Bihar Police: दारोगा की लापता बेटी को नहीं तलाश पायी बिहार पुलिस, मामला अब सीबीआइ को

Bihar Police: महीनों चली जांच में बिहार पुलिस किसी नतीजे पर नहीं पहुंच पायी. यहां तक की मामले की जांच के लिए एसआइटी भी बनी, लेकिन 18 महीने बीतने के बाद भी निशा भारती का पता नहीं चला.

Bihar Police: पटना. पुलिस कांस्टेबल राकेश कुमार रंजन की गायब पुत्री निशा भारती मामले की जांच अब केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआइ) करेगी. पटना हाइकोर्ट के आदेश के बाद सीबीआइ ने इस मामले में नये सिरे से प्राथमिकी दर्ज करते हुए निरीक्षक मधुरेश कुमार सिन्हा को मामले की जांच की जिम्मेदारी दी है. 29 सितंबर, 2023 को जब पुलिस कांस्टेबल राकेश कुमार रंजन की 17 वर्षीया पुत्री निशा भारती का गोला रोड स्थित इंस्टीट्यूट से अपने घर लौटते वक्त कथित रूप से अपहरण कर लिया गया था.

किसी नतीजे पर नहीं पहुंची बिहार पुलिस

पिता ने इसकी शिकायत की तो 30 सितंबर, 2023 को रूपसपुर थाने में प्राथमिकी दर्ज की गयी, लेकिन महीनों चली जांच में पुलिस किसी नतीजे पर नहीं पहुंच पायी. यहां तक की मामले की जांच के लिए एसआइटी भी बनी, लेकिन 18 महीने बीतने के बाद भी निशा भारती का पता नहीं चला. हालांकि, निशा का फोन बाद में बरामद हुआ, लेकिन इसके आगे कोई सुराग नहीं मिल सका.

कोर्ट ने मामला सीबीआई को सौंपा

पुलिस की विफलता के बाद पिता ने हाइकोर्ट का दरवाजा खटखटाया. उन्होंने कोर्ट से मांग की कि उनकी पुत्री के अपहरण मामले की जांच सीबीआइ से करायी जाए. राकेश कुमार ने कोर्ट को बताया लंबी जांच के बाद भी संबंधित थाने की पुलिस व न ही मानव तस्करी निरोधक इकाई उनकी लापता बेटी के बारे में कोई जानकारी जुटा पायी. उन्होंने यह भी कहा कि पुलिस को सीसीटीवी फुटेज भी दिये, जिसके आधार पर तीन लोगों को गिरफ्तार भी किया गया, लेकिन पुलिस को कोई सफलता नहीं मिली.

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By Ashish Jha

डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव. लगातार कुछ अलग और बेहतर करने के साथ हर दिन कुछ न कुछ सीखने की कोशिश. वर्तमान में बंगाल में कार्यरत. बंगाल की सामाजिक-राजनीतिक नब्ज को टटोलने के लिए प्रयासरत. देश-विदेश की घटनाओं और किस्से-कहानियों में विशेष रुचि. डिजिटल मीडिया के नए ट्रेंड्स, टूल्स और नैरेटिव स्टाइल्स को सीखने की चाहत.

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