशालाएं शुरू कर दी जाएंगी. इसमें सफल और प्रगतिशील किसानों के अनुभव भी साझा किए जाएंगे ताकि दूसरे किसान भी गन्ने की खेती के लिए प्रेरित हों.
ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगी मजबूती
सरकार को उम्मीद है कि इस पहल से बिहार में गन्ना उत्पादन बढ़ेगा, किसानों की आमदनी मजबूत होगी और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नया सहारा मिलेगा. साथ ही राज्य में नए और पुराने चीनी मिलों को पर्याप्त गन्ना उपलब्ध हो सकेगा.
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