अब बिजली बिल से खुलेगी संपत्ति की कुंडली, गलत जानकारी दी तो लगेगा जुर्माना

Patna News : पटना नगर निगम ने प्रॉपर्टी टैक्स व्यवस्था को पारदर्शी बनाने के लिए अब शहर की सभी आवासीय और गैर-आवासीय संपत्तियों का सर्वे बिजली कनेक्शन के आधार पर करेगी. इसमें गड़बड़ी करने वालों पर सख्त कार्रवाई तय है, जिससे लाखों संपत्ति धारकों की चिंता बढ़ गई है.

Patna News : पटना नगर निगम अब बिजली कनेक्शन के डेटा को आधार बनाकर संपत्तियों का सर्वे और असेसमेंट करेगा. तेजी से फैलते शहर, सड़कों की नई श्रेणियों और सेल्फ असेसमेंट में दी गई जानकारी की बारीकी से जांच की जाएगी.

जिन लोगों ने जानबूझकर गलत विवरण दिया है, उनके खिलाफ कार्रवाई की तैयारी है. शहर की 3 लाख से ज्यादा संपत्तियां अब रडार पर हैं और एक छोटी सी गलती आपकी जेब पर भारी पड़ सकती है.

बिजली बिल बनेगा आपकी संपत्ति का एक्स-रे

पटना नगर निगम ने शहर के विस्तार और सड़कों की नई श्रेणियों को देखते हुए एक फैसला लिया है. अब नगर निगम क्षेत्र की सभी आवासीय और गैर-आवासीय संपत्तियों का मिलान बिजली कनेक्शन के डेटा से किया जाएगा.

लोग टैक्स बचाने के लिए अपनी प्रॉपर्टी का क्षेत्रफल कम बताते हैं या कमर्शियल इस्तेमाल को आवासीय घोषित कर देते हैं.अब बिजली बिल के आधार पर होने वाला यह डिजिटल सर्वे ऐसी हर चालाकी को पकड़ लेगा. जिन लोगों ने सेल्फ असेसमेंट में हेरफेर की है, उन पर निगम अब सख्त कानूनी और आर्थिक कार्रवाई की तैयारी में है.

सेल्फ असेसमेंट का ‘डेडलाइन अलर्ट’ और बंपर छूट

वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए संपत्ति कर जमा करने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है. पटनावासियों के लिए अच्छी खबर यह है कि अगर आप पहली तिमाही यानी 30 जून से पहले अपना टैक्स एकमुश्त जमा करते हैं, तो आपको कुल राशि पर 5% की सीधी छूट मिलेगी.

जुलाई से सितंबर के बीच कोई छूट नहीं मिलेगी और अक्टूबर का महीना शुरू होते ही आप ‘डिफॉल्टर’ की श्रेणी में आ जाएंगे. इसके बाद बकाया टैक्स पर हर महीने 1.5% की दर से मोटा ब्याज जोड़ना शुरू कर दिया जाएगा.

30 दिन की देरी और हजारों का जुर्माना

अगर आपने पटना नगर निगम क्षेत्र में कोई नई जमीन, फ्लैट या मकान खरीदा है, तो अब सुस्ती दिखाना महंगा पड़ सकता है. नए नियमों के मुताबिक, संपत्ति की रजिस्ट्री होने के महज 30 दिनों के भीतर उसका सेल्फ असेसमेंट कराना जरूरी है.

यदि आप इस समय सीमा को चूकते हैं, तो आवासीय संपत्ति के लिए 2,000 रुपये और कमर्शियल प्रॉपर्टी के लिए 5,000 रुपये का सीधा जुर्माना लगेगा. इतना ही नहीं, अगर आपने घर में नया निर्माण कराया है या घर को ऑफिस के रूप में इस्तेमाल करना शुरू किया है, तो आपको दोबारा असेसमेंट फॉर्म भरना होगा. ऐसा न करने पर निगम 100% पेनल्टी के साथ टैक्स वसूली करेगा.

घर बैठे ऐसे पूरा करें अपना डिजिटल असेसमेंट

नगर निगम ने टैक्स जमा करने की प्रक्रिया को अब पूरी तरह डिजिटल और पारदर्शी बना दिया है. संपत्ति कर निर्धारण के लिए https://pmc.bihar.gov.in/newptax/mobile.aspx पोर्टल पर जाकर मोबाइल नंबर से लॉगिन किया जा सकता है.

एक बार फॉर्म जमा होने के बाद आपको एक ‘एसएएस’ (SAS) नंबर मिलेगा, जिससे टैक्स भुगतान आसान हो जाएगा. इसके बाद निगम के अधिकारी आपके दावे का फिजिकल वेरिफिकेशन करेंगे और सब कुछ सही पाए जाने पर आपका स्थायी पीआईडी (PID) नंबर जारी कर दिया जाएगा.

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लेखक के बारे में

By Pratyush Prashant

महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में एम.ए. तथा जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) से मीडिया और जेंडर में एमफिल-पीएचडी के दौरान जेंडर संवेदनशीलता पर निरंतर लेखन. जेंडर विषयक लेखन के लिए लगातार तीन वर्षों तक लाडली मीडिया अवार्ड से सम्मानित रहे. The Credible History वेबसाइट और यूट्यूब चैनल के लिए कंटेंट राइटर और रिसर्चर के रूप में तीन वर्षों का अनुभव. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल, बिहार में राजनीति और समसामयिक मुद्दों पर लेखन कर रहे हैं. किताबें पढ़ने, वायलिन बजाने और कला-साहित्य में गहरी रुचि रखते हैं तथा बिहार को सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक दृष्टि से समझने में विशेष दिलचस्पी.

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