Bihar Politics: क्या जेडीयू के सांसद गिरधारी यादव की लोकसभा सदस्यता चली जाएगी? यह सवाल इसलिए हो रहा क्योंकि जेडीयू के ही नेता दिलेश्वर कामत ने उनके खिलाफ मोर्चा खोल दिया है और सांसद को अयोग्य ठहराने की मांग कर दी है. जेडीयू नेता दिलेश्वर कामत ने लोकसभा स्पीकर से जेडीयू सांसद गिरधारी यादव को अयोग्य ठहराने की मांग की है.
गिरधारी यादव पर लगा ये आरोप
जेडीयू के सूत्रों की माने तो, गिरधारी यादव पर पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल होने का आरोप है. गिरधारी यादव बिहार की बांका सीट से सांसद हैं. यह पहली बार नहीं है जब गिरधारी यादव के खिलाफ इस तरह के आरोप लगाए गए हैं. जानकारी के मुताबिक, साल 2025 में भी सांसद गिरधारी यादव को एक कारण बताओ नोटिस पार्टी की तरफ से जारी किया गया था.
क्यों भेजा गया था सांसद को नोटिस?
सांसद को यह नोटिस एसआईआर को लेकर दिए गए बयानों के बाद भेजा गया था. एसआईआर को लेकर सांसद ने जो बयान दिया था, उसे जेडीयू ने पार्टी अनुशासन का उल्लंघन माना. ऐसे में पार्टी ने उनसे जवाब मांगा था. इतना ही नहीं, सांसद की तरफ से जवाब नहीं आने पर अनुशासनात्मक कार्रवाई करने की भी बात कही गई थी. ऐसे में अब एक बार फिर गिरधारी यादव के खिलाफ मोर्चा खोल दिया गया है.
सांसद के बेटे ने राजद के टिकट पर लड़ा था चुनाव
विधानसभा चुनाव की बात करें तो, सांसद गिरधारी यादव के बेटे चाणक्य प्रकाश ने राजद के टिकट पर चुनाव लड़ा था. उन्होंने बेलहर सीट से चुनाव लड़ा था. इस सीट पर जेडीयू से मनोज यादव ने चुनाव लड़ा था और उन्होंने चाणक्य प्रकाश को हरा दिया था. जानकारी के मुताबिक, बेलहर विधानसभा सीट से गिरधारी यादव भी विधायक रह चुके हैं.
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