Bihar Rain Alert: बिहार में इन दिनों मौसम का मिजाज बिगड़ा हुआ रह रहा है. मौसम विभाग ने संभावना जताई है कि कुछ जिलों में अगले 24 से 48 घंटे के दौरान रुक-रुक कर बारिश का दौर जारी रह सकता है. आज राज्य के उत्तर और दक्षिण-पूर्वी हिस्सों में ठनका के साथ ओले गिरने की प्रबल संभावना जताई गई है.
आज इन जिलों में येलो अलर्ट जारी
मौसम विभाग की ओर से आज 24 जिलों में येलो अलर्ट जारी किया गया है. इन जिलों में पूर्वी चंपारण, पश्चिमी चंपारण, शिवहर, सीतामढ़ी, मधुबनी, सुपौल, अररिया, किशनगंज, गोपालगंज, मुजफ्फरपुर, दरभंगा, सहरसा, मधेपुरा, पूर्णिया, सिवान, सारण, वैशाली, समस्तीपुर, खगड़िया, कटिहार, मुंगेर, भागलपुर, जमुई और बांका शामिल है.
बिहार में कब तक साफ हो सकता है मौसम?
मौसम पूर्वानुमान के मुताबिक, आंधी और बारिश का सिलसिला फिलहाल जारी रहने की संभावना है. आठ मई के बाद ही राज्य के अधिकांश हिस्सों में मौसम साफ होने की उम्मीद है. राज्य भर में अगले तीन से चार दिनों के दौरान अधिकतम तापमान में तीन से पांच डिग्री तक बढोतरी होने की संभावना है.
इसके साथ ही दो से तीन दिनों के दौरान रात में भी तीन से चार डिग्री तापमान में वृद्धि होने का पूर्वानुमान है. सबसे ज्यादा अधिकतम तापमान 33.7 डिग्री कैमूर में दर्ज किया गया. अधिकतम तापमान 29.8 से 33.7 डिग्री के बीच रहा. सबसे कम न्यूनतम तापमान 20 डिग्री गयाजी, फारबिसगंज (अररिया) और डेहरी (रोहतास) में रहा.
पटना में कैसा रहा मौसम?
पटना में बुधवार दोपहर को अचानक बादल घिरने से तेज हवा के साथ बारिश शुरू हो गई और ओले भी गिरने लगे. लगभग आधा से एक घंटा तक पटना शहर के अलग-अलग हिस्सों में हुई इस बारिश से तापमान में कमी आई और मौसम खुशनुमा बन गया. इसके बाद देर रात 10 बजे से दोबारा बादल घिरने लगे और रात 11 बजे से तेज बारिश शुरू हो गई. एक घंटे से भी अधिक चली इस बारिश से राजधानी के निचले इलाकों में कई जगह जलजमाव देखने को मिला.
गांधी मैदान में आज होगा शपथ ग्रहण
गुरुवार को गांधी मैदान में कैबिनेट का शपथ ग्रहण होना है. बारिश के बाद जमा पानी सुखाने को लेकर देर रात व्यवस्था होती रही. बारिश समाप्त होने के बाद ही गांधी मैदान से पानी की निकासी के लिए आधा दर्जन से अधिक सुपर सकर मशीन लगायी गई थीं. गांधी मैदान के बाहर जमा पानी को भी निकालने के लिए व्यापक व्यवस्था की गई. ज्यादा जमा पानी वाले इलाके में बालू डाल कर उसे दुरुस्त किया गया. जगह-जगह नाले बना कर पानी की निकासी की गई. साथ ही बैठने के लिए सोफे की व्यवस्था की गई थी.
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