Bihar Politics: बिहार की सियासत में इन दिनों बिहार के नए सीएम को लेकर चर्चा तेज है. यह भी संभावना जताई जा रही है कि खरमास के बाद राज्य में नई सरकार का गठन हो सकता है. इस बीच लगातार जेडीयू की ओर से निशांत कुमार को मुख्यमंत्री बनाए जाने की मांग की जा रही है. इसके साथ ही पटना की सड़क पर पोस्टर भी लगाए जा रहे हैं.
पोस्टर में क्या लिखा गया?
आज सीधा सीएम हाउस के बाहर जेडीयू कार्यकर्ताओं ने पोस्टर लगाया है. इस पोस्टर में लिखा- ‘बिहार में ना तो बुलडोजर बवाल और ना ही फिर से ‘दंगा-फसाद’ चाहिए. अब आपकी परछाई स्वरूप, युवा जनसेवक निशांते कुमार चाहिए.’ इस तरह से सीधा-सीधा निशांत कुमार को सीएम बनाने की मांग की गई.
11 अप्रैल को सीएम हाउस किया गया खाली
10 अप्रैल को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार राज्यसभा सांसद बने. इसके बाद 11 अप्रैल को उन्होंने सीएम हाउस खाली कर दिया. शनिवार को 1 अन्ने मार्ग से नीतीश कुमार के सामान को 7 सर्कुलर रोड में शिफ्ट किया गया. ऐसे में अब सीएम हाउस के बाद निशांत कुमार को फ्यूचर सीएम ऑफ बिहार बताते हुए पोस्टर लगाया गया है.
खरमास बाद बन सकती है नई सरकार
राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि सीएम नीतीश कुमार 13 अप्रैल को आखिरी कैबिनेट की बैठक कर सकते हैं. 14 अप्रैल को खरमास खत्म होने के बाद 15 अप्रैल को नई सरकार का गठन हो सकता है. इससे पहले सीएम फेस पर चर्चा तेज हो गई है. निशांत कुमार, सम्राट चौधरी, श्रेयसी सिंह समेत कई संभावित चेहरों के नाम लिए जा रहे हैं.
ऐसी हो सकती है नई सरकार
बिहार में नई सरकार के स्वरूप को लेकर चर्चा है कि मुख्यमंत्री का पद भाजपा को मिल सकता है. इसमें जेडीयू के दो उपमुख्यमंत्री हो सकते हैं, जिसमें उपमुख्यमंत्री का एक पद निशांत कुमार को मिल सकता है. जेडीयू कोटे के दूसरे उपमुख्यमंत्री का पद किसी वरिष्ठ को दिया जायेगा.
इसके अलावा गृह विभाग की जिम्मेवारी भी जेडीयू को मिल सकती है. भाजपा के मुख्यमंत्री समेत 16 और जेडीयू के भी इतने ही मंत्री हो सकते हैं. सहयोगी दल लोजपा (रामविलास) से दो और हम और रालोमो को एक-एक मंत्री पद मिल सकता है. साथ ही विधानसभा अध्यक्ष और विधान परिषद के सभापति के पद में भी बराबर की हिस्सेदारी हो सकेगी.
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