बिहार में जमीन से जुड़े काम अब होंगे हाईटेक, हर जिले में बनेगा AI सेल, 1 अप्रैल से नई व्यवस्था

Bihar News: बिहार सरकार राजस्व प्रशासन को आधुनिक बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाने जा रही है. अब जमीन और राजस्व से जुड़े कामों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का इस्तेमाल बढ़ाया जाएगा. इसके लिए राज्य के हर जिले में एआई सेल बनाया जाएगा.

Bihar News: बिहार सरकार अब राजस्व और भूमि से जुड़े कामों को और आधुनिक बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाने जा रही है. राज्य के डिप्टी सीएम सह राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने कहा है कि राजस्व प्रशासन में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) जैसी नई तकनीकों का उपयोग बढ़ाया जाएगा. इससे प्रशासनिक कामकाज तेज, पारदर्शी और अधिक प्रभावी बनेगा.

उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि तकनीक की मदद से आम लोगों को तेज, सरल और भरोसेमंद सेवाएं मिल सकें. इससे लोगों की जिंदगी आसान होगी और ‘ईज ऑफ लिविंग’ के लक्ष्य को भी मजबूती मिलेगी.

सभी जिलों में बनेगा AI सेल

राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने इस दिशा में अहम पहल की है. विभाग के अपर सचिव अजीव वत्सराज ने सभी प्रमंडलीय आयुक्तों और जिलाधिकारियों को इस संबंध में निर्देश जारी किए हैं. निर्देश के मुताबिक, राज्य के हर जिले में एक एआई सेल बनाया जाएगा.

यह सेल पांच सदस्यों का होगा और इसकी अध्यक्षता अपर समाहर्ता (राजस्व) करेंगे. इसमें जिला आईटी मैनेजर, एक भूमि सुधार उप समाहर्ता, एक अंचल अधिकारी और एक राजस्व अधिकारी सदस्य के रूप में शामिल होंगे. यह सेल जिले में एआई के उपयोग से जुड़े फैसलों और योजनाओं पर काम करेगा.

हर शनिवार को होगी बैठक

एआई सेल की बैठक हर शनिवार को आयोजित की जाएगी. यह बैठक दोपहर 3 बजे से शाम 6 बजे तक अपर समाहर्ता (राजस्व) के कार्यालय में होगी. इसमें एआई के उपयोग से जुड़े कार्यों और योजनाओं की समीक्षा की जाएगी.

अधिकारियों को दिया जाएगा प्रशिक्षण

सरकार की योजना है कि अधिकारियों और कर्मचारियों को चरणबद्ध तरीके से एआई का प्रशिक्षण (Training) दिया जाए. इसके लिए विशेष पाठ्यक्रम भी तैयार किया जाएगा. प्रशिक्षण के बाद परीक्षा आयोजित की जाएगी. जो कर्मचारी तय मानक पर खरे उतरेंगे, उन्हें जिलाधिकारी के आदेश से प्रमाणपत्र भी दिया जाएगा.

1 अप्रैल से शुरू हो सकता है एआई का उपयोग

विभाग ने लक्ष्य रखा है कि 1 अप्रैल 2026 से राजस्व प्रशासन में एआई का उपयोग शुरू कर दिया जाएगा. इसके लिए मुख्य सचिव की ओर से एआई टूल्स की सूची भी जिलों को भेजी गई है.

चैट जीपीटी के उपयोग को भी बढ़ावा

सरकार प्रशासनिक कामकाज में एआई टूल्स के उपयोग को बढ़ावा देना चाहती है. इसी क्रम में बैठकों और रोजमर्रा के कार्यों में मुफ्त एआई सहायक चैट जीपीटी के इस्तेमाल को भी प्रोत्साहित किया गया है. सरकार को उम्मीद है कि नई तकनीक के इस्तेमाल से राजस्व प्रशासन और अधिक पारदर्शी, तेज और जनहितकारी बनेगा.

Also Read: बिहार में पेट्रोल-डीजल की कोई कमी नहीं, डिप्टी सीएम बोले- ब्लैक मार्केटिंग करने वालों पर होगी कार्रवाई

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By Abhinandan pandey

भोपाल से शुरू हुई पत्रकारिता की यात्रा ने बंसल न्यूज (MP/CG) और दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अनुभव लेते हुए अब प्रभात खबर डिजिटल तक का मुकाम तय किया है. वर्तमान में पटना में कार्यरत हूं और बिहार की सामाजिक-राजनीतिक नब्ज को करीब से समझने का प्रयास कर रहा हूं. गौतम बुद्ध, चाणक्य और आर्यभट की धरती से होने का गर्व है. देश-विदेश की घटनाओं, बिहार की राजनीति, और किस्से-कहानियों में विशेष रुचि रखता हूं. डिजिटल मीडिया के नए ट्रेंड्स, टूल्स और नैरेटिव स्टाइल्स के साथ प्रयोग करना पसंद है.
Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >